पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस-112) की शुरूआत करते हुए कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य पुलिस प्रतिक्रिया में लगने वाले समय को घटाना है। कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम में शुभेंदु ने इस प्रणाली के तहत 450 चारपहिया वाहन और इतनी ही संख्या में मोटरसाइकिलों को ईआरएसएस में शामिल किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल पुलिस का औसत आपातकालीन प्रतिक्रिया समय करीब 90 मिनट है।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में आपात स्थिति में छह से 10 मिनट के भीतर पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जाती है। पश्चिम बंगाल ऐसा क्यों नहीं कर सकता?’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आज तो केवल शुरुआत है। अगले एक साल के भीतर हम राज्य के हर पुलिस थाने को चार मोटरसाइकिल और चार कार उपलब्ध कराएंगे।’’
उन्होंने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने इन वाहनों के लिए 1,500 चालकों की भर्ती को मंजूरी दी है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस थानों की खराब स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कई थानों में बुनियादी सुविधाओं और उपयुक्त रखरखाव का अभाव है। कोलकाता के वाटगंज और इकबालपुर थानों का दौरा करने का जिक्र करते हुए शुभेंदु ने कहा कि इनकी इमारतें करीब एक सदी पुरानी लगती हैं और वहां उचित सीसीटीवी प्रणाली तथा अग्निशामक यंत्रों की भी कमी है।
उन्होंने कहा, ‘‘इन सबमें बदलाव करना होगा।

