Devendra Jhajharia ने Asian Para Games चयन को बताया पारदर्शी, कहा- सुलझाएंगे समस्याएं

Devendra Jhajharia ने Asian Para Games चयन को बताया पारदर्शी, कहा- सुलझाएंगे समस्याएं

नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर भारतीय पैरालंपिक समिति (पीसीआई) के अध्यक्ष देवेंद्र झाझडिया ने जापान में होने वाले आगामी एशियाई पैरा खेलों की चयन प्रक्रिया का बृहस्पतिवार को बचाव करते हुए कहा कि पीसीआई, खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) द्वारा निर्धारित सभी मानदंडों का पालन किया गया है। हालांकि, उन्होंने विरोध कर रहे खिलाड़ियों की ओर से उठाई गई चिंताओं के समाधान की संभावना से इनकार नहीं किया। झाझडिया ने कहा कि सभी खेलों में चयन प्रक्रिया पारदर्शी रही है और खिलाड़ियों के हित पीसीआई की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।झाझडिया ने कहा, ‘‘चाहे एथलेटिक्स हो, साइकिलिंग, तैराकी या निशानेबाजी, हमने सुनिश्चित किया है कि चयन के सभी मानदंड पूरे किए जाएं। हमने मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन किया है। खिलाड़ी हमेशा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता रहा है और रहेगा।हम खेलों में सुविधाएं बढ़ा रहे हैं जिससे कि खिलाड़ियों को बेहतर सहयोग मिल सके और हर चयन में पारदर्शिता बरती गई है।’’
झाझडिया ने कहा कि पीसीआई ना केवल अपने नियमों से बल्कि सरकार और एशियाई पैरा खेलों की आयोजन समिति द्वारा बनाए गए दिशानिर्देशों से भी बंधा है। उन्होंने कहा, ‘‘यह केवल पीसीआई के दिशानिर्देश नहीं हैं। मंत्रालय के साथ-साथ आयोजन समिति के भी दिशानिर्देश हैं और हम संबंधित दिशानिर्देशों के अनुसार काम करते हैं।हर चयन निष्पक्ष तरीके से किया गया है।’’
हालांकि पूर्व पैरालंपिक चैंपियन ने कहा कि खिलाड़ियों की ओर से उठाई गई शिकायतों को अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा और चर्चा के बाद बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। झाझडिया ने कहा, ‘‘यह मुद्दा हमारी जानकारी में है और हम इस पर गौर करेंगे। हम चर्चा करेंगे।जब भी खिलाड़ियों के हित की बात आती है, हम उनकी चिंताओं को हमेशा उठाते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम इस मामले पर चर्चा करेंगे। खिलाड़ियों ने जो भी चिंताएं उठाई हैं उन्हें हम सामने रखेंगे और मंत्रालय के साथ चर्चा करेंगे। खिलाड़ियों को अपनी चिंताएं उठाने और अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है।’’
झाझडिया ने कहा कि वह विरोध कर रहे खिलाड़ियों से पहले ही मिल चुके हैं और उनके साथ आगे भी चर्चा करेंगे।उन्होंने कहा, ‘‘मैं विरोध कर रहे खिलाड़ियों से पहले ही मिल चुका हूं और उनसे फिर मिलूंगा। हमारे खिलाड़ी नियमित रूप से हमारे साथ मुलाकात करते रहते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘खिलाड़ियों ने कुछ चिंताएं उठाई हैं और उनकी बात सुनी गई है। अब हम साथ बैठकर इन मुद्दों पर चर्चा करेंगे।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या चयन संबंधी फैसलों पर पुनर्विचार किया जा सकता है, झाझडिया ने कहा कि फिलहाल किसी भी संभावना को खारिज नहीं किया गया है।झाझडिया ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल पिछले प्रदर्शन या विश्व रैंकिंग के आधार पर चयन की गारंटी नहीं दी जा सकती क्योंकि निर्धारित ट्रायल और मानदंडों का पालन करना जरूरी है। झाझडिया ने कहा कि वह खिलाड़ियों के लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं खिलाड़ियों से बात करता हूं और उनके साथ लगातार संवाद में रहता हूं।यह संभव है कि विचारों, पसंद या नापसंद में अंतर हो लेकिन यह हमारा देश है और खिलाड़ी हमारी प्राथमिकता हैं। 

नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर भारतीय पैरालंपिक समिति (पीसीआई) के अध्यक्ष देवेंद्र झाझडिया ने जापान में होने वाले आगामी एशियाई पैरा खेलों की चयन प्रक्रिया का बृहस्पतिवार को बचाव करते हुए कहा कि पीसीआई, खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) द्वारा निर्धारित सभी मानदंडों का पालन किया गया है। हालांकि, उन्होंने विरोध कर रहे खिलाड़ियों की ओर से उठाई गई चिंताओं के समाधान की संभावना से इनकार नहीं किया। झाझडिया ने कहा कि सभी खेलों में चयन प्रक्रिया पारदर्शी रही है और खिलाड़ियों के हित पीसीआई की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।

झाझडिया ने कहा, ‘‘चाहे एथलेटिक्स हो, साइकिलिंग, तैराकी या निशानेबाजी, हमने सुनिश्चित किया है कि चयन के सभी मानदंड पूरे किए जाएं। हमने मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन किया है। खिलाड़ी हमेशा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता रहा है और रहेगा।

हम खेलों में सुविधाएं बढ़ा रहे हैं जिससे कि खिलाड़ियों को बेहतर सहयोग मिल सके और हर चयन में पारदर्शिता बरती गई है।’’
झाझडिया ने कहा कि पीसीआई ना केवल अपने नियमों से बल्कि सरकार और एशियाई पैरा खेलों की आयोजन समिति द्वारा बनाए गए दिशानिर्देशों से भी बंधा है। उन्होंने कहा, ‘‘यह केवल पीसीआई के दिशानिर्देश नहीं हैं। मंत्रालय के साथ-साथ आयोजन समिति के भी दिशानिर्देश हैं और हम संबंधित दिशानिर्देशों के अनुसार काम करते हैं।

हर चयन निष्पक्ष तरीके से किया गया है।’’
हालांकि पूर्व पैरालंपिक चैंपियन ने कहा कि खिलाड़ियों की ओर से उठाई गई शिकायतों को अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा और चर्चा के बाद बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। झाझडिया ने कहा, ‘‘यह मुद्दा हमारी जानकारी में है और हम इस पर गौर करेंगे। हम चर्चा करेंगे।

जब भी खिलाड़ियों के हित की बात आती है, हम उनकी चिंताओं को हमेशा उठाते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम इस मामले पर चर्चा करेंगे। खिलाड़ियों ने जो भी चिंताएं उठाई हैं उन्हें हम सामने रखेंगे और मंत्रालय के साथ चर्चा करेंगे। खिलाड़ियों को अपनी चिंताएं उठाने और अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है।’’
झाझडिया ने कहा कि वह विरोध कर रहे खिलाड़ियों से पहले ही मिल चुके हैं और उनके साथ आगे भी चर्चा करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं विरोध कर रहे खिलाड़ियों से पहले ही मिल चुका हूं और उनसे फिर मिलूंगा। हमारे खिलाड़ी नियमित रूप से हमारे साथ मुलाकात करते रहते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘खिलाड़ियों ने कुछ चिंताएं उठाई हैं और उनकी बात सुनी गई है। अब हम साथ बैठकर इन मुद्दों पर चर्चा करेंगे।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या चयन संबंधी फैसलों पर पुनर्विचार किया जा सकता है, झाझडिया ने कहा कि फिलहाल किसी भी संभावना को खारिज नहीं किया गया है।

झाझडिया ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल पिछले प्रदर्शन या विश्व रैंकिंग के आधार पर चयन की गारंटी नहीं दी जा सकती क्योंकि निर्धारित ट्रायल और मानदंडों का पालन करना जरूरी है। झाझडिया ने कहा कि वह खिलाड़ियों के लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं खिलाड़ियों से बात करता हूं और उनके साथ लगातार संवाद में रहता हूं।

यह संभव है कि विचारों, पसंद या नापसंद में अंतर हो लेकिन यह हमारा देश है और खिलाड़ी हमारी प्राथमिकता हैं।

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