अनूपपुर जिले के अमरकंटक स्थित शिवदावा आश्रम के संत अलबेले भोलगिरी खड़ेश्वरी महाराज की हत्या के मामले में राजेंद्रग्राम कोर्ट ने मुख्य आरोपी वीरेंद्र सिंह खटेट को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। 14 अगस्त 2024 को हुई थी संत की हत्या संत अलबेले भोलगिरी खड़ेश्वरी महाराज की 14 अगस्त 2024 को हत्या हुई थी। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी वीरेंद्र सिंह को झारखंड के जमशेदपुर से गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, वह वारदात के बाद नेपाल भागने की कोशिश में था। महिला के साथ आश्रम पहुंचा था आरोपी सरकारी वकील नरेंद्र दास महरा ने बताया कि संत शराब और गलत व्यवहार का विरोध करते थे। यह बात वीरेंद्र सिंह को पसंद नहीं थी। इसी दुश्मनी के चलते हत्या की गई। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी एक महिला के साथ आश्रम पहुंचा था। संत की आपत्ति के बाद दोनों के बीच विवाद हुआ। इसके बाद आरोपी ने गुस्से में संत का गला घोंट दिया। BNS की धारा 103(1) के तहत सुनाई सजा अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। सजा सुनाने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।

