उत्तर प्रदेश Rajya Sabha चुनाव: BJP के 8 और सपा के 2 प्रत्याशियों की निर्विरोध जीत तय

उत्तर प्रदेश Rajya Sabha चुनाव: BJP के 8 और सपा के 2 प्रत्याशियों की निर्विरोध जीत तय

लखनऊ, छह अक्टूबर उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया मंगलवार को समाप्त होने के साथ ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आठ और समाजवादी पार्टी (सपा) के दो उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय हो गया है। दो निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं होने के कारण बाकी सभी 10 उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है। उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के 10 सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है, जिसके चलते इन सीट पर चुनाव कराया जा रहा है।

राज्यसभा चुनाव के निर्वाचन अधिकारी अजीत वर्मा ने मंगलवार को पीटीआई-को बताया कि तकनीकी रूप से 12 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें भाजपा के आठ और सपा के दो उम्मीदवार शामिल हैं। हालांकि निर्दलीय उम्मीदवार कंटे स्याना और ओंकार नाथ चौरसिया के नामांकन पत्रों में 10 विधायकों के अनिवार्य हस्ताक्षर नहीं हैं, इसलिए जांच के दौरान दोनों के नामांकन खारिज कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नामांकन पत्रों की जांच सात अक्टूबर को होगी और नौ अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकते हैं और अगर जरूरी हुआ तो 16 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा।

भाजपा के आठ उम्मीदवारों में उत्तर प्रदेश के मंत्री धर्मपाल सिंह एवं पार्टी के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल के साथ—साथ श्रुति गंगवार, विद्यासागर सोनकर, प्रियंका रावत, राधाकांत ओझा, गोपी कृष्ण पांडेय और राम प्रताप सिंह चौहान शामिल हैं। अंतिम दिन भाजपा उम्मीदवार धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडे, प्रियंका सिंह रावत, रामप्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार ने विधान भवन में अपना—अपना नामांकन दाखिल किया। इस मौके पर मौजूद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी उम्मीदवारों को अपनी शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक तथा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत प्रदेश के कई मंत्री भी मौजूद थे। सपा की ओर से पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज के कार्यकारी धनराज परिमल नाथवाणी पहले ही नामांकन दाखिल कर चुके हैं। सपा द्वारा तीसरा उम्मीदवार उतारकर मुकाबला दिलचस्प बनाने की अटकलों पर मंगलवार को पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विराम लगा दिया।

उन्होंने एक्स पर लिखा, अब हमारा ध्यान तीन पर नहीं, बल्कि 403 पर है। यादव उत्तर प्रदेश विधानसभा की 403 सीट के संदर्भ में 2027 के विधानसभा चुनाव की ओर इशारा कर रहे थे। इस पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सपा के अपना तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारने के कदम से स्पष्ट है कि उसने 2027 के विधानसभा चुनाव में अपनी हार स्वीकार कर ली है।

भाजपा के उम्मीदवारों ने नामांकन से पहले विधानसभा के सामने स्थित पार्टी कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इसके बाद वे ढोल-नगाड़ों के बीच नामांकन दाखिल करने पहुंचे। प्रकाश पाल ने कहा कि भाजपा ने सामाजिक प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया है और दावा किया कि सपा का ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) का दावा खोखला है।

विद्यासागर सोनकर ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता होना उनकी पहली पहचान है और उम्मीदवारों की सूची भाजपा के सबका साथ, सबका विकास, सबका सम्मान के संकल्प को दर्शाती है। राधाकांत ओझा ने दावा किया कि भाजपा की नजर 2027 के विधानसभा चुनाव में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने पर है। राम प्रताप सिंह चौहान ने भी सपा के पीडीए के नारे पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सभी वर्गों को समान महत्व देती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *