सीतामढ़ी में खुले गड्ढे में गिरकर बच्चे की मौत:शौचालय की टंकी के लिए 7 साल पहले खोदा था गड्ढा, ढका नहीं गया

सीतामढ़ी में खुले गड्ढे में गिरकर बच्चे की मौत:शौचालय की टंकी के लिए 7 साल पहले खोदा था गड्ढा, ढका नहीं गया

सीतामढ़ी जिले के डुमरा थाना क्षेत्र के खजुरिया में शौचालय की टंकी के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरने से चार साल के बच्चे की मौत हो गई। मृतक की पहचान खजुरिया परसपट्टी निवासी बाबन कुमार के बेटे अंकुश कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि पड़ोस में रहने वाले दरेश महतो ने करीब सात साल पहले शौचालय की टंकी के लिए गड्ढा खोदा था, जिसे खुला छोड़ दिया गया था। रविवार को इसी गड्ढे में गिरने से बच्चे की जान चली गई। रास्ते से गुजरते समय गड्ढे में गिरा मासूम मिली जानकारी के अनुसार, अंकुश उसी रास्ते से गुजर रहा था। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गड्ढे में जा गिरा। बताया जा रहा है कि उस समय किसी की नजर बच्चे पर नहीं पड़ी। समय रहते उसे गड्ढे से बाहर नहीं निकाला जा सका, जिससे उसकी मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। बच्चे की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा घटना की सूचना मिलते ही डुमरा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। डुमरा थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सीतामढ़ी सदर अस्पताल भेज दिया है। खुले गड्ढे ने सुरक्षा पर उठाए सवाल करीब सात साल पहले शौचालय की टंकी के लिए खोदे गए गड्ढे को खुला छोड़ दिए जाने की बात सामने आई है। खुले गड्ढे छोटे बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। यदि गड्ढे को ढकने या उसके आसपास सुरक्षा के इंतजाम किए गए होते, तो संभव है कि इस हादसे को टाला जा सकता था। चार साल के अंकुश की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सीतामढ़ी जिले के डुमरा थाना क्षेत्र के खजुरिया में शौचालय की टंकी के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरने से चार साल के बच्चे की मौत हो गई। मृतक की पहचान खजुरिया परसपट्टी निवासी बाबन कुमार के बेटे अंकुश कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि पड़ोस में रहने वाले दरेश महतो ने करीब सात साल पहले शौचालय की टंकी के लिए गड्ढा खोदा था, जिसे खुला छोड़ दिया गया था। रविवार को इसी गड्ढे में गिरने से बच्चे की जान चली गई। रास्ते से गुजरते समय गड्ढे में गिरा मासूम मिली जानकारी के अनुसार, अंकुश उसी रास्ते से गुजर रहा था। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गड्ढे में जा गिरा। बताया जा रहा है कि उस समय किसी की नजर बच्चे पर नहीं पड़ी। समय रहते उसे गड्ढे से बाहर नहीं निकाला जा सका, जिससे उसकी मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। बच्चे की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा घटना की सूचना मिलते ही डुमरा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। डुमरा थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सीतामढ़ी सदर अस्पताल भेज दिया है। खुले गड्ढे ने सुरक्षा पर उठाए सवाल करीब सात साल पहले शौचालय की टंकी के लिए खोदे गए गड्ढे को खुला छोड़ दिए जाने की बात सामने आई है। खुले गड्ढे छोटे बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। यदि गड्ढे को ढकने या उसके आसपास सुरक्षा के इंतजाम किए गए होते, तो संभव है कि इस हादसे को टाला जा सकता था। चार साल के अंकुश की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।  

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