Bihar Politics: JDU के महासचिव श्याम रजक ने RJD के ब्लॉक स्तरीय विरोध प्रदर्शनों को लेकर तेजस्वी यादव पर तंज कसा है। इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी, इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में 25 साल के कार्यकाल पर भी प्रतिक्रिया दी।
JDU Shyam Rajak: बिहार के सभी ब्लॉकों में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शनों को लेकर जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को अपनी गाड़ी छोड़कर हर ब्लॉक का दौरा पैदल करना चाहिए ताकि उनका बढ़ा हुआ वजन कम हो सके और सेहत में सुधार हो। इसके अलावा, रजक ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी की आलोचना की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे करने पर प्रतिक्रिया दी।
तेजस्वी का बढ़ता वजन सेहत के लिए खतरा – श्याम रजक
RJD के ब्लॉक लेवल आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए श्याम रजक ने कहा, “मैंने पहले ही सुझाव दिया था कि तेजस्वी यादव को हर ब्लॉक का दौरा करना चाहिए। इससे चर्बी कम होगी। वे जिस तरह से मोटे होते जा रहे हैं, उससे उनके स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। मैं सचमुच उनकी सेहत को लेकर चिंतित हूं क्योंकि वह हमारे राज्य में विपक्ष के नेता हैं। वह अनमने ढंग से काम करते हैं और उनमें कई कमियां हैं, लेकिन इसके बावजूद वे हमारे राज्य के प्रतिपक्ष के नेता हैं, इसलिए मुझे उनके स्वास्थ्य की चिंता है।
श्याम रजक ने आगे कहा कि वह चाहते हैं कि तेजस्वी यादव गाड़ियों पर निर्भर रहना छोड़ दें और इसके बजाय पैदल चलें या दौड़ें। इस तरह तेजस्वी अपनी राजनीतिक जिम्मेदारियों भी पूरी कर सकेंगे और साथ ही अपनी सेहत में भी सुधार कर सकेंगे।
राहुल गांधी और कांग्रेस पर भी दी प्रतिक्रिया
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ INDIA गठबंधन के विरोध प्रदर्शन और राष्ट्रपति से मुलाकात का समय तय करने की उनकी कोशिश को लेकर श्याम रजक ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को नियम और प्रोटोकॉल सीखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष हैं और कांग्रेस के बड़े नेता हैं। उन्हें नियमों और कानूनों की जानकारी होनी चाहिए। मुलाकात का समय मांगने या कोई मुद्दा उठाने के दौरान किस मंच पर जाना है और अपनी बात कैसे रखनी है, इसके लिए तय नियम और प्रक्रिया है।
श्याम रजक ने कहा कि अगर राहुल गांधी नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो इसका मतलब है कि लोकतंत्र में भरोसा नहीं है। वे कोई ऐसे राजा नहीं हैं जो अपनी मर्ज़ी से आदेश दे सकें और तुरंत उनके पालन की उम्मीद कर सकें। हर किसी की अपनी जिम्मेदारियां और कर्तव्य होते हैं। अगर उन्होंने तय प्रक्रिया का पालन किया होता और उनकी बात नहीं सुनी जाती, तो इस मुद्दे को उठाना सही होता।
श्याम रजक ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी का एकमात्र मकसद हंगामा खड़ा करना है, जिसे जनता नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाना और उन्हें अपने नियंत्रण में लाने की कोशिश करना कांग्रेस पार्टी की पुरानी आदत रही है। वे बहुत निराश हैं क्योंकि न्यायपालिका, संसद और दूसरे संस्थानों पर उनका जो नियंत्रण पहले था, वह अब खत्म हो गया है।
पीएम मोदी के 25 वर्षों पर भी बोले
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे होने पर श्याम रजक ने कहा कि 2014 में देश की कमान संभालने के बाद से पीएम मोदी के नेतृत्व में रक्षा, वित्त और शिक्षा के क्षेत्रों के साथ-साथ दबे-कुचले वर्गों के उत्थान के लिए बेहतरीन काम हुए हैं, जिससे देश गौरवान्वित हुआ है। आजादी के दशकों बाद वंचितों को न्याय दिलाने की जो प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए थी, उसकी शुरुआत अब हुई है।
श्याम रजक ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री जी के मन में गरीबों और दलितों के प्रति वास्तविक चिंता रहती है, लेकिन आज भी दलित समाज की स्थिति उतनी अच्छी नहीं हो पाई है। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे अपने इतने लंबे शासनकाल के अनुभव का इस्तेमाल करते हुए अगले पांच वर्षों के लिए एक विशेष एजेंडा तैयार करें, जिससे बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विजन के अनुरूप दलितों के शैक्षिक और सामाजिक उत्थान को पूरी तरह सुनिश्चित किया जा सके।

