बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस से जुड़े एक पुराने मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अभिनेता के वकील ने सर्वोच्च अदालत को सूचित किया है कि उन्होंने कोर्ट की रजिस्ट्री में 2 करोड़ रुपये की राशि जमा कर दी है। यह पूरा मामला साल 2012 में रिलीज हुई फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़ा है, जिसे राजपाल यादव ने प्रोड्यूस किया था, लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई थी।
राजपाल यादव मामले में सुप्रीम कोर्ट का ताजा रुख क्या है?
पैसे जमा होने पर सुप्रीम कोर्ट ने संतोष जताया और दोनों पक्षों से कहा कि वे मध्यस्थता (mediation) के जरिए मामले को सुलझाने की कोशिश करें। कोर्ट ने कहा कि वह एक मध्यस्थ नियुक्त करेगा और दोनों पक्षों को निर्देश दिया कि वे तय तारीख पर उस मध्यस्थ के सामने पेश हों।
सुनवाई के दौरान, राजपाल के वकील ने कोर्ट को बताया कि अभिनेता को काम के सिलसिले में विदेश जाना है। हालांकि, उनका पासपोर्ट अभी ट्रायल कोर्ट के पास जब्त है। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से कहा है कि वह कुछ उचित शर्तों के साथ राजपाल यादव का पासपोर्ट वापस कर दे।
7 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में राजपाल यादव की सुनवाई के दौरान क्या हुआ?
सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता राजपाल यादव को निर्देश दिया था कि वे चेक बाउंस मामले में शिकायतकर्ता को दी जाने वाली बकाया रकम में से 2 करोड़ रुपये 13 अक्टूबर तक जमा करें। कोर्ट ने कहा था कि पैसे जमा होने के बाद ही वह दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर विचार करेगा।
राजपाल यादव कोर्ट में पेश हुए और 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा किया। बाकी बचे 85 लाख रुपये 13 अक्टूबर तक उनकी संपत्ति खरीदने वाले व्यक्ति के जरिए दिए जाने थे, जो सुनवाई के दौरान वहां मौजूद भी था।
बेंच ने अभिनेता के बर्ताव पर सख्त रुख अपनाया और चेतावनी दी कि अगर उन्होंने कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया, तो उनकी सजा बढ़ाई जा सकती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता को उसका पैसा मिल सके, इसके लिए पहले भी कई बार समय (एक्सटेंशन) दिया जा चुका है। कोर्ट ने टिप्पणी की, “कानून का इस्तेमाल इस तरह से नहीं किया जाना चाहिए।”
सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को भुगतान को लेकर चेतावनी दी थी
कोर्ट ने कहा कि पैसे जमा करने का निर्देश इसलिए दिया गया था ताकि शिकायतकर्ता को मिलने वाली रकम सुरक्षित हो सके। अदालत ने यह भी कहा कि अभिनेता का बर्ताव उसे संतोषजनक नहीं लगा।
यादव के वकील ने अदालत को बताया कि उन्होंने भुगतान करने के लिए रजिस्ट्री से संपर्क किया था, लेकिन उन्हें बताया गया कि RTGS के जरिए भुगतान स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसके बाद अभिनेता 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट लेकर आए, जिसे अदालत ने रजिस्ट्री में जमा करने का निर्देश दिया।
बाकी बचे 85 लाख रुपये के बारे में उनके वकील ने कहा कि यादव की संपत्ति का एक खरीदार अदालत में मौजूद है और सौदा पूरा होने पर यह रकम चुका दी जाएगी।
राजपाल यादव ने इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। उन्हें चेक बाउंस होने के सात मामलों में दोषी ठहराया गया था।

