मेरठ शहर और आसपास की कच्ची कॉलोनियों में बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने आंदोलन का ऐलान किया है। व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन के अधिकारियों ने दो महीने तक बुलडोजर कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बावजूद कॉलोनियों में कार्रवाई की जा रही है। इसके विरोध में व्यापारी 24 तारीख से कमिश्नरी चौराहे पर धरना शुरू करेंगे। व्यापारियों ने बताया कि पिछले आठ दिनों से संयुक्त व्यापार संघ के साथ मिलकर काले झंडे लगाकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया जा रहा था। इसके बाद प्रभावित व्यापारियों और लोगों के साथ राय-मशविरा किया गया। बैठक में सामने आया कि अपनी मांगों को प्रशासन और सरकार तक पहुंचाने के लिए व्यापक आंदोलन की जरूरत है। 20 हजार घरों को बचाने की मांग व्यापारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी तरह का टकराव करना नहीं, बल्कि अपने घर, जमीन, दुकानें और रोजगार बचाना है। उनका दावा है कि बुलडोजर कार्रवाई से करीब 20 हजार घरों पर संकट है। गंगानगर क्षेत्र में एमडीए की कॉलोनियों के अलावा हापुड़ रोड की छोटी-छोटी कॉलोनियों में भी कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया गया है। आश्वासन के बाद भी कार्रवाई का आरोप व्यापारियों के मुताबिक, प्रशासन की ओर से दो महीने तक बुलडोजर नहीं चलाने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद कार्रवाई जारी रहने से लोगों में चिंता है। व्यापारियों का कहना है कि कई लोगों ने अपनी जमा पूंजी लगाकर जमीन खरीदी और मकान बनाए हैं। ऐसे में कार्रवाई होने पर उनके सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो सकता है। शांतिपूर्ण तरीके से होगा आंदोलन व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा। 24 तारीख से कमिश्नरी चौराहे पर धरना शुरू करने की घोषणा की गई है। उन्होंने मेरठ के लोगों से भी आंदोलन में सहयोग करने की अपील की है। व्यापारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाकर प्रभावित परिवारों को राहत दिलाना चाहते हैं।

