MPSC Protest: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की विभिन्न मांगों को लेकर पुणे में जारी विद्यार्थियों के आंदोलन को कांग्रेस सांसद प्रणिती शिंदे ने समर्थन दिया। बुधवार को आंदोलन स्थल पर पहुंचीं शिंदे ने प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत की और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने छात्रों से किसी भी दबाव में नहीं आने और अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की अपील की।
कांग्रेस नेता प्रणिती शिंदे ने आंदोलन स्थल पर मौजूद पुलिस बल को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले दो-तीन दिनों में पुलिस की ओर से कार्रवाई की जा सकती है और लाठीचार्ज की स्थिति बन सकती है। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे ऐसी किसी भी स्थिति में पीछे न हटें और अपनी लड़ाई जारी रखें।
‘पुलिस आंदोलन में शामिल होने आई है या गिरफ्तार करने?’
आंदोलन स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी देखकर प्रणिती शिंदे ने प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पुलिस को देखकर उन्हें समझ नहीं आया कि पुलिस आंदोलन में शामिल होने आई है या छात्रों को गिरफ्तार करने।
कांग्रेस सांसद ने सरकार पर छात्रों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि युवाओं की यह लड़ाई सिर्फ उनकी व्यक्तिगत मांगों तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतंत्र और संविधान के मूल्यों से भी जुड़ी हुई है।
उन्होंने छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि लोकतंत्र के सामने आखिरकार सभी को झुकना पड़ता है। युवाशक्ति को अपनी ताकत दिखानी चाहिए और सरकार को बताना चाहिए कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाना क्या होता है।
‘मैंने भी MPSC की तैयारी की थी’
प्रणिती शिंदे ने छात्रों से बातचीत के दौरान अपने व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि उन्होंने भी MPSC की तैयारी की थी, लेकिन उन्हें इसमें सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने कानून की पढ़ाई की।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र लंबे समय तक मेहनत करते हैं और इसमें उनका काफी समय और पैसा खर्च होता है। ऐसे में सरकार को उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक समाधान निकालना चाहिए।
‘FIR होने दीजिए, उसे वापस लेने की ताकत भी हमारे पास है’
प्रणिती शिंदे ने आंदोलन के दौरान FIR या पुलिस कार्रवाई को लेकर छात्रों को डरने से भी इनकार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर छात्रों पर FIR दर्ज होती है तो उसे वापस लेने की ताकत भी उनके पास है।
उन्होंने अधिकारियों के राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों के बजाय निर्णय लेने वाले राजनीतिक नेतृत्व को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, अब परिस्थितियों को बदलने का समय आ गया है और इस बदलाव में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत का भी जिक्र
प्रणिती शिंदे ने दिल्ली में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गांधी के विचारों और संविधान के मूल्यों के प्रभाव को बदलने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि भारत की पहचान गांधी के विचारों, संविधान और सर्वधर्म समभाव से जुड़ी है। शिंदे ने केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और कहा कि लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
MPSC छात्रों की मांगों पर बढ़ा दबाव
पुणे में MPSC अभ्यर्थियों का आंदोलन परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, भर्ती प्रक्रिया और आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों को लेकर जारी है। आंदोलन के बीच पुलिस की ओर से कुछ छात्रों और कोचिंग तथा स्टडी रूम संचालकों को नोटिस दिए जाने की खबर भी सामने आई थी।
इस बीच बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी आंदोलन का संज्ञान लिया है। अदालत ने छात्रों की चिंताओं को गंभीर माना, लेकिन उनसे आंदोलन समाप्त कर पढ़ाई पर लौटने की अपील की। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से परीक्षा प्रक्रिया और विद्यार्थियों की मांगों पर उठाए गए कदमों की जानकारी देने को कहा है।
प्रणिती शिंदे ने हालांकि छात्रों से आंदोलन से पीछे नहीं हटने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाशक्ति अगर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी ताकत दिखाती है तो सरकार को भी उनकी आवाज सुननी पड़ेगी। उन्होंने MPSC अभ्यर्थियों की लड़ाई में अपना समर्थन जारी रखने की बात कही।

