पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर 522 चयनित BELTRON Programmers ने ज्वॉइनिंग की मांग को लेकर एक बार फिर अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल शुरू कर दी है। चार अभ्यर्थी आमरण अनशन पर बैठे हैं। अभ्यर्थी 1 अक्टूबर से प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया के सभी प्रमुख चरण पूरे होने के बावजूद अब तक नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया है।
छह दिनों से दो अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर बैठे
अम्बुज कुमार और मिथिलेश कुमार 1 अक्टूबर से आमरण अनशन पर हैं।अम्बुज कुमार की हालत गंभीर होती जा रही है। हालांकि, डॉक्टरों की टीम सुबह शाम ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन और वजन की जांच कर रही है, लेकिन प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अम्बुज की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है और सरकार के नुमाइंदे देखने तक नहीं आ रहे हैं। वहीं, 5 अक्टूबर से निशा सहनी और चंदा कुमारी भी भूख हड़ताल पर बैठी हैं। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि सरकार इस पर ध्यान नहीं देती है, तो हमलोगों को अब कड़े कदम उठाने पड़ेंगे। अनशन पर बैठे अम्बुज कुमार ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि पिछली बार भी मंत्री से मुलाकात के बाद आश्वासन मिलने पर उन्होंने अनशन खत्म किया था। उनका आरोप है कि आश्वासन के बावजूद जॉइनिंग नहीं हुई। उन्होंने कहा कि हर बार सरकार और मंत्री की ओर से केवल आश्वासन दिया जा रहा है। वहीं मिथिलेश कुमार, निशा सहनी और चंदा कुमारी ने कहा कि उनकी मांग नियुक्ति पत्र की है। जब तक उन्हें और परीक्षा में सफल सभी अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र नहीं दिया जाता, तब तक वे अनशन खत्म नहीं करेंगे। धरना स्थल पर मौजूद अभ्यर्थी नीरज कुमार ने बताया कि चार साथी भूख हड़ताल पर हैं। इनमें दो 1 अक्टूबर और दो महिला अभ्यर्थी 5 अक्टूबर से अनशन पर हैं। उन्होंने कहा कि अब तक सरकार की ओर से कोई प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं आया है। नीरज के मुताबिक, अनशन के दौरान दो अभ्यर्थियों का वजन 8 से 9 किलो तक कम हो चुका है। महिला अभ्यर्थियों की स्थिति को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई।
मंत्री ने पहले दिया था भरोसा, अब नहीं दे रहे ध्यान- प्रदर्शनकारी
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के मुताबिक, इससे पहले भी उन्होंने नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन किया था। इस दौरान बिहार के आईटी मंत्री नीतीश मिश्रा से मुलाकात हुई थी। अभ्यर्थियों का कहना है कि मंत्री की ओर से ज्वॉइनिंग शुरू करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन तय समयसीमा में प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। इसके बाद अभ्यर्थियों ने दोबारा धरना शुरू किया है। 8 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम नीरज कुमार ने कहा कि अभ्यर्थी शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर 8 अक्टूबर तक सरकार की ओर से जॉइनिंग को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो अभ्यर्थी मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। 2024 में निकला था भर्ती का नोटिफिकेशन अभ्यर्थियों के अनुसार, वर्ष 2024 में BELTRON Programmer भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया गया था। 5 और 6 अगस्त 2025 को भर्ती परीक्षा आयोजित हुई। जनवरी 2026 में रिजल्ट जारी किया गया, जबकि मार्च 2026 में दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। इसके बाद 522 अभ्यर्थियों के चयन के बावजूद ज्वॉइनिंग नहीं कराई गई। मंत्री से तीन बार मुलाकात, फिर भी नहीं मिली ज्वॉइनिंग अभ्यर्थियों ने बताया कि जॉइनिंग की मांग को लेकर 1 सितंबर से पहले भी भूख हड़ताल और धरना शुरू किया गया था। 5 सितंबर को आईटी मंत्री नीतीश मिश्रा से मुलाकात हुई। इस दौरान 2 अक्टूबर तक जॉइनिंग प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन मिलने की बात अभ्यर्थियों ने कही। इसके बाद 11 सितंबर को अभ्यर्थियों ने दोबारा मंत्री से मुलाकात की। अभ्यर्थियों के मुताबिक, इस दौरान 10 दिनों के भीतर ज्वॉइनिंग शुरू करने का आश्वासन दिया गया था। 29 सितंबर को मंत्री से तीसरी बार मुलाकात हुई, लेकिन इस बार ज्वॉइनिंग को लेकर कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई गई। अभ्यर्थियों का कहना है कि लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं होने के कारण उन्हें 1 अक्टूबर से फिर अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल शुरू करनी पड़ी है। अगर सरकार इस पर ध्यान नहीं देगी, तो 8 अक्टूबर के बाद सीएम हाउस का घेराव किया जाएगा। पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर 522 चयनित BELTRON Programmers ने ज्वॉइनिंग की मांग को लेकर एक बार फिर अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल शुरू कर दी है। चार अभ्यर्थी आमरण अनशन पर बैठे हैं। अभ्यर्थी 1 अक्टूबर से प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया के सभी प्रमुख चरण पूरे होने के बावजूद अब तक नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया है।
छह दिनों से दो अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर बैठे
अम्बुज कुमार और मिथिलेश कुमार 1 अक्टूबर से आमरण अनशन पर हैं।अम्बुज कुमार की हालत गंभीर होती जा रही है। हालांकि, डॉक्टरों की टीम सुबह शाम ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन और वजन की जांच कर रही है, लेकिन प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अम्बुज की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है और सरकार के नुमाइंदे देखने तक नहीं आ रहे हैं। वहीं, 5 अक्टूबर से निशा सहनी और चंदा कुमारी भी भूख हड़ताल पर बैठी हैं। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि सरकार इस पर ध्यान नहीं देती है, तो हमलोगों को अब कड़े कदम उठाने पड़ेंगे। अनशन पर बैठे अम्बुज कुमार ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि पिछली बार भी मंत्री से मुलाकात के बाद आश्वासन मिलने पर उन्होंने अनशन खत्म किया था। उनका आरोप है कि आश्वासन के बावजूद जॉइनिंग नहीं हुई। उन्होंने कहा कि हर बार सरकार और मंत्री की ओर से केवल आश्वासन दिया जा रहा है। वहीं मिथिलेश कुमार, निशा सहनी और चंदा कुमारी ने कहा कि उनकी मांग नियुक्ति पत्र की है। जब तक उन्हें और परीक्षा में सफल सभी अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र नहीं दिया जाता, तब तक वे अनशन खत्म नहीं करेंगे। धरना स्थल पर मौजूद अभ्यर्थी नीरज कुमार ने बताया कि चार साथी भूख हड़ताल पर हैं। इनमें दो 1 अक्टूबर और दो महिला अभ्यर्थी 5 अक्टूबर से अनशन पर हैं। उन्होंने कहा कि अब तक सरकार की ओर से कोई प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं आया है। नीरज के मुताबिक, अनशन के दौरान दो अभ्यर्थियों का वजन 8 से 9 किलो तक कम हो चुका है। महिला अभ्यर्थियों की स्थिति को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई।
मंत्री ने पहले दिया था भरोसा, अब नहीं दे रहे ध्यान- प्रदर्शनकारी
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के मुताबिक, इससे पहले भी उन्होंने नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन किया था। इस दौरान बिहार के आईटी मंत्री नीतीश मिश्रा से मुलाकात हुई थी। अभ्यर्थियों का कहना है कि मंत्री की ओर से ज्वॉइनिंग शुरू करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन तय समयसीमा में प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। इसके बाद अभ्यर्थियों ने दोबारा धरना शुरू किया है। 8 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम नीरज कुमार ने कहा कि अभ्यर्थी शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर 8 अक्टूबर तक सरकार की ओर से जॉइनिंग को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो अभ्यर्थी मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। 2024 में निकला था भर्ती का नोटिफिकेशन अभ्यर्थियों के अनुसार, वर्ष 2024 में BELTRON Programmer भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया गया था। 5 और 6 अगस्त 2025 को भर्ती परीक्षा आयोजित हुई। जनवरी 2026 में रिजल्ट जारी किया गया, जबकि मार्च 2026 में दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। इसके बाद 522 अभ्यर्थियों के चयन के बावजूद ज्वॉइनिंग नहीं कराई गई। मंत्री से तीन बार मुलाकात, फिर भी नहीं मिली ज्वॉइनिंग अभ्यर्थियों ने बताया कि जॉइनिंग की मांग को लेकर 1 सितंबर से पहले भी भूख हड़ताल और धरना शुरू किया गया था। 5 सितंबर को आईटी मंत्री नीतीश मिश्रा से मुलाकात हुई। इस दौरान 2 अक्टूबर तक जॉइनिंग प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन मिलने की बात अभ्यर्थियों ने कही। इसके बाद 11 सितंबर को अभ्यर्थियों ने दोबारा मंत्री से मुलाकात की। अभ्यर्थियों के मुताबिक, इस दौरान 10 दिनों के भीतर ज्वॉइनिंग शुरू करने का आश्वासन दिया गया था। 29 सितंबर को मंत्री से तीसरी बार मुलाकात हुई, लेकिन इस बार ज्वॉइनिंग को लेकर कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई गई। अभ्यर्थियों का कहना है कि लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं होने के कारण उन्हें 1 अक्टूबर से फिर अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल शुरू करनी पड़ी है। अगर सरकार इस पर ध्यान नहीं देगी, तो 8 अक्टूबर के बाद सीएम हाउस का घेराव किया जाएगा।

