Cancer Diagnosis Next Steps: कैंसर डायग्नोसिस के बाद मरीज क्या करें? Mayo Clinic ने बताए 11 जरूरी कदम

Cancer Diagnosis Next Steps: कैंसर डायग्नोसिस के बाद मरीज क्या करें? Mayo Clinic ने बताए 11 जरूरी कदम

Cancer Diagnosis Next Steps: कैंसर एक ऐसी बीमारी का नाम है, जिसे सुनते ही किसी भी व्यक्ति या उसके परिवार के पैरों तले जमीन खिसक जाती है। डॉक्टर के मुंह से आपको कैंसर है सुनना मन में डर, अनिश्चितता, उदासी और कई सारे सवालों का तूफान खड़ा कर देता है। ऐसे समय में समझ नहीं आता कि अब आगे क्या करना चाहिए और कहां से शुरुआत करनी चाहिए। अमेरिकन कैंसर सोसाइटी (American Cancer Society) के स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कैंसर की रिपोर्ट आने के बाद घबराने के बजाय सही जानकारी जुटाना और मानसिक रूप से मजबूत होना ही इलाज की पहली सीढ़ी होती है। मेयो क्लिनिक ने ऐसे ही मुश्किल दौर से गुजर रहे मरीजों के लिए 11 बेहद जरूरी कदम बताए हैं, जो उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से इस बीमारी का सामना करने में मदद करते हैं। आइए इन्हें समझते हैं।

1. अपनी बीमारी के बारे में सही और पूरी जानकारी जुटाएं (Get the facts)

मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, कैंसर का पता चलते ही इंटरनेट पर सब कुछ खोजने के बजाय सीधे अपने डॉक्टर से अपनी बीमारी के बारे में सही तथ्य जानें। अपने डॉक्टर से पूछें मुझे किस प्रकार का कैंसर है? क्या यह शरीर के अन्य हिस्सों में फैला है (कैंसर की स्टेज क्या है)? इसके इलाज के क्या-क्या विकल्प मौजूद हैं?

2. बातचीत के रास्ते खुले रखें (Keep communication open)

अपनी भावनाओं को अंदर दबाकर रखने या दूसरों के सामने जबरदस्ती मजबूत बनने की कोशिश न करें। अपने परिवार, दोस्तों और डॉक्टर के साथ दिल की बात शेयर करें। जब आप खुलकर बात करते हैं, तो मन का बोझ हल्का होता है और अपनों का साथ आपको अंदर से हिम्मत देता है।

3. शारीरिक बदलावों के लिए खुद को पहले से तैयार करें (Anticipate physical changes)

इलाज शुरू होने से पहले ही आने वाले शारीरिक बदलावों के बारे में डॉक्टर से बात कर लें। जैसे- अगर केमोथेरेपी से बाल झड़ने वाले हैं, तो पहले से ही विग या स्कार्फ का इंतजाम कर लें। पहले से तैयारी कर लेने से इलाज के दौरान मानसिक झटका कम लगता है।

4. अपनी जीवनशैली (Lifestyle) को हेल्दी बनाए रखें

  • कैंसर के इलाज से होने वाले तनाव और थकान से निपटने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल बहुत जरूरी है।
  • संतुलित और पौष्टिक खाना खाएं।
  • पर्याप्त नींद और आराम लें।
  • अगर डॉक्टर इजाजत दें, तो हल्की-फुल्की वॉक या योग जरूर करें।

5. अपनों की मदद लेने से न हिचकिचाएं (Let family help)

जब दोस्त या रिश्तेदार आपकी मदद करना चाहें, तो उनकी मदद जरूर स्वीकार करें। खाना बनाने, घर के छोटे-मोटे काम करने या अस्पताल ले जाने में अपनों का सहयोग लें। इससे आपको आराम मिलेगा और आपके अपनों को भी महसूस होगा कि वे इस मुश्किल समय में आपके साथ खड़े हैं।

6. अपने जीवन के लक्ष्यों और प्राथमिकताओं पर ध्यान दें (Review priorities)

यह समय यह तय करने का है कि आपके जीवन में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण क्या है। उन कामों या गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करें जो आपको खुशी और शांति देती हैं। गैर-जरूरी जिम्मेदारियों को कुछ समय के लिए टाल दें।

7. अपनी सामान्य दिनचर्या (Routine) को बनाए रखने की कोशिश करें

अगर संभव हो, तो अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या को जितना हो सके सामान्य रखें। एक-एक दिन करके आगे बढ़ें। भविष्य की ज्यादा चिंता करने के बजाय आज के दिन पर ध्यान दें।

8. पैसों और इलाज के खर्च की प्लानिंग करें (Plan for financial costsz)

कैंसर का इलाज महंगा हो सकता है। इसलिए शुरुआती दिनों में ही अपने हेल्थ इंश्योरेंस, मेडिकल कवर, अस्पताल के खर्च और काम से छुट्टी (Leave policy) को लेकर स्पष्ट योजना बना लें। इससे इलाज के बीच में आर्थिक तनाव का सामना नहीं करना पड़ेगा।

9. कैंसर के अन्य मरीजों से बात करें (Talk to other cancer patients)

कैंसर से जंग जीत चुके लोगों या सपोर्ट ग्रुप्स (Support Groups) से जुड़ना बहुत मददगार साबित होता है। उनसे बात करके आपको पता चलता है कि आप अकेले नहीं हैं और इस बीमारी से पूरी तरह ठीक हुआ जा सकता है।

10. समाज की पुरानी सोच या भ्रांतियों से लड़ें (Fight stigmas)

आज भी समाज में कैंसर को लेकर कई तरह की गलतफहमियां हैं। लोग सोचते हैं कि कैंसर का मतलब सिर्फ दर्द या मौत है, जबकि आधुनिक मेडिकल साइंस में इसका सफल इलाज मौजूद है। इन नकारात्मक बातों को खुद पर हावी न होने दें।

11. तनाव से निपटने का अपना तरीका ढूंढें (Develop your coping strategy)

हर इंसान का तनाव से निपटने का तरीका अलग होता है। कुछ लोगों को डायरी लिखने से राहत मिलती है, कुछ को संगीत सुनने या ध्यान (Meditation) लगाने से, तो कुछ को पूजा-पाठ से। आपको जिस चीज़ से मानसिक शांति मिले, उसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। कैंसर की जंग में आपकी इच्छाशक्ति (Willpower) और सही समय पर लिया गया डॉक्टरी परामर्श ही सबसे बड़ा हथियार होता है। रिपोर्ट आते ही पैनिक होने के बजाय इन जरूरी कदमों को अपनाएं और डॉक्टर की सलाह से अपनी इलाज की यात्रा शुरू करें।

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