महाराष्ट्र के ठाणे जिले में झील के संरक्षण और सौंदर्यीकरण की परियोजना के लिए अनिवार्य गारंटी पत्र जारी करने के बदले कथित तौर पर 7.5 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में एक ग्राम सरपंच को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। निरीक्षक प्रमोद अहिरे ने बताया कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जाल बिछाकर आरोपी संजय परशुराम नाइक (62) को शुक्रवार को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
नाइक भिवंडी तालुका के करिविली गांव का सरपंच है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के अनुसार, शिकायतकर्ता को करिविली झील के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए ठाणे जिला परिषद के लघु सिंचाई विभाग से 2.33 करोड़ रुपये का ठेका मिला था। उन्होंने बताया कि परियोजना की 90 प्रतिशत धनराशि सरकार की ओर से दी जाती है, जबकि शेष 10 प्रतिशत यानी लगभग 23.3 लाख रुपये का योगदान स्थानीय स्तर पर करिविली ग्राम पंचायत के माध्यम से जनभागीदारी से किया जाना था।
जिला परिषद के अधिकारियों ने शिकायतकर्ता को काम का आदेश जारी होने से पहले स्थानीय हिस्से की राशि किस्तों में जमा करने के संबंध में ग्राम पंचायत से गारंटी पत्र जमा करने का निर्देश दिया था। जब शिकायतकर्ता गारंटी पत्र के लिए नाइक के पास पहुंचा, तो उसने कथित तौर पर 10 लाख रुपये की मांग की जिसमें से कुछ राशि शुरुआत में ही दे दी गई थी। हालांकि, नाइक जिला परिषद को गारंटी पत्र जमा करने में विफल रहा और बाद में उसने 10 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बताया कि नाइक ने बातचीत के बाद रिश्वत की रकम घटाकर 7.5 लाख रुपये कर दी। अहिरे ने कहा, “हमने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (2018 में संशोधित) के तहत मामला दर्ज किया है।

