SIR प्रक्रिया के विरोध और कैंपस में छात्राओं की सुरक्षा की मांग को लेकर आज छात्र पटना कॉलेज प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे थे। प्रदर्शन में तीन नेताओं को बिहार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। ये प्रदर्शन ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) के छात्रों द्वारा किया जा रहा था। छात्रों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने, एसआईआर की कथित अलोकतांत्रिक प्रक्रिया पर रोक लगाने और कॉलेज परिसरों में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। राज्य अध्यक्ष और सचिव समेत 3 गिरफ्तार AIDSO के अनुसार, गिरफ्तार नेताओं में बिहार राज्य अध्यक्ष विजय कुमार, राज्य सचिव पवन कुमार और संगठन के सदस्य राज शामिल हैं। संगठन का कहना है कि ये छात्र नेता लोकतांत्रिक अधिकारों पर कथित हमलों, एसआईआर प्रक्रिया के विरोध और कॉलेज परिसर में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना अपराध नहीं संगठन के बिहार राज्य उपाध्यक्ष शिव कुमार ने गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने, अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार प्रत्येक नागरिक को है। उन्होंने सवाल उठाया कि लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग करना और जनहित के मुद्दे उठाना अपराध कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा, जनसमस्याओं और छात्रहित के सवालों को लेकर संघर्ष करने वाले छात्र-युवाओं पर पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना के विपरीत है। संगठन ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध को गिरफ्तारियों के जरिए दबाने की प्रवृत्ति लोकतांत्रिक समाज के लिए चिंताजनक है। सभी छात्र नेताओं को तत्काल बिना शर्त रिहा करने की मांग संगठन का कहना है कि लोकतंत्र की मजबूती जनता की आवाज सुनने, असहमति का सम्मान करने और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने में है। AIDSO ने बिहार सरकार से गिरफ्तार सभी छात्र नेताओं को तत्काल बिना शर्त रिहा करने और छात्र-युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों पर कार्रवाई बंद करने की मांग की है। SIR प्रक्रिया के विरोध और कैंपस में छात्राओं की सुरक्षा की मांग को लेकर आज छात्र पटना कॉलेज प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे थे। प्रदर्शन में तीन नेताओं को बिहार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। ये प्रदर्शन ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) के छात्रों द्वारा किया जा रहा था। छात्रों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने, एसआईआर की कथित अलोकतांत्रिक प्रक्रिया पर रोक लगाने और कॉलेज परिसरों में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। राज्य अध्यक्ष और सचिव समेत 3 गिरफ्तार AIDSO के अनुसार, गिरफ्तार नेताओं में बिहार राज्य अध्यक्ष विजय कुमार, राज्य सचिव पवन कुमार और संगठन के सदस्य राज शामिल हैं। संगठन का कहना है कि ये छात्र नेता लोकतांत्रिक अधिकारों पर कथित हमलों, एसआईआर प्रक्रिया के विरोध और कॉलेज परिसर में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना अपराध नहीं संगठन के बिहार राज्य उपाध्यक्ष शिव कुमार ने गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने, अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार प्रत्येक नागरिक को है। उन्होंने सवाल उठाया कि लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग करना और जनहित के मुद्दे उठाना अपराध कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा, जनसमस्याओं और छात्रहित के सवालों को लेकर संघर्ष करने वाले छात्र-युवाओं पर पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना के विपरीत है। संगठन ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध को गिरफ्तारियों के जरिए दबाने की प्रवृत्ति लोकतांत्रिक समाज के लिए चिंताजनक है। सभी छात्र नेताओं को तत्काल बिना शर्त रिहा करने की मांग संगठन का कहना है कि लोकतंत्र की मजबूती जनता की आवाज सुनने, असहमति का सम्मान करने और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने में है। AIDSO ने बिहार सरकार से गिरफ्तार सभी छात्र नेताओं को तत्काल बिना शर्त रिहा करने और छात्र-युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों पर कार्रवाई बंद करने की मांग की है।

