चाय विकास योजना में अनुदान वितरण में गड़बड़ी का आरोप:पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने कृषि मंत्री विजय सिन्हा से हाई लेवल इन्वेस्टिगेशन की मांग की

चाय विकास योजना में अनुदान वितरण में गड़बड़ी का आरोप:पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने कृषि मंत्री विजय सिन्हा से हाई लेवल इन्वेस्टिगेशन की मांग की

किशनगंज जिले में चाय विकास योजना के तहत किसानों को बांटी गई अनुदान राशि में गड़बड़ी का आरोप लगा है। कोचाधामन के पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा से उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। अनुदान राशि में गड़बड़ी की जांच कराने को कहा पूर्व विधायक ने 15 अक्टूबर 2026 को कृषि मंत्री को पत्र भेजा। इसमें किशनगंज के पोठिया समेत अन्य प्रखंडों में वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान चाय विकास योजना के तहत बांटी गई अनुदान राशि में गड़बड़ी की जांच कराने को कहा गया है। मुजाहिद आलम ने बताया कि चाय उत्पादक किसानों ने इस बारे में आवेदन दिए हैं। इन आवेदनों को पत्र के साथ लगाकर उन्होंने कृषि मंत्री से मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। चाय की खेती आजीविका का अहम जरिया उन्होंने कहा कि किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और अनुदान वितरण की प्रक्रिया की जांच हो। गड़बड़ी मिलने पर नियमों के हिसाब से कार्रवाई की जाए। किशनगंज में चाय की खेती आजीविका का अहम जरिया है। किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से मिलना चाहिए। किशनगंज जिले में चाय विकास योजना के तहत किसानों को बांटी गई अनुदान राशि में गड़बड़ी का आरोप लगा है। कोचाधामन के पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा से उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। अनुदान राशि में गड़बड़ी की जांच कराने को कहा पूर्व विधायक ने 15 अक्टूबर 2026 को कृषि मंत्री को पत्र भेजा। इसमें किशनगंज के पोठिया समेत अन्य प्रखंडों में वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान चाय विकास योजना के तहत बांटी गई अनुदान राशि में गड़बड़ी की जांच कराने को कहा गया है। मुजाहिद आलम ने बताया कि चाय उत्पादक किसानों ने इस बारे में आवेदन दिए हैं। इन आवेदनों को पत्र के साथ लगाकर उन्होंने कृषि मंत्री से मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। चाय की खेती आजीविका का अहम जरिया उन्होंने कहा कि किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और अनुदान वितरण की प्रक्रिया की जांच हो। गड़बड़ी मिलने पर नियमों के हिसाब से कार्रवाई की जाए। किशनगंज में चाय की खेती आजीविका का अहम जरिया है। किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से मिलना चाहिए।  

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