देश में पहली बार इलेक्ट्रिक व्हीकल से बिजली सप्लाई होगी:IIT बॉम्बे ने बनाया, केरलम में शुरुआत; इससे बिजली बिल में 30% की कमी आई

देश में पहली बार इलेक्ट्रिक व्हीकल से बिजली सप्लाई होगी:IIT बॉम्बे ने बनाया, केरलम में शुरुआत; इससे बिजली बिल में 30% की कमी आई

अब इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी EV से यात्रा करने के साथ उसकी बैटरी का इस्तेमाल घर में बिजली सप्लाई करने के लिए भी कर सकते हैं। बॉम्बे की ग्रिड इंटीग्रेशन लैब ने IIT कैंपस में तीन साल तक प्रयोग किए। इस दौरान दिन में इलेक्ट्रिक कार सोलर पैनल से चार्ज होती और रात में एक प्रोफेसर के घर में बिजली सप्लाई करती। इसने घर के सभी उपकरणों का लोड उठाया और प्रोफेसर के बिजली बिल में करीब 30% की कमी भी आई। EV की बैटरी से घर में बिजली सप्लाई करने को व्हीकल टू होम और वापस ग्रिड को बिजली भेजने को व्हीकल टू ग्रिड कहते हैं। IIT बॉम्बे ने देश में पहली बार यह प्रोजेक्ट बनाया। अब केरलम में इस परियोजना को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जा रहा है। केरलम स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड ने IIT बॉम्बे के साथ जुलाई 2025 में एमओयू साइन किया। इसके तहत 100 से ज्यादा EV को वी2जी तकनीक से जोड़कर उनकी बैटरी की बिजली घरों में इस्तेमाल की जाएगी। इससे केरलम में बिजली की समस्या भी दूर होगी। प्रो. जाकिर बोले- EV से घर में बिजली देने पर बैटरी लाइफ पर असर नहीं पड़ा अगस्त में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री 53% बढ़ी भारत में EV की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। अगस्त 2026 में देश में कुल 2,98,448 इलेक्ट्रिक वाहन बिके, जो पिछले साल के इसी महीने यानी अगस्त 2025 की तुलना में 52.9% ज्यादा है। इस बढ़त के साथ ऑटोमोबाइल मार्केट में EV की हिस्सेदारी बढ़कर 12.3% हो गई है, जो एक साल पहले 9.5% थी। ऑटोमोबाइल डीलर्स के संगठन FADA ने 8 अगस्त को ये आंकड़े जारी किए हैं। FADA के मुताबिक, यह भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए अब तक का सबसे बेहतरीन अगस्त महीना साबित हुआ है। कॉमर्शियल व्हीकल्स की बिक्री तीन गुना बढ़ी अगस्त 2026 में इलेक्ट्रिक कॉमर्शियल व्हीकल्स की बिक्री में सबसे तेजी से बढ़ी। पिछले साल अगस्त में जहां महज 1,631 कॉमर्शियल EV बिके थे, वहीं इस साल अगस्त में यह आंकड़ा लगभग तीन गुना बढ़कर 4,702 यूनिट्स पर पहुंच गया। क्यों बढ़ रही है EV की बिक्री? ऑटो एक्सपर्ट्स के मुताबिक, EV की बिक्री में इस तेजी के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण हैं:

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