Madras High Court Verdict: मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु विधानसभा स्पीकर के उस फैसले को सही ठहराया है, जिसमें उन्होंने AIADMK छोड़कर अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) में शामिल होने वाले विधायकों के इस्तीफे स्वीकार किए थे। चीफ जस्टिस एस.ए. धर्माधिकारी और जस्टिस जी. अरुल मुरुगन की बेंच ने माना कि विधायकों के इस्तीफे वास्तविक थे और स्पीकर से इस्तीफ़े की प्रक्रिया की विस्तृत जांच करने की उम्मीद नहीं की जा सकती थी। हालांकि, कोर्ट ने साफ किया कि विधायकों के इस्तीफे स्वीकार करने से उनके खिलाफ चल रही अयोग्यता की कार्यवाही खत्म नहीं होगी। बेंच ने विधानसभा स्पीकर को निर्देश दिया कि वे इस कार्यवाही को दो महीने के भीतर पूरा करें।
चुनाव के बाद AIADMK छोड़कर TVK में शामिल हुए विधायक
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई 2026 को घोषित किए गए थे। पूर्व अभिनेता विजय की पार्टी TVK सबसे ज्यादा वोट पाने वाली पार्टी बनकर उभरी। हालांकि, पार्टी ने 108 सीटें जीतीं, जो सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 सीटों के बहुमत के आंकड़े से कम थीं। इसके बाद TVK ने दूसरी पार्टियों से समर्थन हासिल किया। 13 मई को विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग हुई, जिसमें सरकार के पक्ष में 144 वोट पड़े।
AIADMK के अनुसार, पार्टी ने 11 मई को अपने विधायकों को व्हिप जारी करके अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ वोट करने का निर्देश दिया था। लेकिन 13 मई को पार्टी के निर्देश के उलट 25 विधायकों ने TVK के पक्ष में वोट किया। इसके बाद, 14 मई को संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत उनके खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही शुरू की गई।
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