नीरज के लिए निशांत करेंगे प्रचार,लिस्ट में ललन सिंह नहीं:डॉ. संजीव का बीजेपी MLC पर तंज, नवल किशोर को अनंत सिंह की मार याद है

नीरज के लिए निशांत करेंगे प्रचार,लिस्ट में ललन सिंह नहीं:डॉ. संजीव का बीजेपी MLC पर तंज, नवल किशोर को अनंत सिंह की मार याद है

बिहार विधान परिषद के चुनाव को लेकर JDU में घमासान है। अनंत सिंह जहां खुलकर नीरज कुमार की बगावत कर रहे हैं, वहीं जदयू प्रत्याशी को निशांत कुमार का साथ मिला है। नीतीश कुमार के बेटे और स्वास्थ्य मंत्री निशांत नीरज कुमार के लिए प्रचार करेंगे। नीरज कुमार ने प्रचार में शामिल नेताओं की फेहरिस्त बताई, लेकिन लिस्ट में ललन सिंह का नाम नहीं आया। जब नीरज कुमार से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, जिन्होंने सहमति दी है, उनके नाम है। वैसे भी लिस्ट जदयू ऑफिस से बनकर आई है। इधर, पटना शिक्षक सीट से राजद के प्रत्याशी डॉ. संजीव सिंह ने बीजेपी कैंडिडेट और सीटिंग MLC नवल किशोर यादव को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अनंत सिंह ने उनको (नवल किशोर) बांधकर पीटा था। जिसका दर्द उन्हें सताता रहता है। एमएलसी चुनाव को लेकर तेज सियासी सरगर्मी की डिटेल रिपोर्ट पढ़िए… नीरज कुमार के लिए निशांत करेंगे प्रचार, लिस्ट से ललन सिंह गायब पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जदयू ने एक बार फिर अपने विधान पार्षद नीरज कुमार पर भरोसा जताया है। वह चौथी बार इस सीट से चुनावी मैदान में हैं। निशांत कुमार, डिप्टी सीएम विजय चौधरी, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी जैसे बड़े नेता उनके लिए प्रचार करेंगे। लेकिन उनके प्रचार कार्यक्रम की सूची से केंद्रीय मंत्री और मुंगेर के सांसद ललन सिंह का नाम गायब है। ललन सिंह का नाम सूची में नहीं होने को इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच विवाद को सुलझाने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री को ही दी गई थी। नीरज बोले- जदयू कार्यालय ने बनाई लिस्ट प्रचार सूची से ललन सिंह का नाम गायब होने के सवाल पर नीरज कुमार ने सफाई दी है। उन्होंने कहा, ‘प्रचार कार्यक्रम की सूची मैंने खुद तैयार नहीं की है, बल्कि इसे जदयू कार्यालय की ओर से बनाया गया है।’ जब उनसे पूछा गया कि ललन सिंह उसी इलाके के सांसद हैं, जहां उन्हें स्नातक मतदाताओं से वोट मांगना है, इसके बावजूद उनका नाम सूची में क्यों नहीं है, तो नीरज कुमार ने बाढ़ के विधायक डॉ. सियाराम सिंह का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि संबंधित इलाके में विधायक भी हैं। इस पर जब पत्रकारों ने सवाल को स्पष्ट करते हुए कहा कि ललन सिंह केंद्रीय मंत्री हैं और उनका राजनीतिक कद अलग है, तो नीरज कुमार ने जवाब दिया, ‘किसी नेता का कार्यक्रम तय होना, उसकी व्यस्तता पर भी निर्भर करता है।’ नीरज कुमार ने अपने जवाब में न तो ललन सिंह के साथ किसी नाराजगी की बात कही और न ही दोनों नेताओं के बीच किसी मतभेद की पुष्टि की। उन्होंने प्रचार सूची तैयार करने की जिम्मेदारी जदयू कार्यालय पर छोड़ दी। इसके बावजूद ललन सिंह का नाम सूची में नहीं होने को लेकर राजनीतिक चर्चा जारी है। ललन सिंह को मिली थी विवाद निपटाने की जिम्मेदारी पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच विवाद ने चुनावी मुकाबले को पहले ही दिलचस्प बना दिया है। पार्टी कैंडिडेट नीरज कुमार के खिलाफ मोकामा के विधायक अनंत सिंह जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह को समर्थन दिया है। अनंत सिंह ने नीरज कुमार को हराने की बात भी कही है। इससे जदयू के सामने असहज स्थिति पैदा हुई है, क्योंकि पार्टी का एक विधायक अपने ही दल के आधिकारिक उम्मीदवार के बजाय दूसरे प्रत्याशी के समर्थन में खड़ा नजर आ रहा है। पार्टी ने दोनों नेताओं के बीच को निपटाने की जिम्मेदारी ललन सिंह को दी थी। 5 अक्टूबर को ललन सिंह ने कहा था कि अनंत सिंह, नीरज कुमार के खिलाफ सार्वजनिक बयान नहीं देने पर सहमत हुए हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि अनंत सिंह नीरज कुमार के लिए चुनाव प्रचार नहीं करेंगे।
इस घटनाक्रम से यह संकेत मिला था कि पार्टी नेतृत्व विवाद को और बढ़ने से रोकने की कोशिश कर रहा है। लेकिन अनंत सिंह की ओर से नीरज कुमार को चुनाव में समर्थन नहीं दिए जाने की स्थिति बनी रही। अब जानिए पटना शिक्षक सीट से लड़ रहे डॉ. संजीव सिंह ने क्या कुछ दावा किया एक ओर अनंत सिंह के बागी होने और नीरज कुमार के प्रचारकों में ललन सिंह का नाम नहीं होने से एनडीए के भीतर तालमेल को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। वहीं, राजद उम्मीदवार और पूर्व विधायक डॉ. संजीव कुमार ने भाजपा के विधान पार्षद नवल किशोर यादव को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने पटना में सेंट्रल मॉल के पास की जमीन खरीदी थी, तब नवल किशोर यादव उस जमीन पर कब्जा किए हुए थे और वहां कथित तौर पर फर्जीवाड़ा कर बार चला रहे थे। संजीव कुमार के मुताबिक, अनंत सिंह जब अपने लोगों के साथ वहां पहुंचे तो नवल किशोर यादव को बहुत मारा-पीटा था। डॉ. संजीव ने क्यों छेड़ी पुरानी बात 10 अक्टूबर को एमएलसी चुनाव को लेकर NDA की एक बैठक बुलाई गई थी। सीएम सम्राट चौधरी के लोक सेवक आवास पर हुई बैठक में NDA के सभी नेता पहुंचे थे। मीटिंग में जाने के दौरन पर जब नवल किशोर यादव से अनंत सिंह पर सवाल पूछा गया तो वो भड़क गए। उन्होंने कहा कि ‘बै (हद है), जो न पूछे सो खेसारी के दाल और अनंत सिंह और फलना सिंह।’ डॉक्टर संजीव कुमार से भाजपा एमएलसी नवल किशोर यादव के इसी बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई, जिसमें उन्होंने मारपीट का दावा किया। संजीव कुमार के बयान ने पटना की राजनीति में पुराने विवाद की चर्चा को फिर से हवा दे दी है। उनके आरोपों के केंद्र में पटना सेंट्रल मॉल के पास की जमीन और उस पर कथित कब्जे का मामला है। बता दें कि अनंत सिंह इन दिनों पटना स्नातक सीट पर जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर बोल रहे हैं और अपनी पार्टी जदयू के बजाय जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह का समर्थन कर रहे हैं। 23 अक्टूबर को मतदान, नेताओं की सक्रियता पर रहेगी नजर बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट पर 23 अक्टूबर को मतदान होना है। चुनाव से पहले उम्मीदवारों के बीच प्रचार तेज होने के साथ राजनीतिक बयानबाजी भी बढ़ रही है। नीरज कुमार अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं और दावा कर रहे हैं कि समाज के सभी तबकों का आशीर्वाद उन्हें मिल रहा है। दूसरी ओर, अनंत सिंह के जन सुराज उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में उतरने से चुनावी समीकरणों पर चर्चा तेज है। बिहार विधान परिषद के चुनाव को लेकर JDU में घमासान है। अनंत सिंह जहां खुलकर नीरज कुमार की बगावत कर रहे हैं, वहीं जदयू प्रत्याशी को निशांत कुमार का साथ मिला है। नीतीश कुमार के बेटे और स्वास्थ्य मंत्री निशांत नीरज कुमार के लिए प्रचार करेंगे। नीरज कुमार ने प्रचार में शामिल नेताओं की फेहरिस्त बताई, लेकिन लिस्ट में ललन सिंह का नाम नहीं आया। जब नीरज कुमार से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, जिन्होंने सहमति दी है, उनके नाम है। वैसे भी लिस्ट जदयू ऑफिस से बनकर आई है। इधर, पटना शिक्षक सीट से राजद के प्रत्याशी डॉ. संजीव सिंह ने बीजेपी कैंडिडेट और सीटिंग MLC नवल किशोर यादव को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अनंत सिंह ने उनको (नवल किशोर) बांधकर पीटा था। जिसका दर्द उन्हें सताता रहता है। एमएलसी चुनाव को लेकर तेज सियासी सरगर्मी की डिटेल रिपोर्ट पढ़िए… नीरज कुमार के लिए निशांत करेंगे प्रचार, लिस्ट से ललन सिंह गायब पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जदयू ने एक बार फिर अपने विधान पार्षद नीरज कुमार पर भरोसा जताया है। वह चौथी बार इस सीट से चुनावी मैदान में हैं। निशांत कुमार, डिप्टी सीएम विजय चौधरी, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी जैसे बड़े नेता उनके लिए प्रचार करेंगे। लेकिन उनके प्रचार कार्यक्रम की सूची से केंद्रीय मंत्री और मुंगेर के सांसद ललन सिंह का नाम गायब है। ललन सिंह का नाम सूची में नहीं होने को इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच विवाद को सुलझाने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री को ही दी गई थी। नीरज बोले- जदयू कार्यालय ने बनाई लिस्ट प्रचार सूची से ललन सिंह का नाम गायब होने के सवाल पर नीरज कुमार ने सफाई दी है। उन्होंने कहा, ‘प्रचार कार्यक्रम की सूची मैंने खुद तैयार नहीं की है, बल्कि इसे जदयू कार्यालय की ओर से बनाया गया है।’ जब उनसे पूछा गया कि ललन सिंह उसी इलाके के सांसद हैं, जहां उन्हें स्नातक मतदाताओं से वोट मांगना है, इसके बावजूद उनका नाम सूची में क्यों नहीं है, तो नीरज कुमार ने बाढ़ के विधायक डॉ. सियाराम सिंह का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि संबंधित इलाके में विधायक भी हैं। इस पर जब पत्रकारों ने सवाल को स्पष्ट करते हुए कहा कि ललन सिंह केंद्रीय मंत्री हैं और उनका राजनीतिक कद अलग है, तो नीरज कुमार ने जवाब दिया, ‘किसी नेता का कार्यक्रम तय होना, उसकी व्यस्तता पर भी निर्भर करता है।’ नीरज कुमार ने अपने जवाब में न तो ललन सिंह के साथ किसी नाराजगी की बात कही और न ही दोनों नेताओं के बीच किसी मतभेद की पुष्टि की। उन्होंने प्रचार सूची तैयार करने की जिम्मेदारी जदयू कार्यालय पर छोड़ दी। इसके बावजूद ललन सिंह का नाम सूची में नहीं होने को लेकर राजनीतिक चर्चा जारी है। ललन सिंह को मिली थी विवाद निपटाने की जिम्मेदारी पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच विवाद ने चुनावी मुकाबले को पहले ही दिलचस्प बना दिया है। पार्टी कैंडिडेट नीरज कुमार के खिलाफ मोकामा के विधायक अनंत सिंह जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह को समर्थन दिया है। अनंत सिंह ने नीरज कुमार को हराने की बात भी कही है। इससे जदयू के सामने असहज स्थिति पैदा हुई है, क्योंकि पार्टी का एक विधायक अपने ही दल के आधिकारिक उम्मीदवार के बजाय दूसरे प्रत्याशी के समर्थन में खड़ा नजर आ रहा है। पार्टी ने दोनों नेताओं के बीच को निपटाने की जिम्मेदारी ललन सिंह को दी थी। 5 अक्टूबर को ललन सिंह ने कहा था कि अनंत सिंह, नीरज कुमार के खिलाफ सार्वजनिक बयान नहीं देने पर सहमत हुए हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि अनंत सिंह नीरज कुमार के लिए चुनाव प्रचार नहीं करेंगे।
इस घटनाक्रम से यह संकेत मिला था कि पार्टी नेतृत्व विवाद को और बढ़ने से रोकने की कोशिश कर रहा है। लेकिन अनंत सिंह की ओर से नीरज कुमार को चुनाव में समर्थन नहीं दिए जाने की स्थिति बनी रही। अब जानिए पटना शिक्षक सीट से लड़ रहे डॉ. संजीव सिंह ने क्या कुछ दावा किया एक ओर अनंत सिंह के बागी होने और नीरज कुमार के प्रचारकों में ललन सिंह का नाम नहीं होने से एनडीए के भीतर तालमेल को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। वहीं, राजद उम्मीदवार और पूर्व विधायक डॉ. संजीव कुमार ने भाजपा के विधान पार्षद नवल किशोर यादव को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने पटना में सेंट्रल मॉल के पास की जमीन खरीदी थी, तब नवल किशोर यादव उस जमीन पर कब्जा किए हुए थे और वहां कथित तौर पर फर्जीवाड़ा कर बार चला रहे थे। संजीव कुमार के मुताबिक, अनंत सिंह जब अपने लोगों के साथ वहां पहुंचे तो नवल किशोर यादव को बहुत मारा-पीटा था। डॉ. संजीव ने क्यों छेड़ी पुरानी बात 10 अक्टूबर को एमएलसी चुनाव को लेकर NDA की एक बैठक बुलाई गई थी। सीएम सम्राट चौधरी के लोक सेवक आवास पर हुई बैठक में NDA के सभी नेता पहुंचे थे। मीटिंग में जाने के दौरन पर जब नवल किशोर यादव से अनंत सिंह पर सवाल पूछा गया तो वो भड़क गए। उन्होंने कहा कि ‘बै (हद है), जो न पूछे सो खेसारी के दाल और अनंत सिंह और फलना सिंह।’ डॉक्टर संजीव कुमार से भाजपा एमएलसी नवल किशोर यादव के इसी बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई, जिसमें उन्होंने मारपीट का दावा किया। संजीव कुमार के बयान ने पटना की राजनीति में पुराने विवाद की चर्चा को फिर से हवा दे दी है। उनके आरोपों के केंद्र में पटना सेंट्रल मॉल के पास की जमीन और उस पर कथित कब्जे का मामला है। बता दें कि अनंत सिंह इन दिनों पटना स्नातक सीट पर जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर बोल रहे हैं और अपनी पार्टी जदयू के बजाय जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह का समर्थन कर रहे हैं। 23 अक्टूबर को मतदान, नेताओं की सक्रियता पर रहेगी नजर बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट पर 23 अक्टूबर को मतदान होना है। चुनाव से पहले उम्मीदवारों के बीच प्रचार तेज होने के साथ राजनीतिक बयानबाजी भी बढ़ रही है। नीरज कुमार अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं और दावा कर रहे हैं कि समाज के सभी तबकों का आशीर्वाद उन्हें मिल रहा है। दूसरी ओर, अनंत सिंह के जन सुराज उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में उतरने से चुनावी समीकरणों पर चर्चा तेज है।  

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