पटना के कुम्हरार रेलवे ट्रैक पर 9 अक्टूबर को मिले युवती और युवक के शव के मामले में पुलिस को बैंक ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली है। युवती और उसके परिजनों के बैंक खातों की डिटेल संबंधित बैंक शाखा से प्राप्त कर ली गई है। बैंक से मिली जानकारी के अनुसार, केवल 20 हजार रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है। मृत युवती की पहचान कंकड़बाग इलाके की शैली कुमारी के रूप में हुई थी। वह 5 अक्टूबर को घर से निकली थी, जिसके बाद लापता हो गई थी। वहीं, मृत युवक की पहचान अब तक नहीं हुई है। शुरुआती जांच में तकनीकी इनपुट के आधार पर उसकी लोकेशन पहले दीघा, फिर भागलपुर और 8 अक्टूबर को पटना में मिली थी। इसके अगले दिन कुम्हरार रेलवे ट्रैक पर युवती और युवक के शव बरामद हुए। पुलिस अब बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। गेमिंग ऐप पर सक्रिय थी युवती पुलिस के अनुसार युवती जिस सिम कार्ड का इस्तेमाल कर रही थी, वह लापता होने के बाद पटना में बंद हुआ था। तकनीकी जांच के आधार पर लोकेशन और ट्रैवल हिस्ट्री की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने बैंक से भी युवती के खाते की जानकारी मांगी है। परिजनों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि युवती एक गेमिंग ऐप पर सक्रिय थी। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।
बैंक से खाते की डिटेल मांगी शुरुआत में परिजनों को लगा था कि युवती ने पिता के खाते से 80 हजार रुपए निकाले हैं। हालांकि, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने बैंक से खाते की डिटेल मांगी है और फिलहाल बैंक रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। बैंक डिटेल्स मिलने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि खाते से कितनी राशि निकाली गई थी और पैसे किसने निकाले। परिजन का कहना है थाना की ओर से लापरवाही हुई है मनोज कुमार मृतका के चचेरे भाई ने बताया था कि, फॉर्म भरने के लिए घर से NIT आई थी। उसके बाद गुमशुदा हो गई। दोस्त यार से पता करने पर भी कुछ नहीं पता चला। परिजन थाने की लापरवाही इसमें मान रहे हैं। भाई का कहना है कि आखिरी 3 दिन लड़की कहां रही। इसका पता क्यों नहीं लगाया गया। भाई ने यह भी बताया कि ऑनलाइन काफी एक्टिव थी। गुमशुदा होने के बाद दुबई से भी एक कॉल आया था। जिसमें समाने वाले ने कहा कि दुबई से बोल रहा हूं। 10000 रुपए शैली लोन ली है। भेजिए नहीं तो लीगल एक्शन लिया जाएगा। पिता संजीव कुमार प्रजापति महावीर आरोग्य संस्थान में कर्मचारी हैं। उनका कहना है कि बेटी की हत्या हुई है। मारकर रेलवे ट्रैक पर फेंका गया है। तीन बच्चों में बेटी सबसे बड़ी थी। थाने की लापरवाही है, जो मेरी बेटी को खोज नहीं पाई। पटना के कुम्हरार रेलवे ट्रैक पर 9 अक्टूबर को मिले युवती और युवक के शव के मामले में पुलिस को बैंक ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली है। युवती और उसके परिजनों के बैंक खातों की डिटेल संबंधित बैंक शाखा से प्राप्त कर ली गई है। बैंक से मिली जानकारी के अनुसार, केवल 20 हजार रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है। मृत युवती की पहचान कंकड़बाग इलाके की शैली कुमारी के रूप में हुई थी। वह 5 अक्टूबर को घर से निकली थी, जिसके बाद लापता हो गई थी। वहीं, मृत युवक की पहचान अब तक नहीं हुई है। शुरुआती जांच में तकनीकी इनपुट के आधार पर उसकी लोकेशन पहले दीघा, फिर भागलपुर और 8 अक्टूबर को पटना में मिली थी। इसके अगले दिन कुम्हरार रेलवे ट्रैक पर युवती और युवक के शव बरामद हुए। पुलिस अब बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। गेमिंग ऐप पर सक्रिय थी युवती पुलिस के अनुसार युवती जिस सिम कार्ड का इस्तेमाल कर रही थी, वह लापता होने के बाद पटना में बंद हुआ था। तकनीकी जांच के आधार पर लोकेशन और ट्रैवल हिस्ट्री की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने बैंक से भी युवती के खाते की जानकारी मांगी है। परिजनों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि युवती एक गेमिंग ऐप पर सक्रिय थी। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।
बैंक से खाते की डिटेल मांगी शुरुआत में परिजनों को लगा था कि युवती ने पिता के खाते से 80 हजार रुपए निकाले हैं। हालांकि, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने बैंक से खाते की डिटेल मांगी है और फिलहाल बैंक रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। बैंक डिटेल्स मिलने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि खाते से कितनी राशि निकाली गई थी और पैसे किसने निकाले। परिजन का कहना है थाना की ओर से लापरवाही हुई है मनोज कुमार मृतका के चचेरे भाई ने बताया था कि, फॉर्म भरने के लिए घर से NIT आई थी। उसके बाद गुमशुदा हो गई। दोस्त यार से पता करने पर भी कुछ नहीं पता चला। परिजन थाने की लापरवाही इसमें मान रहे हैं। भाई का कहना है कि आखिरी 3 दिन लड़की कहां रही। इसका पता क्यों नहीं लगाया गया। भाई ने यह भी बताया कि ऑनलाइन काफी एक्टिव थी। गुमशुदा होने के बाद दुबई से भी एक कॉल आया था। जिसमें समाने वाले ने कहा कि दुबई से बोल रहा हूं। 10000 रुपए शैली लोन ली है। भेजिए नहीं तो लीगल एक्शन लिया जाएगा। पिता संजीव कुमार प्रजापति महावीर आरोग्य संस्थान में कर्मचारी हैं। उनका कहना है कि बेटी की हत्या हुई है। मारकर रेलवे ट्रैक पर फेंका गया है। तीन बच्चों में बेटी सबसे बड़ी थी। थाने की लापरवाही है, जो मेरी बेटी को खोज नहीं पाई।

