Elon Musk का आरोप: Starlink को भारत में रोक रहे हैं कुछ एकाधिकारवादी समूह

Elon Musk का आरोप: Starlink को भारत में रोक रहे हैं कुछ एकाधिकारवादी समूह

नयी दिल्ली, सात अक्टूबर दिग्गज अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क ने कुछ दूरसंचार कंपनियों पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा है कि भारत में अपनी एकाधिकार वाली स्थिति बनाए रखने के लिए कुछ ‘प्रभावशाली समूह’ उनकी कंपनी की उपग्रह संचार सेवा को शुरू होने से रोक रहे हैं। मस्क ने 11,000 से अधिक गांवों में मोबाइल कवरेज उपलब्ध नहीं होने संबंधी एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘दुर्भाग्य से, कुछ प्रभावशाली समूह भारतीय लोगों पर अपनी एकाधिकार वाली पकड़ बनाए रखने के लिए हमें रोक रहे हैं। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वे कौन हैं… यह भारत के लोगों के खिलाफ अपराध है।’’
डॉजडिजाइनर नाम के एक सत्यापित ‘एक्स’ खाते पर कहा गया था कि मई 2026 तक भारत के 11,256 सूचीबद्ध गांवों में 4जी कवरेज उपलब्ध नहीं था।

इस खाते ने ग्रामीण क्षेत्रों में दूरसंचार संपर्क की कमी से जुड़ी जानकारी साझा करते हुए कहा कि ‘भारत को स्टारलिंक की जरूरत है।’
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब भारत में दूरसंचार क्षेत्र का प्रमुख आयोजन ‘इंडिया मोबाइल कांग्रेस’ शुरू हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बृहस्पतिवार को इस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस बीच, मस्क की अगुवाई वाली अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कंपनी की उपग्रह संचार इकाई स्टारलिंक भारत में सेवा शुरू करने के लिए तैयार है।

स्पेसएक्स की उपाध्यक्ष (स्टारलिंक बिजनेस ऑपरेशंस) लॉरेन ड्रेयर ने कहा कि कंपनी ने भारतीय बाजार में सेवा देने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार करने में निवेश किया है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने भारत की सुरक्षा जरूरतों और अन्य नियामकीय प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए देश के लिए स्टारलिंक का परिचालन ढांचा तैयार किया है। इसमें हर स्तर पर भारत के लिए नियंत्रण व्यवस्था और भारतीय उपयोगकर्ताओं का डेटा देश में ही रखने की व्यवस्था शामिल है।

सरकार ने भारत में उपग्रह संचार सेवाएं देने के लिए स्टारलिंक समेत तीन कंपनियों को लाइसेंस दिए हैं। हालांकि, उपग्रह संचार कंपनियों को सेवाएं शुरू करने के लिए स्पेक्ट्रम और सुरक्षा मंजूरी की जरूरत है। ड्रेयर ने कहा कि कंपनी ने पहले ही निवेश कर मौजूदा जमीनी बुनियादी ढांचा तैयार कर लिया है।

इसमें 20 गेटवे साइट और सैकड़ों एंटीना शामिल हैं तथा भारत में सेवा देने के लिए परिचालन व्यवस्था भी तैयार है।

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