खाद्य सुरक्षा के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, अहमदाबाद खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन (FDCA) ने गुरुवार को पिराना इलाके में छापा मारा। यहाँ अहमदाबाद नगर निगम (AMC) के खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक ऐसी फैक्ट्री पर छापा मारा, जहाँ नकली टमाटर केचप बनाया जा रहा था, जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। छापेमारी के दौरान 2,000 किलो मिलावटी उत्पाद जब्त किए गए। इस बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए—जिससे त्योहारों के साथ-साथ आम दिनों में भी लोगों की सेहत को खतरा था। अधिकारियों ने भारी मात्रा में दूषित उत्पाद जब्त किए।
पिराना इलाके में स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी
AMC के खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना मिली थी कि पिराना इलाके में अवैध और अस्वच्छ तरीके से सॉस बनाने का काम चल रहा है। इस जानकारी के आधार पर, स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर छापेमारी की।
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‘टेस्टी सॉस’ फैक्ट्री पर कार्रवाई
वहां पहुंचने पर, जांच टीम को ‘टेस्टी सॉस’ नाम से चल रही एक निर्माण इकाई (मैन्युफैक्चरिंग यूनिट) मिली। स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत इस जगह को अपने कब्जे में ले लिया और वहां काम कर रहे लोगों से पूछताछ शुरू कर दी।
खाने के लिए पूरी तरह असुरक्षित सॉस का उत्पादन
फैक्ट्री परिसर और सॉस बनाने में इस्तेमाल होने वाले बर्तन बेहद गंदी हालत में थे। पूरी फैक्ट्री में ऐसा सॉस बनाया जा रहा था जो इंसानों के खाने के लिए बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं था, जिससे जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया था।
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आलू का गूदा, एसिड और रसायनों का खतरनाक मिश्रण
फैक्ट्री में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की जांच करने पर अधिकारी हैरान रह गए। ‘टोमेटो केचप’ में टमाटर का नामोनिशान तक नहीं था। यह नकली सॉस निम्नलिखित चीजों को मिलाकर बनाया जा रहा था:
आलू का गूदा: इसका इस्तेमाल सॉस को गाढ़ा करने और उसकी मात्रा बढ़ाने के लिए किया जा रहा था। स्टार्च पाउडर: इसका उपयोग सॉस की बनावट (टेक्सचर) सुधारने और मात्रा बढ़ाने के लिए किया जा रहा था।
एसिटिक एसिड: इसे सॉस में कृत्रिम खट्टा स्वाद लाने के लिए मिलाया जा रहा था।

