वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न’ (SIR) में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार की Z+ कैटेगरी की सुरक्षा बढ़ाने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने अतिरिक्त रिज़र्व जवानों की तैनाती बढ़ा दी है। अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। यह अतिरिक्त तैनाती 7 अक्टूबर को की गई। इसके तहत नई मोती बाग कॉलोनी में कुमार के घर, चुनाव आयोग के दफ्तर और उनकी पर्सनल सिक्योरिटी टीम में तैनात जवानों की संख्या बढ़ाई गई।
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कुमार को अभी Z+ सुरक्षा मिली हुई है। यह सुरक्षा का देश का दूसरा सबसे ऊंचा स्तर है (सबसे ऊंचा स्तर SPG यानी स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप का है, जो प्रधानमंत्री और उनके करीबी परिवार के सदस्यों के लिए होता है)। अधिकारियों ने साफ़ किया कि इस तैनाती का मतलब उनकी सुरक्षा कैटेगरी को अपग्रेड करना नहीं है। बल्कि, मौजूदा सुरक्षा हालात और खतरे के आकलन को देखते हुए एहतियात के तौर पर रिज़र्व फ़ोर्स से अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है।
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मौजूदा Z+ सुरक्षा कवर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम सुनिश्चित करने के लिए खतरे की आशंका के आधार पर रिज़र्व जवानों को तैनात किया जाता है। सुरक्षा तब बढ़ाई गई है जब INDIA गठबंधन के नेतृत्व में देशभर में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनमें कुमार के तुरंत इस्तीफ़े और उन्हें हटाने की मांग की जा रही है। विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं—जिनमें कांग्रेस के राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ-साथ समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के नेता भी शामिल हैं—ने भारत के चुनाव आयोग पर चुनाव में हेरफेर करने और सरकार के “कठपुतली” के तौर पर काम करने का आरोप लगाया है।

