सीवान-‘जर्जर भवन, पेड़ के नीचे पढ़ाई’, छात्रों का प्रोटेस्ट:आइसा-आरवाईए का ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान; बीईओ को घेरा

सीवान-‘जर्जर भवन, पेड़ के नीचे पढ़ाई’, छात्रों का प्रोटेस्ट:आइसा-आरवाईए का ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान; बीईओ को घेरा

सीवान सदर प्रखंड कार्यालय परिसर में गुरुवार को अखिल भारतीय छात्र संगठन (आइसा) और इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के संयुक्त नेतृत्व में ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत छात्र प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन से पहले कार्यकर्ताओं ने प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न सरकारी विद्यालयों का निरीक्षण कर शैक्षणिक और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के समक्ष प्रदर्शन किया गया। टड़वा स्कूल में दो कमरों में पढ़ाई, किचन शेड खराब होने का दावा निरीक्षण के दौरान राजकीय प्राथमिक विद्यालय टड़वा में भवन की जर्जर स्थिति और महज दो कमरों की उपलब्धता का मुद्दा उठाया गया। संगठन ने खराब शौचालय, बिजली और पेयजल की समस्या होने का दावा किया। स्कूल में खेल मैदान और प्रयोगशाला की सुविधा नहीं होने की बात भी कही गई। किचन शेड की स्थिति खराब होने के कारण कमरे में ही मध्याह्न भोजन बनाए जाने का आरोप लगाया गया। विद्रूती हाता में जर्जर कमरे, पेड़ के नीचे पढ़ने को मजबूर बच्चे राजकीय प्राथमिक विद्यालय विद्रूती हाता में तीन कमरे जर्जर बताए गए। संगठन के अनुसार भवन की कमी के कारण बच्चों को पेड़ के नीचे पढ़ना पड़ता है। स्कूल में शौचालय, बिजली और पेयजल की समस्या के साथ खेल मैदान और प्रयोगशाला के अभाव का भी मुद्दा उठाया गया। उच्च माध्यमिक विद्यालय टड़वा में सात कमरों के लिए पांच और की जरूरत उच्च माध्यमिक विद्यालय टड़वा में सात कमरों के मुकाबले पांच अतिरिक्त कमरों की आवश्यकता बताई गई। संगठन का कहना है कि जगह की कमी के कारण 1 कमरे में दो कक्षाएं संचालित होती हैं। कक्षा एक से 12वीं तक की पढ़ाई वाले इस विद्यालय में 13 शिक्षक हैं। बिजली, शुद्ध पेयजल, शौचालय, खेल मैदान और प्रयोगशाला की कमी का भी आरोप लगाया गया। रेलवे कॉलोनी स्कूल में जर्जर कमरे और जमीन विवाद का मुद्दा प्राथमिक विद्यालय रेलवे कॉलोनी में चार कमरों की स्थिति खराब बताई गई। संगठन ने शौचालय, बिजली और पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने का मुद्दा उठाया। खेल मैदान और प्रयोगशाला के अभाव के साथ विद्यालय के सामने की जमीन पर रेलवे विभाग के दावे से जुड़े विवाद के समाधान की मांग भी की गई। प्राथमिक बालिका विद्यालय पचलखी में भी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाते हुए छात्राओं के लिए सुरक्षित और सुविधायुक्त शैक्षणिक माहौल की मांग की गई। ‘शिक्षा बच्चों का मौलिक अधिकार, सरकार सुविधाएं सुनिश्चित करे’ आइसा के राज्य अध्यक्ष धनंजय ने कहा कि शिक्षा बच्चों का मौलिक अधिकार है और इसे सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकारी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को गंभीर बताते हुए तत्काल समाधान की मांग की। आइसा महासचिव प्रसनजीत ने कहा कि भवन, शौचालय, बिजली और पेयजल जैसी सुविधाओं के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होना उचित नहीं है। प्रदर्शन के दौरान जर्जर भवनों की मरम्मत या नए भवन निर्माण, पर्याप्त कक्षाओं की व्यवस्था, शौचालयों की मरम्मत, बिजली और स्वच्छ पेयजल, खेल मैदान एवं प्रयोगशाला उपलब्ध कराने की मांग की गई। मध्याह्न भोजन और किचन शेड को दुरुस्त करने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शन में विभिन्न विद्यालयों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। संगठन ने कहा कि ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत सरकारी विद्यालयों की समस्याओं और बच्चों के शिक्षा के अधिकार को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। सीवान सदर प्रखंड कार्यालय परिसर में गुरुवार को अखिल भारतीय छात्र संगठन (आइसा) और इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के संयुक्त नेतृत्व में ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत छात्र प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन से पहले कार्यकर्ताओं ने प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न सरकारी विद्यालयों का निरीक्षण कर शैक्षणिक और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के समक्ष प्रदर्शन किया गया। टड़वा स्कूल में दो कमरों में पढ़ाई, किचन शेड खराब होने का दावा निरीक्षण के दौरान राजकीय प्राथमिक विद्यालय टड़वा में भवन की जर्जर स्थिति और महज दो कमरों की उपलब्धता का मुद्दा उठाया गया। संगठन ने खराब शौचालय, बिजली और पेयजल की समस्या होने का दावा किया। स्कूल में खेल मैदान और प्रयोगशाला की सुविधा नहीं होने की बात भी कही गई। किचन शेड की स्थिति खराब होने के कारण कमरे में ही मध्याह्न भोजन बनाए जाने का आरोप लगाया गया। विद्रूती हाता में जर्जर कमरे, पेड़ के नीचे पढ़ने को मजबूर बच्चे राजकीय प्राथमिक विद्यालय विद्रूती हाता में तीन कमरे जर्जर बताए गए। संगठन के अनुसार भवन की कमी के कारण बच्चों को पेड़ के नीचे पढ़ना पड़ता है। स्कूल में शौचालय, बिजली और पेयजल की समस्या के साथ खेल मैदान और प्रयोगशाला के अभाव का भी मुद्दा उठाया गया। उच्च माध्यमिक विद्यालय टड़वा में सात कमरों के लिए पांच और की जरूरत उच्च माध्यमिक विद्यालय टड़वा में सात कमरों के मुकाबले पांच अतिरिक्त कमरों की आवश्यकता बताई गई। संगठन का कहना है कि जगह की कमी के कारण 1 कमरे में दो कक्षाएं संचालित होती हैं। कक्षा एक से 12वीं तक की पढ़ाई वाले इस विद्यालय में 13 शिक्षक हैं। बिजली, शुद्ध पेयजल, शौचालय, खेल मैदान और प्रयोगशाला की कमी का भी आरोप लगाया गया। रेलवे कॉलोनी स्कूल में जर्जर कमरे और जमीन विवाद का मुद्दा प्राथमिक विद्यालय रेलवे कॉलोनी में चार कमरों की स्थिति खराब बताई गई। संगठन ने शौचालय, बिजली और पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने का मुद्दा उठाया। खेल मैदान और प्रयोगशाला के अभाव के साथ विद्यालय के सामने की जमीन पर रेलवे विभाग के दावे से जुड़े विवाद के समाधान की मांग भी की गई। प्राथमिक बालिका विद्यालय पचलखी में भी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाते हुए छात्राओं के लिए सुरक्षित और सुविधायुक्त शैक्षणिक माहौल की मांग की गई। ‘शिक्षा बच्चों का मौलिक अधिकार, सरकार सुविधाएं सुनिश्चित करे’ आइसा के राज्य अध्यक्ष धनंजय ने कहा कि शिक्षा बच्चों का मौलिक अधिकार है और इसे सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकारी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को गंभीर बताते हुए तत्काल समाधान की मांग की। आइसा महासचिव प्रसनजीत ने कहा कि भवन, शौचालय, बिजली और पेयजल जैसी सुविधाओं के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होना उचित नहीं है। प्रदर्शन के दौरान जर्जर भवनों की मरम्मत या नए भवन निर्माण, पर्याप्त कक्षाओं की व्यवस्था, शौचालयों की मरम्मत, बिजली और स्वच्छ पेयजल, खेल मैदान एवं प्रयोगशाला उपलब्ध कराने की मांग की गई। मध्याह्न भोजन और किचन शेड को दुरुस्त करने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शन में विभिन्न विद्यालयों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। संगठन ने कहा कि ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत सरकारी विद्यालयों की समस्याओं और बच्चों के शिक्षा के अधिकार को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।  

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