सदर अस्पताल में हाल में हुई मौतों के बाद मरीजों और उनके परिजनों के बीच फैले डर के बीच अस्पताल प्रबंधन ने स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा बनाए रखने की कोशिश की है। गुरुवार को सिजेरियन ऑपरेशन से प्रसव के बाद 10 जच्चा-बच्चा को स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सभी को घर तक पहुंचाने के लिए मुफ्त एंबुलेंस की सुविधा भी दी गई। डिस्चार्ज होने वाली महिलाओं में लक्ष्मीपुर की रौशनी कुमारी, गिद्धौर की राखी कुमारी और जमुई की मधुप्रिया कुमारी समेत अन्य प्रसूताएं शामिल थीं। प्रसूताओं और उनके परिजनों ने अस्पताल में मिली सुविधाओं और इलाज के दौरान हुई देखभाल पर संतोष जताया। गिद्धौर निवासी रौशन कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी का सिजेरियन ऑपरेशन हुआ था, जिसके बाद उन्होंने बेटे को जन्म दिया। मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उम्मीद से बेहतर सुविधाएं मिलीं। चिकित्सकों की कमी के बावजूद बेहतर इलाज का प्रयास अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. थनीष कुमार ने बताया कि प्रसूताओं और नवजातों को अस्पताल में आवश्यक देखभाल दी गई। स्वस्थ होने के बाद उन्हें छुट्टी दी गई। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की कमी के बावजूद मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उपाधीक्षक ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और इलाज के लिए बेफिक्र होकर अस्पताल आएं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, मरीजों को उपचार के साथ सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए भी जरूरी व्यवस्था की जा रही है। सदर अस्पताल में हाल में हुई मौतों के बाद मरीजों और उनके परिजनों के बीच फैले डर के बीच अस्पताल प्रबंधन ने स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा बनाए रखने की कोशिश की है। गुरुवार को सिजेरियन ऑपरेशन से प्रसव के बाद 10 जच्चा-बच्चा को स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सभी को घर तक पहुंचाने के लिए मुफ्त एंबुलेंस की सुविधा भी दी गई। डिस्चार्ज होने वाली महिलाओं में लक्ष्मीपुर की रौशनी कुमारी, गिद्धौर की राखी कुमारी और जमुई की मधुप्रिया कुमारी समेत अन्य प्रसूताएं शामिल थीं। प्रसूताओं और उनके परिजनों ने अस्पताल में मिली सुविधाओं और इलाज के दौरान हुई देखभाल पर संतोष जताया। गिद्धौर निवासी रौशन कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी का सिजेरियन ऑपरेशन हुआ था, जिसके बाद उन्होंने बेटे को जन्म दिया। मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उम्मीद से बेहतर सुविधाएं मिलीं। चिकित्सकों की कमी के बावजूद बेहतर इलाज का प्रयास अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. थनीष कुमार ने बताया कि प्रसूताओं और नवजातों को अस्पताल में आवश्यक देखभाल दी गई। स्वस्थ होने के बाद उन्हें छुट्टी दी गई। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की कमी के बावजूद मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उपाधीक्षक ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और इलाज के लिए बेफिक्र होकर अस्पताल आएं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, मरीजों को उपचार के साथ सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए भी जरूरी व्यवस्था की जा रही है।

