गोरखपुर मंडल में आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। कमिश्नर इंद्र विक्रम सिंह ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर मंडल के हर जिले में एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर बनाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि गोरखपुर में ABC सेंटर संचालित है, जबकि महराजगंज, देवरिया और कुशीनगर में इसके लिए जमीन चिह्नित की जा चुकी है। कमिश्नर ने निर्देश दिया कि स्थायी सेंटर बनने तक इन जिलों में किसी अनुपयोगी सरकारी भवन में अस्थायी व्यवस्था शुरू की जाए। कमिश्नर ने आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण अभियान तेज करने के साथ कुत्ता काटने की घटनाओं पर तत्काल इलाज सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस काम में लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों और चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नसबंदी और टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के निर्देश कमिश्नर ने कहा कि गली-मोहल्लों, पार्कों और राजमार्गों के आसपास घूमने वाले कुत्तों का टीकाकरण कराया जाए। सचल श्वान मोबाइल वैन से कुत्तों को पकड़कर एंटी रेबीज टीका लगाने, उपचार और नसबंदी की व्यवस्था की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि कुत्तों को पकड़ने से लेकर उपचार, नसबंदी और उसी स्थान पर छोड़ने तक की प्रक्रिया की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई जाए। इसका रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखा जाए। डीएम अपने जिले के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को इस काम का नोडल अधिकारी नामित करेंगे। कुत्ता काटने की सूचना के लिए बनेंगे कंट्रोल रूम कमिश्नर ने नगर निकायों में कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दिए। यहां कुत्ते, बंदर, गधा और सांप काटने की घटनाओं की सूचना दर्ज की जाएगी। पीड़ितों को तत्काल इलाज और एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने अस्पतालों को इस मामले में संवेदनशील रहने और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने को कहा। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि मरीजों की संख्या बढ़ने का इंतजार करने या इलाज में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होगी। हाईवे और सार्वजनिक स्थलों पर निगरानी नेशनल हाईवे पर निराश्रित पशुओं और आवारा कुत्तों की निगरानी के लिए जिले स्तर पर टीमें गठित की जाएंगी। घायल या मृत पशुओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत तत्काल हटाया जाएगा। विद्यालयों, अस्पतालों, खेल परिसरों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और मंदिरों में कुत्तों के प्रवेश पर रोक लगाने की जिम्मेदारी संबंधित संस्थानों को दी जाएगी। डीएम हर महीने इन निर्देशों की समीक्षा कर अनुपालन रिपोर्ट कमिश्नर को भेजेंगे। बैठक में गोरखपुर के डीएम दीपक मीणा समेत करीब 12 विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। महराजगंज, देवरिया और कुशीनगर के डीएम ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए।

