The Vvaan Audience Reaction: सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ को सिनेमाघरों में दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। फिल्म को मिल रहे प्यार से सिद्धार्थ मल्होत्रा खुद भी हैरान हैं। मनीष पॉल के साथ बातचीत में अभिनेता ने बताया कि फिल्म को उम्मीद से कहीं ज्यादा प्यार मिल रहा है। उन्होंने बिहार में फिल्म को लेकर दर्शकों की दीवानगी का जिक्र करते हुए कहा कि लोग थिएटर के बाहर चप्पलें उतारकर जा रहे हैं।
‘अभी तो ईमानदारी से सिंक इन नहीं हुआ’
मनीष पॉल के साथ बातचीत में सिद्धार्थ मल्होत्रा ने फिल्म को मिल रही प्रतिक्रिया पर कहा कि अभी उन्हें इस बात का पूरी तरह एहसास नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, “अभी तो ऑनेस्टली सिंक इन नहीं हुआ है। तो अभी सेलिब्रेशन तो होगा। अभी तो हम लोग ऐसे हैं कि क्या बात कर रहे हो? अच्छा इतना प्यार मिल रहा है।”
मनीष पॉल ने आगे बताया कि फिल्म को जितने प्यार की उम्मीद थी, उससे कहीं ज्यादा दर्शकों का प्यार मिल रहा है। उनके मुताबिक, टीम ने दर्शकों से कनेक्शन की उम्मीद तो की थी, लेकिन जिस स्तर पर प्रतिक्रिया मिल रही है, वह उनके लिए भी खास है।
‘बिहार में लोग थिएटर के बाहर चप्पलें उतारकर जा रहे हैं’
अभिनेता ने बिहार में फिल्म को मिल रहे रिस्पॉन्स का खास तौर पर जिक्र किया। मनीष पॉल ने कहा, “एक होता है ना कि आपने एक्सपेक्ट किया होता था लेकिन हमें एक्सपेक्टेशन से ज्यादा प्यार मिल रहा है। मतलब हमने देखा बिहार में लोग थिएटर के बाहर चप्पलें उतार के जा रहे हैं। मतलब उस तरह उस लेवल का प्यार मिल रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि टीम ने बिल्कुल भी नहीं सोचा था कि फिल्म को इस तरह का रिस्पॉन्स मिलेगा। सिद्धार्थ ने कहा कि इस बात की उन्हें बेहद खुशी है और उन्हें पूरा भरोसा है कि फिल्म की सफलता का जश्न भी बड़े स्तर पर मनाया जाएगा।
आस्था और लोककथा से जुड़ी है फिल्म की कहानी
दीपक कुमार मिश्रा के निर्देशन में बनी ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया मुख्य भूमिकाओं में हैं।
फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर भी दर्शकों के बीच उत्साह देखने को मिल रहा है। कुछ दर्शकों ने सिद्धार्थ की एक्टिंग की तारीफ की है, तो कई लोगों को तमन्ना भाटिया की परफॉर्मेंस भी पसंद आई है। क्रिटिक्स की तरफ से भी फिल्म को अच्छी प्रतिक्रिया मिलने की बात सामने आई है। फिल्म की खासियत भारतीय लोककथाओं को फैंटेसी, मिस्ट्री और एडवेंचर के साथ जोड़ना है। कहानी में बिहार की पृष्ठभूमि और छठ पूजा की परंपरा को भी अहम जगह दी गई है। आस्था और सांस्कृतिक भावनाओं से जुड़ा यह पहलू फिल्म को दर्शकों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहा है।

