Russia Ukraine War: ट्रम्प के ‘एनर्जी सीजफायर’ पर ज़ेलेंस्की का समर्थन, लेकिन रूस की चुप्पी ने बढ़ाई चिंता

Russia Ukraine War: ट्रम्प के ‘एनर्जी सीजफायर’ पर ज़ेलेंस्की का समर्थन, लेकिन रूस की चुप्पी ने बढ़ाई चिंता

Donald Trump: रूस और यूक्रेन (Russia Ukraine War) के बीच चार साल से जारी युद्ध में नया मोड़ सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने रविवार को दावा किया कि रूस और यूक्रेन तत्काल प्रभाव से ‘एनर्जी सीजफायर’ पर सहमत हो गए हैं। ट्रंप की इस घोषणा के बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इसका समर्थन किया है, लेकिन रूस की ओर से स्पष्ट पुष्टि सामने नहीं आई। यदि यह सीजफायल लागू हो जाता है, तो ऊर्जा ठिकानों पर हो रहे हमले रूक सकते हैं।

जेलेंस्की ने ट्रंप से क्यों लगाई थी गुहार?

ट्रंप के ऐलान से करीब एक घंटे पहले जेलेंस्की ने अमेरिका के ABC शो ‘दिस वीक’ में बातचीत के दौरान ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि यूक्रेन दोनों पक्षों की ऊर्जा सुविधाओं पर हमले बंद करने के लिए तैयार है। जेलेंस्की ने ट्रंप से रूस को स्पष्ट संदेश देने का आग्रह किया कि वह यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे को निशाना न बनाए।

ऊर्जा क्षेत्र पर 196 बार हुआ हमला

जेलेंस्की ने दावा किया कि रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा क्षेत्र पर 196 बार हमले किए हैं और इन हमलों में 153 नागरिकों की मौत हुई है। बिजली व्यवस्था, रिफाइनरी और अन्य ऊर्जा सुविधाओं पर हमले युद्ध के दौरान आम नागरिकों की जिंदगी और अर्थव्यवस्था को प्रभावित करते रहे हैं।

रूस की चुप्पी से बढ़ा सस्पेंस

ट्रंप के ऐलान के बाद जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन युद्धविराम का समर्थन करता है और रूस का समर्थन करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन अमेरिकी पक्ष से समझौते की विस्तृत जानकारी का इंतजार कर रहा है। हालांकि, रूस की सहमति को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई। रूस की सरकारी समाचार एजेंसी टीएएसएस ने ट्रंप की सोशल मीडिया पोस्ट पर खबर प्रकाशित की है। लेकिन रूसी पक्ष की ओर से समझौते की पुष्टि करने वाला बयान उसमें शामिल नहीं था।

रूसी तेल पर प्रतिबंध हटाने से भी नाराज हैं जेलेंस्की

आगे जेलेंस्की ने कहा कि वे एक बात से असहमत है। ट्रंप ने शनिवार को कहा था कि जेलेंस्की कई बार युद्ध का समाधान निकाल सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। ट्रंप ने यूक्रेन के रूसी ऊर्जा ठिकानों पर हमलों की आलोचना करते हुए कहा कि रिफाइनरियों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए, क्योंकि इससे पूरी दुनिया प्रभावित हो सकती है। जेलेंस्की ट्रंप की इस बात से नाराज हैं।

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