एक्सपायरी ग्लूकोज चढ़ाने के बाद युवक की मौत, अस्पताल सील:पेट दर्द होने पर अस्पताल पहुंचा था शेखर, ड्रिप चढ़ाने के आधे घंटे बाद हुई मौत

एक्सपायरी ग्लूकोज चढ़ाने के बाद युवक की मौत, अस्पताल सील:पेट दर्द होने पर अस्पताल पहुंचा था शेखर, ड्रिप चढ़ाने के आधे घंटे बाद हुई मौत

जबलपुर के बेलखाड़ू स्थित खैरी गांव के अश्विनी अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत के मामले में गंभीर लापरवाही सामने आई है। जांच में पता चला कि युवक का इलाज कर रहे सतीश साहू के पास चिकित्सा संबंधी कोई वैध डिग्री या डिप्लोमा नहीं था। परिजनों का आरोप है कि युवक को एक्सपायरी डेट का ग्लूकोज और इंजेक्शन लगाए गए थे। मामले में कटंगी पुलिस ने शनिवार को सतीश साहू के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद उसे सील कर दिया। हालांकि, युवक की मौत का सटीक चिकित्सकीय कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। 2 अक्टूबर को पेट दर्द होने पर अस्पताल ले गए थे परिजन पुलिस के अनुसार, बेलखाड़ू के भट्टा मोहल्ला निवासी शेखर चौधरी को 2 अक्टूबर को अचानक पेट में तेज दर्द हुआ। परिजन उसे इलाज के लिए खैरी गांव स्थित अश्विनी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां सुबह तक उसका इलाज किया गया, जिसके बाद परिजन उसे घर ले आए। कुछ देर बाद शेखर के हाथ-पैरों में तेज जलन होने लगी। इसके बाद परिजन उसे दोबारा अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इंजेक्शन और ग्लूकोज की ड्रिप चढ़ाने के बाद बिगड़ी हालत मृतक के भाई समीर चौधरी की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि सतीश साहू ने शेखर के हाथ और कमर में इंजेक्शन लगाए थे। अगले दिन उसे फिर इंजेक्शन देने के साथ ग्लूकोज की ड्रिप चढ़ाई गई। परिजनों के मुताबिक, ड्रिप चढ़ाने के करीब आधे घंटे बाद शेखर की मौत हो गई। घटनास्थल पर मिली ग्लूकोज की बोतल पर नवंबर 2025 की एक्सपायरी डेट दर्ज थी। पुलिस ने मौके से आधी भरी ग्लूकोज की बोतल, ड्रिप, निडिल, इंजेक्शन की खाली शीशी और दवाइयों के रैपर जब्त किए हैं। CCTV में इलाज करते दिखा सतीश, डॉक्टर मौके पर नहीं थीं पुलिस ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। फुटेज में सतीश साहू युवक का इलाज करते दिखाई दिया। पुलिस के अनुसार, उस समय अस्पताल की वैध संचालक डॉ. सरिता साहू मौके पर मौजूद नहीं थीं। पुलिस ने अस्पताल से सीसीटीवी कैमरों की DVR भी जब्त कर ली है। स्वास्थ्य विभाग की जांच में डिग्री नहीं मिली, अस्पताल सील मामले की जानकारी मिलने पर पनागर के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को सूचित किया गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अश्विनी अस्पताल का निरीक्षण किया। विभागीय रिपोर्ट में सामने आया कि सतीश साहू के पास इलाज करने से संबंधित कोई वैध चिकित्सा डिग्री या डिप्लोमा नहीं था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील कर दिया। कटंगी पुलिस ने सतीश साहू के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मौके से जब्त सामग्री और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच आगे बढ़ाई है। युवक की मौत के वास्तविक चिकित्सकीय कारण की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

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