गयाजी में रेल अधिकारी-सुरक्षा बल सम्मानित:16 दिन तक लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ संभाली, स्टेशन अधीक्षक-आरपीएफ प्रभारी को भी सम्मान

गयाजी में रेल अधिकारी-सुरक्षा बल सम्मानित:16 दिन तक लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ संभाली, स्टेशन अधीक्षक-आरपीएफ प्रभारी को भी सम्मान

पितृपक्ष मेले में 16 दिनों तक गयाजी जंक्शन पर श्रद्धालुओं की लगातार आवाजाही बनी रही। देश-विदेश के अलग-अलग हिस्सों से पिंडदान करने पहुंचे लोगों की भीड़ के बीच सुरक्षा, सुगम आवागमन और साफ-सफाई की व्यवस्था बनाए रखना रेल प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती थी। पितृपक्ष मेला सफलतापूर्वक संपन्न होने पर बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने बेहतर काम करने वाले रेल अधिकारियों और सुरक्षा बल के अधिकारियों को मंगलवार देर शाम सम्मानित किया। स्टेशन अधीक्षक समेत अन्य रेल अधिकारियों का उत्साह भी बढ़ाया। वहीं, रेलवे सुरक्षा बल स्टेशन सुपरिटेंडेंट विनोद कुमार सिंह व आरपीएफ पोस्ट गया के प्रभारी बनारसी यादव को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। भीड़ के बीच सुरक्षा संभालने में निभाई अहम भूमिका पितृपक्ष मेला 2026 के दौरान गयाजी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना जरूरी था। रेलवे सुरक्षा बल और रेलवे सुरक्षा विशेष बल के जवानों ने भीड़ नियंत्रण, यात्रियों की सुरक्षा और जरूरतमंद श्रद्धालुओं को सहायता उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संभाली। RPF की इसी भूमिका को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने निरीक्षक प्रभारी बनारसी यादव को सम्मानित किया। य स्टेशन व्यवस्था संभालने वाले अधिकारी भी सम्मानित श्रद्धालुओं की यात्रा को सुविधाजनक बनाने में स्टेशन अधीक्षक और अन्य रेल अधिकारियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। स्टेशन परिसर में साफ-सफाई, यात्रियों की आवाजाही और जरूरी सुविधाओं के संचालन जैसी जिम्मेदारियों के बीच व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए गए। डॉ. प्रेम कुमार ने इन अधिकारियों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया और उनका मनोबल बढ़ाया। बेहतर काम को मिली पहचान गयाजी में पितृपक्ष मेला देशभर के श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। इस दौरान रेलवे स्टेशन पर सामान्य दिनों की तुलना में यात्रियों का दबाव बढ़ जाता है। रेलवे के डाटा के अनुसार हर दिन 65 से 70 हजार तीर्थयात्री रेल मार्ग से गयाजी स्टेशन पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा बल और रेल प्रशासन के बीच समन्वय के साथ काम करना जरूरी होता है। ताकि हर एक यात्री को बेहतर सुविधा के साथ सुरक्षा भी मिल सके। ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि रेल के अधिकारी और कर्मी के साथ साथ आरपीएफ ने सलीके से अपनी जिम्मेदारी निभाई है जिसकी सरहाना हर स्तर पर हो रही है। कहा यह एक चुनौतीपूर्ण अवसर होता है जिसमें खुद को बेहतर साबित करने का मौका मिलता है। पितृपक्ष मेले में 16 दिनों तक गयाजी जंक्शन पर श्रद्धालुओं की लगातार आवाजाही बनी रही। देश-विदेश के अलग-अलग हिस्सों से पिंडदान करने पहुंचे लोगों की भीड़ के बीच सुरक्षा, सुगम आवागमन और साफ-सफाई की व्यवस्था बनाए रखना रेल प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती थी। पितृपक्ष मेला सफलतापूर्वक संपन्न होने पर बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने बेहतर काम करने वाले रेल अधिकारियों और सुरक्षा बल के अधिकारियों को मंगलवार देर शाम सम्मानित किया। स्टेशन अधीक्षक समेत अन्य रेल अधिकारियों का उत्साह भी बढ़ाया। वहीं, रेलवे सुरक्षा बल स्टेशन सुपरिटेंडेंट विनोद कुमार सिंह व आरपीएफ पोस्ट गया के प्रभारी बनारसी यादव को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। भीड़ के बीच सुरक्षा संभालने में निभाई अहम भूमिका पितृपक्ष मेला 2026 के दौरान गयाजी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना जरूरी था। रेलवे सुरक्षा बल और रेलवे सुरक्षा विशेष बल के जवानों ने भीड़ नियंत्रण, यात्रियों की सुरक्षा और जरूरतमंद श्रद्धालुओं को सहायता उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संभाली। RPF की इसी भूमिका को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने निरीक्षक प्रभारी बनारसी यादव को सम्मानित किया। य स्टेशन व्यवस्था संभालने वाले अधिकारी भी सम्मानित श्रद्धालुओं की यात्रा को सुविधाजनक बनाने में स्टेशन अधीक्षक और अन्य रेल अधिकारियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। स्टेशन परिसर में साफ-सफाई, यात्रियों की आवाजाही और जरूरी सुविधाओं के संचालन जैसी जिम्मेदारियों के बीच व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए गए। डॉ. प्रेम कुमार ने इन अधिकारियों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया और उनका मनोबल बढ़ाया। बेहतर काम को मिली पहचान गयाजी में पितृपक्ष मेला देशभर के श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। इस दौरान रेलवे स्टेशन पर सामान्य दिनों की तुलना में यात्रियों का दबाव बढ़ जाता है। रेलवे के डाटा के अनुसार हर दिन 65 से 70 हजार तीर्थयात्री रेल मार्ग से गयाजी स्टेशन पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा बल और रेल प्रशासन के बीच समन्वय के साथ काम करना जरूरी होता है। ताकि हर एक यात्री को बेहतर सुविधा के साथ सुरक्षा भी मिल सके। ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि रेल के अधिकारी और कर्मी के साथ साथ आरपीएफ ने सलीके से अपनी जिम्मेदारी निभाई है जिसकी सरहाना हर स्तर पर हो रही है। कहा यह एक चुनौतीपूर्ण अवसर होता है जिसमें खुद को बेहतर साबित करने का मौका मिलता है।  

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