पीएम मोदी ने इंडियन मोबाइल कांग्रेस 2026 के 10वें एडिशन का उद्घाटन किया और डिजिटल कनेक्टिविटी और टेलीकॉम सेक्टर में हुए विकास की तारीफ़ की। 2022 में इसी इवेंट में 5G लॉन्च किया गया था, 2023 में इसका और विस्तार हुआ और अब यह 5.5 लाख से ज़्यादा बेस स्टेशनों तक पहुँच गया है। 2024 में इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन का आयोजन हुआ, जिसमें हमने ग्लोबल स्टैंडर्ड्स पर बात की, और पिछले साल हमने ‘मेक इन इंडिया’ पर चर्चा की थी।
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2026 के बाद से मोबाइल कनेक्टिविटी में ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई है
पीएम मोदी ने टेलीकॉम और मोबाइल कनेक्टिविटी के बारे में बात की, जो 2020 में कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान बहुत अहम हो गई थी। उन्होंने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी की वजह से ही बच्चे पढ़ाई जारी रख पाए, लोग एक-दूसरे के संपर्क में रह पाए और रिमोट वर्क (घर से काम) भी सफल रहा। उन्होंने बताया कि इन नेटवर्क्स ने सरकार को लोगों तक सीधे फ़ायदे पहुँचाने में मदद की है, जिससे काम-काज काफ़ी आसान हो गया है। उन्होंने PM-KISAN सम्मान निधि प्रोग्राम का ज़िक्र किया, जिसके तहत (उदाहरण के लिए) किसानों को हर चार महीने में आर्थिक मदद मिलती है और पेमेंट आने पर उन्हें सीधे उनके फ़ोन पर सूचना मिल जाती है। बहुत से लोगों के लिए, टेक्नोलॉजी में आए इस बदलाव ने सरकारी योजनाओं तक पहुँचने के नए रास्ते खोले हैं, जिनका फ़ायदा वे पहले नहीं उठा पाते थे। पीएम ने साफ़ तौर पर कहा कि स्मार्टफ़ोन अब सिर्फ़ कॉल या टेक्स्ट करने से कहीं ज़्यादा काम आ रहे हैं। इनसे इंतज़ार का समय कम हुआ है, जिससे लोगों को अलग-अलग सेवाओं का लाभ तेज़ी से मिल पा रहा है। सरकार दूर-दराज़ के इलाकों में और ज़्यादा मोबाइल टावर लगाने और फ़ाइबर नेटवर्क का विस्तार करने पर ज़ोर दे रही है ताकि आम लोगों के लिए मोबाइल डेटा और भी सस्ता हो सके। इससे पूरे भारत में लोगों की ‘कनेक्टेड इकोसिस्टम’ तक पहुँच और बेहतर होगी।
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भारत में तेज़ी से बढ़ता गेमिंग सेक्टर
प्रधानमंत्री ने भारत में गेमिंग सेक्टर और कंटेंट-क्रिएशन के बढ़ते चलन की भी तारीफ़ की, जो बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से बढ़ा है। उन्होंने बताया कि अब 50 करोड़ से ज़्यादा लोग गेमिंग इकोसिस्टम का हिस्सा हैं, जिनमें से बड़ी संख्या छोटे शहरों और कस्बों (पीएम मोदी के अनुसार, टियर 2 और टियर 3) से है। युवा क्रिएटर्स सिर्फ़ गेम नहीं खेल रहे हैं; बल्कि वे बिज़नेस बना रहे हैं, कंटेंट बना रहे हैं और अपने मोबाइल फ़ोन को गेमिंग कंसोल और क्रिएटिव स्टूडियो, दोनों में बदल रहे हैं। इससे क्षेत्रीय शो और फ़िल्मों में भी तेज़ी आई है, खासकर OTT प्लेटफ़ॉर्म पर, जहाँ हर कोई अपनी भाषा में कंटेंट देख सकता है। यही वजह है कि भारत का कंटेंट-क्रिएशन उद्योग समय के साथ लगभग 1,000 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है।
साइबर क्राइम, डीपफेक और डिजिटल क्राइम के बारे में जागरूकता
पीएम मोदी ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि अब भारतीय डीपफेक और साइबर क्राइम के बारे में ज़्यादा जागरूक हो रहे हैं। उन्होंने डिजिटल जागरूकता के बढ़ते महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यूज़र्स फ़ेक कंटेंट, धोखाधड़ी वाले मैसेज और अन्य ऑनलाइन खतरों को लेकर ज़्यादा सतर्क और सावधान हो रहे हैं।

