मध्य प्रदेश में वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने के लिए रैली निकाली। दोपहर में चेतक ब्रिज पर धरने पर बैठे अभ्यर्थी लगातार नारेबाजी करते हुए रोशनपुरा चौराहे पहुंचे। यहां पुलिस ने उन्हें रोक दिया। अभ्यर्थी पदवृद्धि की मांग पर अड़े हैं। उनका कहना है कि जब तक पद बढ़ाने का आदेश जारी नहीं होता, वे आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। आंदोलन के 28वें दिन अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री निवास तक पहुंचने का ऐलान किया था। इसके लिए डीपीआई के बाहर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जुटे। इसके बाद वे रैली के रूप में आगे बढ़े। रास्ते में चेतक ब्रिज पर धरना देने के बाद अभ्यर्थी एमपी नगर की ओर से रोशनपुरा पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। ‘पदवृद्धि का आदेश लेकर ही जाएंगे’ अभ्यर्थी ईशान श्रीवास्तव ने आंदोलनकारियों से मुख्यमंत्री निवास घेराव के लिए डीपीआई पहुंचने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर को अभ्यर्थी रैली के माध्यम से मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। श्रीवास्तव ने कहा कि वे अपनी मांग पूरी होने तक वहां से नहीं हटेंगे। उनके मुताबिक, जब तक पदवृद्धि का आदेश जारी नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। नरेंद्र राजपूत बोले- भोपाल को भर देंगे आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री निवास घेराव की तैयारी पूरी है और पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंच चुका है। उन्होंने साथियों से बड़ी संख्या में जुटने की अपील करते हुए कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो भोपाल को अभ्यर्थियों से भर दिया जाएगा। सात दिन से निर्जल अनशन पर हैं नरेंद्र राजगढ़ जिले के ब्यावरा निवासी नरेंद्र राजपूत पदवृद्धि की मांग को लेकर सात दिन से निर्जल भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इससे पहले उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी तबीयत बिगड़ने के बावजूद समय पर चिकित्सकीय जांच नहीं हुई। आंदोलनकारी इससे पहले खून से पत्र लिखकर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल और राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु की अनुमति भी मांग चुके हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले कई महीनों से भर्ती में पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि सीमित पदों के कारण परीक्षा में सफल कई उम्मीदवारों को नियुक्ति का अवसर नहीं मिल पा रहा है। अब आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री निवास के घेराव के जरिए सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की है।

