VD Satheesan ने स्पष्ट किया मंत्रियों के Foreign Visit के लिए केंद्र की अनुमति अनिवार्य

VD Satheesan ने स्पष्ट किया मंत्रियों के Foreign Visit के लिए केंद्र की अनुमति अनिवार्य

केरलम के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने बृहस्पतिवार को कहा कि मंत्री केंद्र की मंजूरी के बिना विदेश यात्रा पर नहीं जा सकते और किसी ने इस प्रक्रिया का उल्लंघन नहीं किया है। मुख्यमंत्री स्थानीय स्वशासन मंत्री के. एम. शाजी की हालिया विदेश यात्रा को लेकर संवाददाताओं के सवालों का जवाब दे रहे थे। यूरोप यात्रा के दौरान चेक गणराज्य की राजधानी प्राग की कथित तौर पर बिना अनुमति यात्रा करने को लेकर वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने उनकी आलोचना की है।

सतीशन ने कहा, ‘‘कोई भी केंद्र सरकार की मंजूरी के बिना विदेश यात्रा पर नहीं जा सकता। यही प्रक्रिया है। सभी ने इसका पालन किया है।

यदि आप (मीडिया) पाते हैं कि किसी ने इसका उल्लंघन किया है, तो हम उस समय इसकी जांच करेंगे।’’
इससे पहले दिन में माकपा के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व मंत्री के. एन. बालगोपाल ने एक टीवी चैनल से कहा कि आधिकारिक और निजी, दोनों तरह की विदेश यात्राओं के लिए मुख्यमंत्री तथा केंद्र सरकार की अनुमति जरूरी है। बालगोपाल ने कहा कि शाजी या मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि मंत्री प्राग क्यों गए थे, जबकि बताया जा रहा है कि यह शहर उनकी यूरोप यात्रा के लिए स्वीकृत कार्यक्रम में शामिल नहीं था। उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह ऐसी जगह क्यों गए, जिसके लिए अनुमति नहीं ली गई थी।

मुख्यमंत्री को उनसे इस बारे में पूछना चाहिए। उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे एक उदाहरण पेश करें, क्योंकि वे जनता के प्रतिनिधि हैं। उन्हें उसी के अनुरूप व्यवहार करना चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि यह सरकार हर मामले को हल्के में ले रही है।

बालगोपाल ने कहा कि विपक्ष ऐसे मामलों में पारदर्शिता चाहता है और जब तक सरकार या संबंधित मंत्री स्पष्टीकरण नहीं देता, तब तक वह इस मुद्दे को उठाता रहेगा। भाकपा के प्रदेश सचिव बिनॉय विश्वम ने संवाददाताओं से कहा कि विदेश यात्रा पर जाने वाले मंत्री के लिए कुछ अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी है और ऐसा नहीं करना गलत है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को अपनी मर्जी से काम करने की खुली छूट दे रखी है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह सरकार हर मोर्चे पर विफल है, क्योंकि इसे विदेश यात्राओं या महंगी कारों का खर्च उठाने वालों द्वारा नियंत्रित किया जा रहा है।’’

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