Mecca Defense Alliance: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि तुर्कीये और पाकिस्तान ‘मक्का अलायंस’ के तहत अपनी सेना तैनात करके सऊदी अरब की मदद करना चाहते हैं। उन्होंने इस कदम को ‘अच्छा’ बताया। सऊदी अरब पर हमले के बाद वहां सेना भेजने पर तुर्कीये और पाकिस्तान की सहमति के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि, वे सऊदी अरब की मदद करना चाहते हैं, और मुझे लगता है कि यह अच्छी बात है।
सऊदी अरब, तुर्कीये और पाकिस्तान ‘मक्का डिफेंस अलायंस’ के तहत सामूहिक रक्षा उपायों को लागू करने पर सहमत हुए हैं। यमन के हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों के बीच वहां सेना और सैन्य क्षमताएं तेजी से तैनात की जाएंगी। यह फैसला रियाद में अलायंस की पॉलिटिकल और डिफेंस स्ट्रैटेजिक कमेटी की आपातकालीन बैठक में लिया गया।
सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान अल सऊद ने X पर लिखा कि बैठक में सऊदी अरब और पवित्र स्थलों पर हुए भयानक हमलों का सामना करने में एकजुटता दोहराई गई। कमेटी हमलों और उनके जिम्मेदार लोगों के जवाब में सामूहिक प्रतिरोध उपाय लागू करने पर सहमत हुई।
तुरंत लागू होंगी सामूहिक रक्षा प्रतिबद्धताएं
संयुक्त बयान के अनुसार कमेटी ने सामूहिक रक्षा प्रतिबद्धताओं को व्यावहारिक रूप से तुरंत लागू करने का फैसला किया। पहले से तय सेना और सैन्य क्षमताएं उपलब्ध कराने और उन्हें सऊदी अरब में तेजी से तैनात करने के लिए जरूरी कदम उठाने पर सहमति बनी। यह तैनाती मंजूर किए गए इंतजामों और सदस्य देशों के राष्ट्रीय कानूनों के अनुसार होगी।
रियाद में अमेरिकी दूतावास का सुरक्षा अलर्ट
रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने हूतियों की सार्वजनिक धमकियों का हवाला देकर सुरक्षा अलर्ट जारी किया। दूतावास ने संभावित उड़ान रद्द होने, हवाई क्षेत्र बंद होने और यात्रा में रुकावटों की चेतावनी दी। अमेरिकी कर्मचारियों को यमन सीमा के 20 मील के दायरे में यात्रा की अनुमति नहीं है। जिजान, असीर और नज्रान प्रांतों तथा कतीफ, यानबू और ताइफ शहरों के लिए विशेष अनुमति चाहिए।
आभा और किंग खालिद एयरपोर्ट पर हमले, तीन की मौत
सऊदी सिविल एविएशन अथॉरिटी के अनुसार आभा और किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूती हमलों में दो दिनों में तीन आम नागरिकों की मौत हुई और 36 घायल हुए। यमन में सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसने रियाद पर हमले में इस्तेमाल बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म को नष्ट कर दिया है।

