लखनऊ में 3 से 5 दिसंबर तक एग्रो टेक 2026 का आयोजन होगा। इंडियन चैंबर ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर (ICFA) ने शुक्रवार को इसके 25वें संस्करण और सिल्वर जुबली समारोह की हजरतगंज स्थित निजी होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी। आयोजन ICAR-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ शुगरकेन रिसर्च में होगा। इसमें देश-विदेश के कृषि विशेषज्ञ, किसान, उद्योगपति, निवेशक और सरकारी प्रतिनिधि शामिल होंगे। ICFA के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं CEO संजय सेठी ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ना है। इससे कृषि क्षेत्र में नवाचार, निवेश और व्यावसायिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। कृषि तकनीक और आधुनिक मशीनों का प्रदर्शन संजय सेठी ने बताया कि तीन दिवसीय आयोजन में कृषि प्रदर्शनी, तकनीकी प्रदर्शन, विशेषज्ञों की चर्चा और कार्यशालाएं होंगी। इसमें बीज, उर्वरक, कृषि मशीनरी, सिंचाई, ड्रोन, AI, सैटेलाइट तकनीक और डिजिटल खेती से जुड़े समाधान प्रदर्शित किए जाएंगे। डेयरी, पोल्ट्री, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग और कोल्ड चेन से जुड़ी तकनीकें भी दिखाई जाएंगी। कार्यक्रम में मिट्टी की सेहत, स्मार्ट सिंचाई, जलवायु अनुकूल खेती और जल-ऊर्जा के बेहतर इस्तेमाल पर चर्चा होगी। फसल कटाई के बाद प्रबंधन को भी प्रमुखता दी जाएगी। किसानों को कृषि ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), फसल बीमा और कृषि उपकरणों के लिए वित्तीय सहायता की जानकारी देने पर जोर रहेगा। किसानों को बाजार और निवेशकों से जोड़ेंगे ICFA के उप महाप्रबंधक अंकित कुमार ने बताया कि किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), कंपनियों और निवेशकों के बीच बैठकें होंगी। क्रेता-विक्रेता संवाद के जरिए किसानों को नए बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। कृषि निर्यात, खाद्य सुरक्षा, मूल्य संवर्धन और टिकाऊ खेती पर भी मंथन होगा। सिल्वर जुबली समारोह में प्रोग्रेसिव फार्मर अवॉर्ड्स और उत्तर प्रदेश स्टेट एग्रीकल्चर अवॉर्ड्स दिए जाएंगे। साथ ही ‘उत्तर प्रदेश स्टेट एग्रीकल्चर विजन 2047’ रिपोर्ट जारी होगी। इसमें कृषि विकास, किसानों की समृद्धि, निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने की दीर्घकालिक योजना प्रस्तुत की जाएगी।

