कैमोर में जहरीले एस्बेस्टस कचरे से गंभीर बीमारियाें का खतरा:नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की; सुरक्षित निस्तारण की मांग

कैमोर में जहरीले एस्बेस्टस कचरे से गंभीर बीमारियाें का खतरा:नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की; सुरक्षित निस्तारण की मांग

कटनी जिले के कैमोर में दशकों पुराने एस्बेस्टस कचरे से स्वास्थ्य पर खतरे का मुद्दा फिर उठा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खुले में फैले एस्बेस्टस कचरे से गंभीर बीमारियां हो रही हैं। वहीं, कलेक्टर ने शिकायत मिलने पर संबंधित विभागों से जांच कराने और कचरे को सुरक्षित करने की बात कही है। खेल मैदान और आबादी के पास फैला है कचरा स्थानीय लोगों के मुताबिक, कैमोर में खेल मैदानों, आवासीय इलाकों और खुली जमीनों पर एस्बेस्टस कचरा फैला है। उनका आरोप है कि एवरेस्ट कंपनी ने एस्बेस्टस फाइबर खुले में फेंके थे। इससे सांस संबंधी बीमारियों, फेफड़ों के संक्रमण और कैंसर के मामले बढ़े हैं। लोगों का दावा है कि कई लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों परिवार इलाज का खर्च उठाने में परेशान हैं। करीब 10 लाख टन कचरा होने का दावा उमंग सिंघार ने बताया कि एक रिपोर्ट के अनुसार कैमोर में अब भी करीब 10 लाख टन एस्बेस्टस-दूषित कचरा मौजूद है। उनके मुताबिक, ब्रिटेन से आई मीडिया टीम ने भी इस मामले की जांच की थी। सिंघार ने बताया कि ब्रिटेन से आए विशेषज्ञों ने करीब 700 पूर्व मजदूरों और उनके 800 परिजनों की जांच की थी। इनमें कई लोगों के कैंसर से पीड़ित पाए जाने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय मुआवजा मिलने की बात भी उन्होंने कही। 5 हजार से ज्यादा लोगों के प्रभावित होने का दावा रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैमोर में 5 हजार से अधिक लोग एस्बेस्टस से जुड़ी बीमारियों से प्रभावित हैं। पिछले साल आयोजित मेडिकल कैंप में 1,200 से अधिक लोगों में गंभीर लक्षण मिलने का दावा भी किया गया है। विदेशी मीडिया की रिपोर्ट्स में 1970 के दशक के कंपनी के आंतरिक दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा गया है कि कंपनी के डॉक्टरों को एस्बेस्टस के खतरों की जानकारी थी। इसके बावजूद मजदूरों को सुरक्षा उपकरण और जोखिम के बारे में चेतावनी नहीं दिए जाने के आरोप हैं। कचरे की सफाई पर बड़ा खर्च आने का अनुमान स्थानीय लोगों की समस्या को सामने रखने के लिए 40 वर्षीय सोमेश का उदाहरण भी दिया गया है। बताया गया है कि बचपन में खेल के मैदान में एस्बेस्टस के संपर्क में आने के बाद वे गंभीर बीमारी की चपेट में आ गए। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनका परिवार कैमोर छोड़कर दूसरी जगह नहीं जा पा रहा है। जानकारी के मुताबिक, टर्नर एंड न्यूऑल के बाद औद्योगिक संपत्ति का हस्तांतरण हुआ और वर्तमान में यह सोमानी ग्रुप के पास बताई जा रही है। हालांकि, पुराने एस्बेस्टस कचरे के सुरक्षित निस्तारण की जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक, पूरे कैमोर क्षेत्र को एस्बेस्टस-मुक्त और सुरक्षित बनाने में 100 मिलियन पाउंड यानी करीब 1,000 करोड़ रुपए से अधिक खर्च हो सकता है। 8 अक्टूबर को कानूनी विशेषज्ञों, बैरिस्टर और डॉक्टरों की एक टीम भी कैमोर पहुंची। टीम ने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर स्वास्थ्य और कानूनी पहलुओं का अध्ययन किया। कलेक्टर बोले- शिकायत पर कराएंगे जांच कटनी कलेक्टर के मुताबिक, पहले फैक्ट्री की ओर से खेल मैदान में फेंके गए कचरे को मिट्टी की मोटी परत से ढककर सुरक्षित करने का प्रयास किया गया था। उन्होंने कहा कि यदि कचरा दोबारा सामने आने या उससे स्वास्थ्य को नुकसान होने की शिकायत मिलती है, तो संबंधित विभागों को मौके का निरीक्षण कर कचरे को फिर से सुरक्षित तरीके से ढकने के निर्देश दिए जाएंगे। कलेक्टर ने यह भी कहा कि शिकायत मिलने पर प्रभावित लोगों का मेडिकल परीक्षण कराकर उचित इलाज की व्यवस्था की जाएगी।

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