भिंड के नए कलेक्टर बने पवन कुमार जैन:किरोड़ी लाल मीणा को हटाकर भोपाल भेजा गया, आर्म्स लाइसेंस विवाद और चर्चाओं के बीच हुआ ट्रांसफर

भिंड के नए कलेक्टर बने पवन कुमार जैन:किरोड़ी लाल मीणा को हटाकर भोपाल भेजा गया, आर्म्स लाइसेंस विवाद और चर्चाओं के बीच हुआ ट्रांसफर

मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार देर रात आईएएस अधिकारियों की तबादला सूची जारी की है। इसमें भिंड के कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा को हटाकर भोपाल में वित्त विभाग का उप सचिव बनाया गया है। उनकी जगह 2013 बैच के आईएएस अधिकारी पवन कुमार जैन को भिंड का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वे इससे पहले सहकारिता विभाग में उप सचिव पद पर पदस्थ थे। अब उन पर जिले की व्यवस्था सुधारने और जनता की समस्याओं का जल्द निपटारा करने की जिम्मेदारी होगी। 366 दिन का कार्यकाल, कई मुद्दों पर रहा विवाद किरोड़ी लाल मीणा ने 3 अक्टूबर 2025 को भिंड कलेक्टर का पदभार संभाला था। वे 366 दिन तक जिले में कलेक्टर रहे। उनके कार्यकाल को मिला-जुला माना जा सकता है। इस दौरान कोई ऐसी बड़ी उपलब्धि सामने नहीं आई, जिसे जिले के प्रशासनिक परिदृश्य में निर्णायक बदलाव के तौर पर गिनाया जा सके। दूसरी ओर, जनप्रतिनिधियों के साथ तालमेल की कमी और आर्म्स लाइसेंस से जुड़ा विवाद लगातार चर्चा में रहा। बताया जाता है कि जिले के कुछ जनप्रतिनिधि कलेक्टर की कार्यशैली को लेकर वरिष्ठ स्तर पर शिकायतें करते रहे। पिछले दो महीने से उनके तबादले की अटकलें भी तेज थीं। एक साल का कार्यकाल पूरा होने के आसपास तबादले के संकेत मिलने की चर्चाएं थीं। हालांकि, तबादले की आधिकारिक वजह सरकार की ओर से स्पष्ट नहीं की गई है। आर्म्स लाइसेंस निरस्त करने का मामला बना चर्चा का विषय किरोड़ी लाल मीणा के कार्यकाल में फर्जी आर्म्स लाइसेंस का मामला भी सुर्खियों में रहा। पूर्व कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के कार्यकाल में जिले के प्रमुख लोगों के 25 आर्म्स लाइसेंस स्वीकृत किए जाने के बाद किरोड़ी लाल मीणा ने इन लाइसेंसों की स्वीकृति निरस्त कर दी थी। इसके बाद यह मामला विवादों में आ गया। इस प्रकरण से जुड़े प्रशासनिक पहलुओं की जांच और कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठते रहे। लाइसेंस शाखा पर ताला, आवेदक काटते रहे चक्कर कलेक्ट्रेट की आर्म्स लाइसेंस शाखा में फर्जी लाइसेंस का खुलासा हुआ जिसमें आर्म्स शाखा में दलालोंं की पैठ व शाखा की महिला क्लर्क की संलिप्तता सामने आई थी। इस कारण से पिछले एक साल से ताला है। लाइसेंस संबंधी काम कराने और अपने आवेदनों पर निर्णय की उम्मीद में कई आवेदक कलेक्ट्रेट के चक्कर लगाते रहे। फर्जीवाड़े में संलिप्त लोगों और जांच करके विभाग को पटरी फर लाना गहरी चुनौती रहेगी। नए कलेक्टर से जिले को उम्मीदें अब भिंड की प्रशासनिक कमान पवन कुमार जैन के हाथों में होगी। सहकारिता विभाग में उप सचिव के रूप में जिम्मेदारी निभाने के बाद उन्हें जिले की कमान सौंपी गई है। उनके सामने जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने, लंबित शिकायतों का निराकरण करने और आम नागरिकों को कलेक्ट्रेट से जुड़ी सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने की अपेक्षाएं रहेंगी। जिलेवासियों की निगाहें अब नए कलेक्टर की कार्यशैली पर टिकी हैं।

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