भास्कर न्यूज | धालभूमगढ़/घाटशिला खून का रिश्ता सबसे पवित्र और मजबूत माना जाता है। लेकिन जब यही रिश्ता दरक जाए, अविश्वास का जहर घोल दे, तो इंसानियत किस हद तक गिर सकती है—इसकी एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली बानगी धालभूमगढ़ थाना क्षेत्र के बाबोइदा गांव में देखने को मिली। यहां थोड़ी सी सनक, मामूली विवाद ने दो सगी बहनों की सांसें हमेशा के लिए थाम दीं। इस जघन्य दोहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। हर किसी की रूह कांप उठी है। खौफनाक वारदात और पुलिस का ताला तोड़ना : उक्त घटना रविवार और सोमवार की रात की है। आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद घर में ताला लगाकर पैदल ही थाना पहुंचा। उसने हत्या की जानकारी दी। पुलिसकर्मी सन्न रह गए। उसे तुरंत हाजत में बंद कर दिया गया। घटना के बाद सोमवार को दोपहर लगभग 12:20 बजे पुलिस बाबोइदा गांव पहुंची। आरोपी स्वरूप टुडू का घर बाहर से पूरी तरह बंद था। घर के बाहर पुलिस के भारी वाहन देखते ही देखते ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने किसी भी अनहोनी, सबूतों से छेड़छाड़ रोकने के लिए ग्रामीणों को घर के अंदर जाने से सख्ती से रोक दिया। इसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से हथौड़ा मंगाया। मुख्य गेट का ताला तोड़कर भीतर प्रवेश किया। जैसे ही पुलिस अंदर दाखिल हुई, घर के भीतर का मंजर देख अधिकारियों के भी होश उड़ गए। आंगन की पूर्व दिशा वाले कमरे में जमीन पर बिछी एक चटाई पर दोनों महिलाओं के शव खून से लथपथ पड़े थे। उनके चेहरों और शरीर पर गहरे जख्मों के अनगिनत निशान साफ बयां कर रहे थे कि कातिल ने कितनी बेदर्दी से वार किया था। मृतकों के ठीक पास ही खून से सनी एक कुल्हाड़ी रखी हुई थी। इसे देखकर अंदाजा लगाया जा रहा था कि इसी खूनी हथियार से ताबड़तोड़ वार कर दोनों की निर्मम हत्या की गई है। इसके बाद पुलिस ने घर के अन्य कमरों की भी बारीकी से तलाशी ली। हत्यारे ने इतनी तेजी से वार किया कि महिलाओं को जान बचाने का मौका भी नहीं मिला। अपनों की चीख और आंसुओं से भीगा गमगीन माहौल : हत्याकांड के बाद शिनाख्त के लिए मृतका लक्ष्मी मांडी के पति सरजू मांडी, उनके बेटे को बुलाया गया। जब पति ने अपनी अर्धांगिनी, उसकी बहन का खून से सना शव देखा, तो उसका कलेजा फट गया। फफक-फफक कर रोते हुए पति ने दोनों शवों की पहचान की। कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद 2:45 बजे के आसपास पिकअप वैन से दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए घाटशिला भेज दिया गया। दोनों शवों का पोस्टमार्टम मंगलवार को किया जाएगा। धालभूमगढ़ थाना क्षेत्र के बाबोइदा गांव में दो सगी बहनों की कुल्हाड़ी से निर्मम हत्या के मामले में अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र का एंगल अब और गहराता जा रहा है। इस सनसनीखेज वारदात को लेकर ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हैं। अब ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि इस खौफनाक कांड को किसी ओझा के उकसावे पर अंजाम दिया गया है। स्थानीय ग्रामीणों, परिजनों का कहना है कि आरोपी स्वरूप टुडू को किसी तांत्रिक या ओझा ने इस कदर भ्रमित, उकसा दिया था। इसी प्रभाव में आकर उसने अपनी ही दो सगी बड़ी बहनों की जान ले ली। रविवार को गांव में ओझा के आने, आंगन में पूजा-पाठ होने, दरवाजे पर लाल कपड़े में कुछ बांधकर लटकाए जाने के साक्ष्य इसी ओर इशारा कर रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा उठाए जा रहे इन गंभीर सवालों, आशंकाओं को पूरी तरह दूर करने के लिए पुलिस अब वैज्ञानिक, तकनीकी तरीकों से जांच को आगे बढ़ा रही है। पुलिस यह खंगालने में जुटी है कि ओझा के संपर्क में आने के बाद आरोपी के दिमाग में किस तरह की बातें भरी गईं। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या वाकई किसी बाहरी उकसावे के कारण उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस दोहरे हत्याकांड के पीछे की हर परत को बारीकी से टटोला जा रहा है। ओझा की पहचान, उसकी भूमिका, आरोपी के मानसिक व वैचारिक बदलावों को लेकर गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इससे इस अंधी श्रद्धा, अंधविश्वास के जाल की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी। दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी शिकंजा कसा जा सकेगा। आरोपी भाई। ^आरोपी भाई ने अपनी दोनों बहनों की हत्या क्यों की, इसके हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस अंधविश्वास, पारिवारिक विवाद व मानसिक स्थिति हर एंगल को खंगाल रही है। सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -धीरज कुमार मिश्रा, थाना प्रभारी। जुटी भीड़ व जांच करती पुलिस। भास्कर न्यूज | धालभूमगढ़/घाटशिला खून का रिश्ता सबसे पवित्र और मजबूत माना जाता है। लेकिन जब यही रिश्ता दरक जाए, अविश्वास का जहर घोल दे, तो इंसानियत किस हद तक गिर सकती है—इसकी एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली बानगी धालभूमगढ़ थाना क्षेत्र के बाबोइदा गांव में देखने को मिली। यहां थोड़ी सी सनक, मामूली विवाद ने दो सगी बहनों की सांसें हमेशा के लिए थाम दीं। इस जघन्य दोहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। हर किसी की रूह कांप उठी है। खौफनाक वारदात और पुलिस का ताला तोड़ना : उक्त घटना रविवार और सोमवार की रात की है। आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद घर में ताला लगाकर पैदल ही थाना पहुंचा। उसने हत्या की जानकारी दी। पुलिसकर्मी सन्न रह गए। उसे तुरंत हाजत में बंद कर दिया गया। घटना के बाद सोमवार को दोपहर लगभग 12:20 बजे पुलिस बाबोइदा गांव पहुंची। आरोपी स्वरूप टुडू का घर बाहर से पूरी तरह बंद था। घर के बाहर पुलिस के भारी वाहन देखते ही देखते ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने किसी भी अनहोनी, सबूतों से छेड़छाड़ रोकने के लिए ग्रामीणों को घर के अंदर जाने से सख्ती से रोक दिया। इसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से हथौड़ा मंगाया। मुख्य गेट का ताला तोड़कर भीतर प्रवेश किया। जैसे ही पुलिस अंदर दाखिल हुई, घर के भीतर का मंजर देख अधिकारियों के भी होश उड़ गए। आंगन की पूर्व दिशा वाले कमरे में जमीन पर बिछी एक चटाई पर दोनों महिलाओं के शव खून से लथपथ पड़े थे। उनके चेहरों और शरीर पर गहरे जख्मों के अनगिनत निशान साफ बयां कर रहे थे कि कातिल ने कितनी बेदर्दी से वार किया था। मृतकों के ठीक पास ही खून से सनी एक कुल्हाड़ी रखी हुई थी। इसे देखकर अंदाजा लगाया जा रहा था कि इसी खूनी हथियार से ताबड़तोड़ वार कर दोनों की निर्मम हत्या की गई है। इसके बाद पुलिस ने घर के अन्य कमरों की भी बारीकी से तलाशी ली। हत्यारे ने इतनी तेजी से वार किया कि महिलाओं को जान बचाने का मौका भी नहीं मिला। अपनों की चीख और आंसुओं से भीगा गमगीन माहौल : हत्याकांड के बाद शिनाख्त के लिए मृतका लक्ष्मी मांडी के पति सरजू मांडी, उनके बेटे को बुलाया गया। जब पति ने अपनी अर्धांगिनी, उसकी बहन का खून से सना शव देखा, तो उसका कलेजा फट गया। फफक-फफक कर रोते हुए पति ने दोनों शवों की पहचान की। कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद 2:45 बजे के आसपास पिकअप वैन से दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए घाटशिला भेज दिया गया। दोनों शवों का पोस्टमार्टम मंगलवार को किया जाएगा। धालभूमगढ़ थाना क्षेत्र के बाबोइदा गांव में दो सगी बहनों की कुल्हाड़ी से निर्मम हत्या के मामले में अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र का एंगल अब और गहराता जा रहा है। इस सनसनीखेज वारदात को लेकर ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हैं। अब ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि इस खौफनाक कांड को किसी ओझा के उकसावे पर अंजाम दिया गया है। स्थानीय ग्रामीणों, परिजनों का कहना है कि आरोपी स्वरूप टुडू को किसी तांत्रिक या ओझा ने इस कदर भ्रमित, उकसा दिया था। इसी प्रभाव में आकर उसने अपनी ही दो सगी बड़ी बहनों की जान ले ली। रविवार को गांव में ओझा के आने, आंगन में पूजा-पाठ होने, दरवाजे पर लाल कपड़े में कुछ बांधकर लटकाए जाने के साक्ष्य इसी ओर इशारा कर रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा उठाए जा रहे इन गंभीर सवालों, आशंकाओं को पूरी तरह दूर करने के लिए पुलिस अब वैज्ञानिक, तकनीकी तरीकों से जांच को आगे बढ़ा रही है। पुलिस यह खंगालने में जुटी है कि ओझा के संपर्क में आने के बाद आरोपी के दिमाग में किस तरह की बातें भरी गईं। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या वाकई किसी बाहरी उकसावे के कारण उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस दोहरे हत्याकांड के पीछे की हर परत को बारीकी से टटोला जा रहा है। ओझा की पहचान, उसकी भूमिका, आरोपी के मानसिक व वैचारिक बदलावों को लेकर गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इससे इस अंधी श्रद्धा, अंधविश्वास के जाल की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी। दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी शिकंजा कसा जा सकेगा। आरोपी भाई। ^आरोपी भाई ने अपनी दोनों बहनों की हत्या क्यों की, इसके हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस अंधविश्वास, पारिवारिक विवाद व मानसिक स्थिति हर एंगल को खंगाल रही है। सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -धीरज कुमार मिश्रा, थाना प्रभारी। जुटी भीड़ व जांच करती पुलिस।

