शारदीय नवरात्रि में जयपुर घूमने का है प्लान? गलता जी से गोविंद देव जी तक, इन 5 प्रसिद्ध मंदिरों के करें दर्शन 

शारदीय नवरात्रि में जयपुर घूमने का है प्लान? गलता जी से गोविंद देव जी तक, इन 5 प्रसिद्ध मंदिरों के करें दर्शन 

Jaipur Temples: नवरात्रि के दौरान माता रानी की पूजा करने के साथ ही कई लोग प्रसिद्ध मंदिरों में दर्शन करने और आशीर्वाद लेने भी जाते हैं। ऐसे में अगर आप शारदीय नवरात्रि में जयपुर में हैं या यहां घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो शहर की मशहूर जगहों को देखने के साथ कुछ प्रसिद्ध मंदिरों में भी दर्शन कर सकते हैं। जयपुर के ये मंदिर अपनी धार्मिक मान्यताओं, खूबसूरत बनावट और खास पहचान के लिए जाने जाते हैं। आइए जानते हैं जयपुर के ऐसे ही कुछ प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में, जहां आप दर्शन करने जा सकते हैं।

गलता जी मंदिर

राजस्थान पर्यटन विभाग के अनुसार, गलता जी जयपुर का एक प्राचीन तीर्थ स्थल है। इसे गालव ऋषि की तपोस्थली माना जाता है। यहां बने पवित्र कुंडों में स्नान का धार्मिक महत्व है और दूर दूर से श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं। मंदिर परिसर में कई मंदिर, मंडप और पानी के कुंड हैं, जो इस जगह को खास बनाते हैं। गलता जी पास में रामगोपाल जी मंदिर परिसर भी आता है, जिसे बंदर मंदिर के नाम से जाना जाता है। यहां बड़ी संख्या में बंदर दिखाई देते हैं। मंदिर के आसपास हरियाली और पहाड़ियों का नजारा भी देखने को मिलता है। पहाड़ी की चोटी पर सूर्य देव को समर्पित सूर्य मंदिर स्थित है, जहां श्रद्धालु दर्शन करने जाते हैं।

गोविंद देव जी मंदिर

राजस्थान पर्यटन विभाग के अनुसार, जयपुर का गोविंद देव जी मंदिर शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां भगवान श्रीकृष्ण के गोविंद देव जी स्वरूप की पूजा की जाती है। मान्यता है कि सवाई जयसिंह द्वितीय भगवान गोविंद देव जी की प्रतिमा वृंदावन से जयपुर लेकर आए थे। इसके बाद इसे जयपुर के परकोटे में स्थित मंदिर में स्थापित किया गया। इस मंदिर में भगवान के दर्शन के लिए सात झांकियों की व्यवस्था है। शाही परिवार से जुड़ाव और श्रद्धालुओं की आस्था के कारण इस मंदिर का खास महत्व है।

बिरला मंदिर

राजस्थान पर्यटन विभाग के अनुसार, जयपुर का बिरला मंदिर लक्ष्मी नारायण मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह मोती डूंगरी की तलहटी में स्थित है। सफेद संगमरमर से बना यह मंदिर अपनी खूबसूरत बनावट और नक्काशी के लिए जाना जाता है। इसका निर्माण साल 1988 में उद्योगपति बिड़ला ने करवाया था। यह मंदिर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित है। दिन के साथ ही रात में रोशनी से सजा मंदिर भी देखने में काफी आकर्षक लगता है। जयपुर की यात्रा के दौरान आप यहां दर्शन करने के साथ मंदिर की खूबसूरत बनावट भी देख सकते हैं।

मोती डूंगरी गणेश मंदिर

राजस्थान पर्यटन विभाग के अनुसार, मोती डूंगरी गणेश मंदिर जयपुर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। यहां भगवान गणेश के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। लोग किसी भी नए काम की शुरुआत से पहले भगवान गणेश का आशीर्वाद लेने के लिए इस मंदिर में आते हैं। मंदिर का निर्माण 18वीं सदी में सेठ जयराम पालीवाल ने शुरू करवाया था। बुधवार को यहां दर्शन करने आने वाले भक्तों की खास भीड़ देखने को मिलती है। मंदिर के पास ही मोती डूंगरी पहाड़ी पर एक महल भी बना हुआ है, जो स्कॉटिश महल की बनावट से प्रेरित है।

अक्षरधाम मंदिर

राजस्थान पर्यटन विभाग के अनुसार, जयपुर के चित्रकूट (वैशाली नगर) में स्थित अक्षरधाम मंदिर अपनी खूबसूरत वास्तुकला के लिए जाना जाता है। वैशाली नगर के पास स्थित यह मंदिर भगवान नारायण को समर्पित है। मंदिर की बनावट, नक्काशी और आसपास का शांत माहौल इसे श्रद्धालुओं के साथ पर्यटकों के लिए भी खास बनाता है।

ध्यान दें: मंदिर में दर्शन के लिए जाने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट या मंदिर प्रबंधन से दर्शन का समय जरूर पता कर लें।

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