अमनौर में जीविका दीदियों की अनूठी पहल: ‘एक मुट्ठी अनाज’ से बाढ़ पीड़ितों को मिल रही राहत

अमनौर में जीविका दीदियों की अनूठी पहल: ‘एक मुट्ठी अनाज’ से बाढ़ पीड़ितों को मिल रही राहत

अमनौर (सारण) | बाढ़ की त्रासदी के बीच अमनौर प्रखण्ड की जीविका दीदियों ने मानवता और सामाजिक एकजुटता की मिसाल पेश की है। प्रखण्ड परियोजना प्रबंधक राकेश कुमार के नेतृत्व में ‘एक मुट्ठी अनाज’ अभियान लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। यह अभियान आज अपहर पंचायत के अपहर, विशुनपुर, सलखुआँ, जलालपुर एवं अन्य गाँवों की जीविका दीदियों द्वारा चलाया गया। अभियान के तहत सभी जीविका समूहों की दीदियों से स्वेच्छा से एक मुट्ठी अनाज दान करने का आग्रह किया गया। एकत्रित सामग्री को ढोलाहीं कैथल के भाथा मठिया एवं सोन्हों में बाढ़ से प्रभावित परिवारों तक पहुँचाया जा रहा है, साथ ही कल बसतपुर एवं अमनौर कल्याण के बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भी जीविका दीदियों के सहयोग से राहत सामग्री पहुँचाई गई थी।

दिनांक 05 अक्टूबर 2026 को इस नेक पहल में लगभग 72 समूहों की 158 जीविका दीदियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था। वहीं आज 06 अक्टूबर को अपहर पंचायत की 85 समूहों की लगभग 295 जीविका दीदियों ने इस अभियान में भाग लेकर इसे और व्यापक बना दिया। इस अभियान का नेतृत्व भारत संकुल संघ की अध्यक्ष बिध्यंती देवी एवं हिंदुस्तान संकुल संघ की अध्यक्ष ललाती देवी कर रही हैं। उनके साथ शोभा देवी, अनामिका कुमारी, सीमा देवी, चंदा देवी, वीणा यादव, आरती देवी, रूपा देवी सहित सैकड़ों जीविका दीदियाँ सक्रिय रूप से जुड़ कर मदद कर रही हैं।

जमीनी स्तर पर इस कार्य को सफल बनाने के लिए सामुदायिक समन्वयक नीरज कुमार एवं निक्की कुमारी लगातार मौजूद रहकर सहयोग कर रहे हैं। दान के रूप में सिर्फ चावल ही नहीं, बल्कि सब्जी, चूड़ा, बिस्कुट, आटा, आलू सहित अन्य खाद्य सामग्री भी एकत्रित की गई है, ताकि बाढ़ प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत मिल सके। इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए प्रखण्ड परियोजना प्रबंधक राकेश कुमार ने बताया कि अमनौर प्रखण्ड के अन्य सभी संकुल संघों द्वारा भी इस अभियान को चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक बाढ़ प्रभावित घरों तक मदद पहुँचाई जा सके।

इस पहल की सराहना करते हुए जिला परियोजना प्रबंधक अरुण कुमार ने कहा, “जीविका का उद्देश्य सिर्फ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना भी है। अमनौर की दीदियों द्वारा ‘एक मुट्ठी अनाज’ के रूप में शुरू की गई यह पहल उसी भावना का प्रतीक है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि अमनौर के अलावा अन्य प्रखण्ड भी इस अभियान से जुड़ेंगे और जरूरतमंदों तक मदद पहुँचाएंगे। मैं सभी दीदियों को इस नेक कार्य के लिए हृदय से धन्यवाद देता हूँ।”

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