इंदौर, नौ अक्टूबर भारतीय जनता पार्टी की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने शुक्रवार को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का आरक्षण 27 प्रतिशत से घटाकर फिर से 14 प्रतिशत किए जाने के उच्च न्यायालय के फैसले के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2019 में तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने ओबीसी आरक्षण के संबंध में बिना तथ्यों की जांच किए जल्दबाजी में दस्तावेज तैयार किए थे। खंडेलवाल ने ओबीसी आरक्षण पर उच्च न्यायालय के फैसले के चंद घंटों बाद इंदौर में संवाददाताओं से कहा,‘‘कमलनाथ की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2019 में जल्दबाजी में बिना तथ्यों की जांच किए जो दस्तावेज तैयार किए थे, उनके आधार पर अदालत का निर्णय हुआ है।’’
उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के इस फैसले के बारे में उनकी मुख्यमंत्री मोहन यादव से बात हुई है और आगामी कदम उठाने को लेकर प्रदेश सरकार की शुक्रवार को ही बैठक हुई है।
खंडेलवाल ने कहा,‘‘भाजपा ओबीसी को आरक्षण देने के लिए वचनबद्ध है और राज्य सरकार इसके लिए हर जरूरी कदम उठाएगी।’’
उच्च न्यायालय ने कमलनाथ की अगुवाई वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा 2019 में ओबीसी आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने के लिए बनाए गए कानून को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया है। इस फैसले के परिणामस्वरूप राज्य में ओबीसी आरक्षण फिर से 14 प्रतिशत के स्तर पर आ गया है।

