चोट से उबरकर Carlos Alcaraz की शानदार वापसी, Japan Open Tennis फाइनल में दर्ज की जीत

चोट से उबरकर Carlos Alcaraz की शानदार वापसी, Japan Open Tennis फाइनल में दर्ज की जीत

कार्लोस अल्काराज ने चोट के कारण लंबे समय तक टेनिस से दूर रहने के बाद शानदार वापसी करते हुए मंगलवार को टोक्यो में जापान ओपन का खिताब अपने नाम कर लिया। दुनिया के नंबर 3 खिलाड़ी अल्काराज ने फाइनल में चेक गणराज्य के जिरी लेहेका को 7-6(4), 6-4 से हराकर लगातार दूसरी बार यह खिताब जीता है।यह जीत अल्काराज के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि कलाई की चोट के कारण वह अप्रैल में बार्सिलोना टूर्नामेंट के बाद सीधे अगस्त के आखिर में अमेरिकी ओपन में लौटे थे। टोक्यो में खेला गया यह उनकी वापसी के बाद सिर्फ दूसरा टूर्नामेंट था। ऐसे में खिताब जीतना उनके लिए फिटनेस और आत्मविश्वास दोनों के लिहाज से बड़ी राहत माना जा रहा है।अल्काराज ने मैच के बाद कहा कि लंबे समय बाद दोबारा ट्रॉफी उठाना उनके लिए बहुत खास है। उन्होंने माना कि पूरे सप्ताह वह अपना सर्वश्रेष्ठ खेल नहीं दिखा सके, लेकिन अहम मौकों पर सही फैसले लेने और जरूरी अंक जीतने में सफल रहे। उनके मुताबिक फाइनल पूरे सप्ताह का उनका सबसे अच्छा और लगातार बेहतर प्रदर्शन वाला मुकाबला रहा।फाइनल की शुरुआत हालांकि अल्काराज के लिए अच्छी नहीं रही। जिरी लेहेका ने पहले ही गेम में उनकी सर्विस तोड़कर आक्रामक शुरुआत की और शुरुआती दौर में आत्मविश्वास के साथ गेंद पर प्रहार किया। चेक खिलाड़ी ने पहले ही गेम में 3 ब्रेक प्वाइंट हासिल किए और तीसरे मौके को भुना लिया।लेकिन अल्काराज ने दबाव में अपना खेल बदल दिया। उन्होंने छठे गेम में शानदार बैकहैंड विजेता शॉट लगाकर सर्विस वापस हासिल की। पहले सेट के टाईब्रेक में भी लेहेका ने 4-2 की बढ़त बना ली थी, लेकिन इसके बाद अल्काराज ने लगातार 5 अंक जीतकर सेट अपने नाम कर लिया। इस दौरान उनके फोरहैंड ने खास भूमिका निभाई।दूसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला काफी कड़ा रहा। अल्काराज ने 7वें गेम में मैच की एकमात्र सर्विस ब्रेक हासिल की और फिर अपनी बढ़त बनाए रखते हुए 96 मिनट में मुकाबला खत्म कर दिया। आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने पहली सर्विस के बाद मिलने वाले 39 में से 33 अंक जीते, यानी 85 प्रतिशत अंक उनके नाम रहे।इस जीत के साथ अल्काराज ने 2025 बार्सिलोना फाइनल में होल्गर रूने के खिलाफ मिली हार के बाद से 500 स्तर के टूर्नामेंटों में अपना रिकॉर्ड 21-0 कर लिया है। वह टोक्यो खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करने वाले इतिहास के सिर्फ तीसरे पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले स्टीफन एडबर्ग ने 1989 से 1991 तक लगातार 3 बार और पीट सम्प्रास ने 1993 और 1994 में यह उपलब्धि हासिल की थी।चोट के दौरान अल्काराज के मन में वापसी को लेकर कई सवाल भी आए थे। उन्होंने बताया कि वह सोचते थे कि क्या वह पूरी तरह स्वस्थ होकर लौट पाएंगे, क्या पहले की तरह बिना दर्द के गेंद मार सकेंगे और क्या उनका खेल उसी स्तर पर रहेगा। हालांकि उन्होंने इन नकारात्मक विचारों को खुद पर हावी नहीं होने दिया। उनकी टीम और उन्हें भरोसा था कि पूरी तरह फिट होने के बाद वह बिना किसी डर के खेल सकेंगे।मौजूद जानकारी के अनुसार, 23 साल के अल्काराज पहले ही वर्ष के अंत में होने वाले निट्टो एटीपी फाइनल्स के लिए जगह पक्की कर चुके हैं। टोक्यो में खिताबी जीत के बाद वह बेन शेल्टन को पीछे छोड़ते हुए ट्यूरिन के लिए जारी दौड़ में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। ऐसे में चोट से वापसी के बाद यह खिताब अल्काराज के लिए साल के बाकी बड़े मुकाबलों से पहले आत्मविश्वास बढ़ाने वाली जीत साबित हुई है। 

कार्लोस अल्काराज ने चोट के कारण लंबे समय तक टेनिस से दूर रहने के बाद शानदार वापसी करते हुए मंगलवार को टोक्यो में जापान ओपन का खिताब अपने नाम कर लिया। दुनिया के नंबर 3 खिलाड़ी अल्काराज ने फाइनल में चेक गणराज्य के जिरी लेहेका को 7-6(4), 6-4 से हराकर लगातार दूसरी बार यह खिताब जीता है।

यह जीत अल्काराज के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि कलाई की चोट के कारण वह अप्रैल में बार्सिलोना टूर्नामेंट के बाद सीधे अगस्त के आखिर में अमेरिकी ओपन में लौटे थे। टोक्यो में खेला गया यह उनकी वापसी के बाद सिर्फ दूसरा टूर्नामेंट था। ऐसे में खिताब जीतना उनके लिए फिटनेस और आत्मविश्वास दोनों के लिहाज से बड़ी राहत माना जा रहा है।

अल्काराज ने मैच के बाद कहा कि लंबे समय बाद दोबारा ट्रॉफी उठाना उनके लिए बहुत खास है। उन्होंने माना कि पूरे सप्ताह वह अपना सर्वश्रेष्ठ खेल नहीं दिखा सके, लेकिन अहम मौकों पर सही फैसले लेने और जरूरी अंक जीतने में सफल रहे। उनके मुताबिक फाइनल पूरे सप्ताह का उनका सबसे अच्छा और लगातार बेहतर प्रदर्शन वाला मुकाबला रहा।

फाइनल की शुरुआत हालांकि अल्काराज के लिए अच्छी नहीं रही। जिरी लेहेका ने पहले ही गेम में उनकी सर्विस तोड़कर आक्रामक शुरुआत की और शुरुआती दौर में आत्मविश्वास के साथ गेंद पर प्रहार किया। चेक खिलाड़ी ने पहले ही गेम में 3 ब्रेक प्वाइंट हासिल किए और तीसरे मौके को भुना लिया।

लेकिन अल्काराज ने दबाव में अपना खेल बदल दिया। उन्होंने छठे गेम में शानदार बैकहैंड विजेता शॉट लगाकर सर्विस वापस हासिल की। पहले सेट के टाईब्रेक में भी लेहेका ने 4-2 की बढ़त बना ली थी, लेकिन इसके बाद अल्काराज ने लगातार 5 अंक जीतकर सेट अपने नाम कर लिया। इस दौरान उनके फोरहैंड ने खास भूमिका निभाई।

दूसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला काफी कड़ा रहा। अल्काराज ने 7वें गेम में मैच की एकमात्र सर्विस ब्रेक हासिल की और फिर अपनी बढ़त बनाए रखते हुए 96 मिनट में मुकाबला खत्म कर दिया। आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने पहली सर्विस के बाद मिलने वाले 39 में से 33 अंक जीते, यानी 85 प्रतिशत अंक उनके नाम रहे।

इस जीत के साथ अल्काराज ने 2025 बार्सिलोना फाइनल में होल्गर रूने के खिलाफ मिली हार के बाद से 500 स्तर के टूर्नामेंटों में अपना रिकॉर्ड 21-0 कर लिया है। वह टोक्यो खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करने वाले इतिहास के सिर्फ तीसरे पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले स्टीफन एडबर्ग ने 1989 से 1991 तक लगातार 3 बार और पीट सम्प्रास ने 1993 और 1994 में यह उपलब्धि हासिल की थी।

चोट के दौरान अल्काराज के मन में वापसी को लेकर कई सवाल भी आए थे। उन्होंने बताया कि वह सोचते थे कि क्या वह पूरी तरह स्वस्थ होकर लौट पाएंगे, क्या पहले की तरह बिना दर्द के गेंद मार सकेंगे और क्या उनका खेल उसी स्तर पर रहेगा। हालांकि उन्होंने इन नकारात्मक विचारों को खुद पर हावी नहीं होने दिया। उनकी टीम और उन्हें भरोसा था कि पूरी तरह फिट होने के बाद वह बिना किसी डर के खेल सकेंगे।

मौजूद जानकारी के अनुसार, 23 साल के अल्काराज पहले ही वर्ष के अंत में होने वाले निट्टो एटीपी फाइनल्स के लिए जगह पक्की कर चुके हैं। टोक्यो में खिताबी जीत के बाद वह बेन शेल्टन को पीछे छोड़ते हुए ट्यूरिन के लिए जारी दौड़ में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। ऐसे में चोट से वापसी के बाद यह खिताब अल्काराज के लिए साल के बाकी बड़े मुकाबलों से पहले आत्मविश्वास बढ़ाने वाली जीत साबित हुई है।

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