दरभंगा के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश उपेंद्र कुमार की अदालत ने पप्पू कमती हत्याकांड में दो दोषियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10-10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने बुधवार को सकतपुर थाना कांड संख्या 32/22 से जुड़े सत्रवाद संख्या 611/22 में यह फैसला सुनाया। दोषियों की पहचान उजान गढ़टोल गांव निवासी दीपक कमती और गंगा कमती के तौर पर हुई है। घटना के समय से ही दोनों जेल में बंद हैं। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि 5 अक्टूबर को ही दोनों को कोर्ट ने दोषी करार दिया था। सजा की अवधि निर्धारित करने के बिंदु पर अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने और अभिलेख पर उपलब्ध साक्ष्यों का गहन अवलोकन करने के बाद सजा सुनाई गई। आंगन में घुसकर छुरा मारकर की थी हत्या अभियोजन के अनुसार, घटना 12 मई 2022 की रात करीब तीन बजे की है। आरोप था कि दोनों अभियुक्त उजान गढ़टोल गांव निवासी प्रभु कमती के घर के आंगन में घुस गए और उनके 32 वर्षीय पुत्र पप्पू कमती पर छुरे से हमला कर दिया। इस हमले में पप्पू कमती की मौत हो गई थी। घटना के बाद मृतक के पिता प्रभु कमती के बयान पर सकतपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद दोनों अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। इसके बाद 23 दिसंबर 2022 को अदालत में दोनों के खिलाफ आरोप गठित किए गए। मामले में 19 लोगों की गवाही हुई मामले के विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अनुसंधानकर्ता (आईओ), चिकित्सक सहित कुल 10 गवाहों की गवाही कराई गई। न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर अदालत ने दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराया। इसके बाद बुधवार को सजा सुनाई गई। दरभंगा के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश उपेंद्र कुमार की अदालत ने पप्पू कमती हत्याकांड में दो दोषियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10-10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने बुधवार को सकतपुर थाना कांड संख्या 32/22 से जुड़े सत्रवाद संख्या 611/22 में यह फैसला सुनाया। दोषियों की पहचान उजान गढ़टोल गांव निवासी दीपक कमती और गंगा कमती के तौर पर हुई है। घटना के समय से ही दोनों जेल में बंद हैं। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि 5 अक्टूबर को ही दोनों को कोर्ट ने दोषी करार दिया था। सजा की अवधि निर्धारित करने के बिंदु पर अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने और अभिलेख पर उपलब्ध साक्ष्यों का गहन अवलोकन करने के बाद सजा सुनाई गई। आंगन में घुसकर छुरा मारकर की थी हत्या अभियोजन के अनुसार, घटना 12 मई 2022 की रात करीब तीन बजे की है। आरोप था कि दोनों अभियुक्त उजान गढ़टोल गांव निवासी प्रभु कमती के घर के आंगन में घुस गए और उनके 32 वर्षीय पुत्र पप्पू कमती पर छुरे से हमला कर दिया। इस हमले में पप्पू कमती की मौत हो गई थी। घटना के बाद मृतक के पिता प्रभु कमती के बयान पर सकतपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद दोनों अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। इसके बाद 23 दिसंबर 2022 को अदालत में दोनों के खिलाफ आरोप गठित किए गए। मामले में 19 लोगों की गवाही हुई मामले के विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अनुसंधानकर्ता (आईओ), चिकित्सक सहित कुल 10 गवाहों की गवाही कराई गई। न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर अदालत ने दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराया। इसके बाद बुधवार को सजा सुनाई गई।

