मोरवा| शारदीय नवरात्र के प्रारंभ होते ही प्रखंड क्षेत्र में भक्ति और आस्था का माहौल छा गया है। विभिन्न गांवों के मंदिरों और पूजा पंडालों में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना, दीप प्रज्वलन और आरती के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। सुबह से ही घरों और मंदिरों में दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जा रहा है, वहीं शाम होते ही आरती समारोह में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।मां दुर्गा के जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा है। मंदिरों और पूजा पंडालों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों से गूंज रहे भक्ति गीत और महामंत्र श्रद्धालुओं में उत्साह भर रहे हैं। पुरुष लाल और पीले वस्त्र धारण कर पूजा-पाठ में लीन हैं, जबकि महिलाएं पारंपरिक साड़ी पहनकर मां की आराधना कर रही हैं। घर-घर में पूजा-अर्चना के साथ मंदिरों और पंडालों में भी विधि-विधान से धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। शाम के समय मंदिरों और पूजा पंडालों में विशेष रौनक देखने को मिल रही है। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं पूरे उत्साह के साथ आरती समारोह में शामिल होकर मां दुर्गा की आराधना कर रहे हैं। इस दौरान ‘या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः’ मंत्र से वातावरण गूंजायमान हो रहा है। श्रद्धालु भक्तिभाव से आरती गाते हुए मां दुर्गा से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं।नवरात्र को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह है। पूजा-पंडालों और मंदिरों में श्रद्धालुओं की बढ़ती भागीदारी से क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का माहौल बना हुआ है। मौके पर पं. संतोष कुमार झा, सतेन्द्र मिश्र, राजीव कुमार चौधरी, सत्य नारायण चौधरी, अजय कुमार चौधरी रमण, विजय चौधरी, अजीत कुमार चौधरी, अनिल कुमार चौधरी, नरेंद्र कुमार चौधरी, अभयकांत चौधरी, विनय कुमार चौधरी, कनक कुमार चौधरी आदि उपस्थित थे। सिटी रिपोर्टर |समस्तीपुर शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन सोमवार को जिलेभर में मां दुर्गा के द्वितीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही जिले के देवी मंदिरों और पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और घंटियों की मधुर ध्वनि के बीच भक्तों ने माता रानी की आराधना कर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। मंदिरों में गूंजते ‘जय माता दी’ के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। नवरात्र के दूसरे दिन पूजा पंडालों में आचार्यों एवं पंडितों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मां ब्रह्मचारिणी का आह्वान कर विधिवत पूजा संपन्न कराई। श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में पुष्प, अक्षत, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित किए। इस दौरान ‘या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नमः’ मंत्र की गूंज से देवी मंदिरों का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। जिला मुख्यालय के बड़ी दुर्गा स्थान, बारह पत्थर, स्टेशन रोड, मगरदही घाट, बस स्टैंड, स्टेडियम मार्केट, मोहनपुर रोड, जितवारपुर और रेलवे कॉलोनी सहित विभिन्न स्थानों के देवी मंदिरों एवं पूजा पंडालों में माता रानी की आराधना का सिलसिला जारी रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में भी श्रद्धालुओं ने घरों और मंदिरों में स्थापित कलश के समक्ष पूजा-अर्चना की। संध्या आरती और दीपदान से जगमगाए देवी मंदिर : नवरात्र को लेकर सुबह की पूजा के साथ संध्या आरती का भी विशेष महत्व है। शाम होते ही महिला श्रद्धालु देवी मंदिरों में दीपदान के लिए पहुंच रही हैं। मां भगवती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर परिवार की खुशहाली और मंगल की कामना की जा रही है। मंदिरों में लगातार हो रहे दुर्गा सप्तशती पाठ, देवी स्तुति और भक्ति गीतों से जिले का माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है। नौ दिनों तक चलने वाले शक्ति की उपासना के इस महापर्व को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। मोरवा| शारदीय नवरात्र के प्रारंभ होते ही प्रखंड क्षेत्र में भक्ति और आस्था का माहौल छा गया है। विभिन्न गांवों के मंदिरों और पूजा पंडालों में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना, दीप प्रज्वलन और आरती के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। सुबह से ही घरों और मंदिरों में दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जा रहा है, वहीं शाम होते ही आरती समारोह में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।मां दुर्गा के जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा है। मंदिरों और पूजा पंडालों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों से गूंज रहे भक्ति गीत और महामंत्र श्रद्धालुओं में उत्साह भर रहे हैं। पुरुष लाल और पीले वस्त्र धारण कर पूजा-पाठ में लीन हैं, जबकि महिलाएं पारंपरिक साड़ी पहनकर मां की आराधना कर रही हैं। घर-घर में पूजा-अर्चना के साथ मंदिरों और पंडालों में भी विधि-विधान से धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। शाम के समय मंदिरों और पूजा पंडालों में विशेष रौनक देखने को मिल रही है। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं पूरे उत्साह के साथ आरती समारोह में शामिल होकर मां दुर्गा की आराधना कर रहे हैं। इस दौरान ‘या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः’ मंत्र से वातावरण गूंजायमान हो रहा है। श्रद्धालु भक्तिभाव से आरती गाते हुए मां दुर्गा से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं।नवरात्र को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह है। पूजा-पंडालों और मंदिरों में श्रद्धालुओं की बढ़ती भागीदारी से क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का माहौल बना हुआ है। मौके पर पं. संतोष कुमार झा, सतेन्द्र मिश्र, राजीव कुमार चौधरी, सत्य नारायण चौधरी, अजय कुमार चौधरी रमण, विजय चौधरी, अजीत कुमार चौधरी, अनिल कुमार चौधरी, नरेंद्र कुमार चौधरी, अभयकांत चौधरी, विनय कुमार चौधरी, कनक कुमार चौधरी आदि उपस्थित थे। सिटी रिपोर्टर |समस्तीपुर शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन सोमवार को जिलेभर में मां दुर्गा के द्वितीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही जिले के देवी मंदिरों और पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और घंटियों की मधुर ध्वनि के बीच भक्तों ने माता रानी की आराधना कर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। मंदिरों में गूंजते ‘जय माता दी’ के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। नवरात्र के दूसरे दिन पूजा पंडालों में आचार्यों एवं पंडितों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मां ब्रह्मचारिणी का आह्वान कर विधिवत पूजा संपन्न कराई। श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में पुष्प, अक्षत, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित किए। इस दौरान ‘या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नमः’ मंत्र की गूंज से देवी मंदिरों का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। जिला मुख्यालय के बड़ी दुर्गा स्थान, बारह पत्थर, स्टेशन रोड, मगरदही घाट, बस स्टैंड, स्टेडियम मार्केट, मोहनपुर रोड, जितवारपुर और रेलवे कॉलोनी सहित विभिन्न स्थानों के देवी मंदिरों एवं पूजा पंडालों में माता रानी की आराधना का सिलसिला जारी रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में भी श्रद्धालुओं ने घरों और मंदिरों में स्थापित कलश के समक्ष पूजा-अर्चना की। संध्या आरती और दीपदान से जगमगाए देवी मंदिर : नवरात्र को लेकर सुबह की पूजा के साथ संध्या आरती का भी विशेष महत्व है। शाम होते ही महिला श्रद्धालु देवी मंदिरों में दीपदान के लिए पहुंच रही हैं। मां भगवती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर परिवार की खुशहाली और मंगल की कामना की जा रही है। मंदिरों में लगातार हो रहे दुर्गा सप्तशती पाठ, देवी स्तुति और भक्ति गीतों से जिले का माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है। नौ दिनों तक चलने वाले शक्ति की उपासना के इस महापर्व को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

