इंटरनेशनल क्रिकेट में भी फुटबॉल जैसा डिविजन सिस्टम हो- गावस्कर:कहा- रणजी में भी प्लेट और एलीट टीमों के रिकॉर्ड अलग हों

इंटरनेशनल क्रिकेट में भी फुटबॉल जैसा डिविजन सिस्टम हो- गावस्कर:कहा- रणजी में भी प्लेट और एलीट टीमों के रिकॉर्ड अलग हों

दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने इंटरनेशनल क्रिकेट में फुटबॉल जैसा डिविजन सिस्टम लागू करने की मांग की है। गावस्कर ने कहा- ‘अलग-अलग लेवल की टीमों के मैचों के रिकॉर्ड एक जैसे नहीं माने जाने चाहिए।’ दरअसल, 9 अक्टूबर को मंगोलिया T20 वर्ल्ड कप सब-रीजनल एशिया क्वालिफायर-ए में थाईलैंड के खिलाफ 196 रन का पीछा करते हुए 13 रन पर सिमट गई थी। इस गावस्कर ने मिड-डे पर कॉलम लिखा। गावस्कर ने कॉलम में 2 उदाहरण दिए गावस्कर ने क्या-क्या लिखा, पढ़िए… फुटबॉल की तरह प्रमोट और रेलिगेट करने का सुझाव दिया गावस्कर ने फुटबॉल लीग का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां अलग-अलग डिविजन होते हैं। सीजन के अंत में टीमों का प्रमोशन और रेलिगेशन होता है। उन्होंने लिखा, ‘जो भी रिकॉर्ड बनते हैं, उनके बारे में यह बताया जाता है कि वे किस डिविजन में बने हैं।’ उन्होंने कहा कि देश जिस डिविजन में खेल रहे हों, उसके आधार पर रिकॉर्ड का अंतर सभी को साफ दिखना चाहिए। रणजी ट्रॉफी में भी अलग रिकॉर्ड की बात गावस्कर ने रणजी ट्रॉफी के रिकॉर्ड को लेकर भी ऐसी ही व्यवस्था पर विचार करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्लेट ग्रुप में बने रिकॉर्ड को मजबूत विपक्षी टीमों के खिलाफ बने रिकॉर्ड से आगे नहीं निकलना चाहिए। उन्होंने लिखा, ‘ज्यादातर नई राज्य टीमों के पास बुनियादी ढांचा भी नहीं था। इसलिए उन्होंने दूसरे राज्यों के ऐसे खिलाड़ियों को शामिल किया, जिन्हें अपनी घरेलू राज्य टीमों में जगह नहीं मिल पाई थी।’ ——————————————– दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने इंटरनेशनल क्रिकेट में फुटबॉल जैसा डिविजन सिस्टम लागू करने की मांग की है। गावस्कर ने कहा- ‘अलग-अलग लेवल की टीमों के मैचों के रिकॉर्ड एक जैसे नहीं माने जाने चाहिए।’ दरअसल, 9 अक्टूबर को मंगोलिया T20 वर्ल्ड कप सब-रीजनल एशिया क्वालिफायर-ए में थाईलैंड के खिलाफ 196 रन का पीछा करते हुए 13 रन पर सिमट गई थी। इस गावस्कर ने मिड-डे पर कॉलम लिखा। गावस्कर ने कॉलम में 2 उदाहरण दिए गावस्कर ने क्या-क्या लिखा, पढ़िए… फुटबॉल की तरह प्रमोट और रेलिगेट करने का सुझाव दिया गावस्कर ने फुटबॉल लीग का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां अलग-अलग डिविजन होते हैं। सीजन के अंत में टीमों का प्रमोशन और रेलिगेशन होता है। उन्होंने लिखा, ‘जो भी रिकॉर्ड बनते हैं, उनके बारे में यह बताया जाता है कि वे किस डिविजन में बने हैं।’ उन्होंने कहा कि देश जिस डिविजन में खेल रहे हों, उसके आधार पर रिकॉर्ड का अंतर सभी को साफ दिखना चाहिए। रणजी ट्रॉफी में भी अलग रिकॉर्ड की बात गावस्कर ने रणजी ट्रॉफी के रिकॉर्ड को लेकर भी ऐसी ही व्यवस्था पर विचार करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्लेट ग्रुप में बने रिकॉर्ड को मजबूत विपक्षी टीमों के खिलाफ बने रिकॉर्ड से आगे नहीं निकलना चाहिए। उन्होंने लिखा, ‘ज्यादातर नई राज्य टीमों के पास बुनियादी ढांचा भी नहीं था। इसलिए उन्होंने दूसरे राज्यों के ऐसे खिलाड़ियों को शामिल किया, जिन्हें अपनी घरेलू राज्य टीमों में जगह नहीं मिल पाई थी।’ ——————————————–

​स्पोर्ट्स | दैनिक भास्कर

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