चेन्नई, छह अक्टूबर तमिलनाडु की दो विधानसभा सीट और पुडुचेरी की एक विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान जारी है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। तमिलनाडु में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीट पर अपराह्न तीन बजे तक क्रमश: 70.31 प्रतिशत और 68.08 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, पुडुचेरी की थट्टांचावडी सीट पर इसी समय तक 68.91 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। तमिलनाडु में हो रहे इन उपचुनावों को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसका असर न केवल सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार पर पड़ सकता है, बल्कि मुख्य विपक्षी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और अन्नाद्रमुक के लिए भी यह चुनाव महत्वपूर्ण है।
अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव में अन्नाद्रमुक तीसरे स्थान पर खिसक गई थी। पुडुचेरी में उपचुनाव को मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के नेतृत्व वाली चार महीने पुरानी राजग सरकार की लोकप्रियता की परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। रंगासामी के थट्टांचावडी सीट से इस्तीफा देने के कारण यहां उपचुनाव कराना पड़ा।
अधिकारियों ने बताया कि किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। कुछ मतदान केंद्रों पर ईवीएम-वीवीपैट उपकरणों में आई मामूली तकनीकी दिक्कतों को अधिकारियों ने तुरंत दूर कर दिया। मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और शाम छह बजे तक चलेगा।
एक चुनाव अधिकारी ने बताया कि सुबह से ही दोनों विधानसभा क्षेत्रों के मतदान केंद्रों पर विभिन्न आयु वर्ग के मतदाताओं की लगातार आवाजाही बनी हुई है। मदुरांतकम में अपराह्न तीन बजे तक कुल 2,13,788 मतदाताओं में से 70.31 प्रतिशत ने मतदान किया। इनमें 1,04,926 पुरुष, 1,08,797 महिलाएं और तृतीय लिंग के 65 मतदाता हैं।
मदुरांतकम में सुरक्षा के लिए राज्य पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के 3,000 से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया है। यहां 285 मतदान केंद्र हैं। मदुरांतकम में कुल 27 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
प्रमुख उम्मीदवारों में सत्तारूढ़ टीवीके की के. मरागाथम कुमारवेल, द्रमुक के आई. परंथामेन, अन्नाद्रमुक की कनिता संपत, माकपा की पी. सुगंती और एनटीके के जानकीरमन शामिल हैं। वामपंथी उम्मीदवार पी. सुगंती ने संवाददाताओं से कहा कि चार महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव की तुलना में युवाओं की भागीदारी स्पष्ट रूप से कम रही है। मतदान करने और अपने निर्वाचन क्षेत्र के कुछ मतदान केंद्रों का दौरा करने के बाद टीवीके की कुमारवेल ने दावा किया कि स्थानीय लोगों के साथ उनका मजबूत और व्यक्तिगत संबंध है तथा वह उन्हें अपने परिवार का हिस्सा मानती हैं।
उनके प्रतिद्वंद्वी द्रमुक उम्मीदवार परंथामेन ने दावा किया कि उन्हें मतदाताओं के ‘खुश चेहरे’ साफ नजर आ रहे हैं और उन्होंने इस बार विपक्षी दल के पक्ष में बदलाव लाने का फैसला किया है। धारापुरम में उपचुनाव में कुल 22 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें पी. सत्यभामा (टीवीके), एस. सुगन्या (द्रमुक), के. भानुमति (अन्नाद्रमुक), पी. लक्ष्मणन (भाकपा) और एम. कार्तिका (एनटीके) प्रमुख उम्मीदवार हैं।
धारापुरम में कुल 2,23,306 मतदाता हैं, जिनमें 1,07,285 पुरुष, 1,16,013 महिलाएं और तृतीय लिंग के आठ मतदाता हैं। यहां भी 3,000 से अधिक पुलिसकर्मी ड्यूटी पर तैनात हैं और 320 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मई में सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली अल्पमत टीवीके सरकार के लिए ये उपचुनाव पहला चुनावी परीक्षण हैं।
मुख्य विपक्षी द्रमुक के लिए भी ये उपचुनाव महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि लंबे समय बाद पार्टी पहली बार कांग्रेस समेत अपने पुराने सहयोगियों के समर्थन के बिना चुनाव का सामना कर रही है। टीवीके ने कांग्रेस, वीसीके और आईयूएमएल के समर्थन से अपनी पहली सरकार बनाई थी। इसके अलावा उसे वाम दलों का बाहर से समर्थन मिला था, लेकिन अब वाम दल विभिन्न मुद्दों पर मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना कर रहे हैं।
वाम मोर्चा न तो टीवीके के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल हुआ और न ही सरकार का हिस्सा बना। उसने उपचुनाव में अपने उम्मीदवार उतारे हैं। अन्नाद्रमुक पर भी चुनावी वापसी करने का भारी दबाव है।
यह दल तीन दशक से अधिक समय तक तमिलनाडु में सत्ता में रहा है। विपक्षी दलों-अन्नाद्रमुक, द्रमुक और वाम दलों के चुनाव प्रचार में दल-बदल और विश्वासघात के आरोप प्रमुख मुद्दे रहे। टीवीके की उम्मीदवार कुमारवेल और सत्यभामा ने एम. जी. रामचंद्रन द्वारा स्थापित इस प्रतिष्ठित पार्टी तथा विधायक पद से इस्तीफा देकर टीवीके का दामन थामा था।
सत्तारूढ़ दल की जीत उसके नेतृत्व के लिए जनादेश मानी जाएगी, जबकि हार इसके विपरीत संकेत दे सकती है। मदुरांतकम के थंडराई मतदान केंद्र पर कुछ समय के लिए मतदान रोक दिया गया। द्रमुक एजेंटों ने आरोप लगाया कि टीवीके के ‘सीटी’ चुनाव चिह्न के बगल में ईवीएम के बटन पर अमिट स्याही के निशान थे।
चुनाव अधिकारियों ने तुरंत मशीन की जांच की, समस्या दूर की और मतदान फिर शुरू करा दिया। मदुरांतकम के विल्वरायनल्लूर मतदान केंद्र पर द्रमुक कार्यकर्ताओं ने स्थानीय पुलिस पर आरोप लगाया कि उसने सत्तारूढ़ टीवीके के कार्यकर्ताओं को निर्वाचन आयोग की आदर्श आचार संहिता के तहत निर्धारित दूरी से बहुत ही कम दूरी पर मतदान केंद्र के प्रवेश द्वार के करीब खड़े होने की अनुमति दी। कुछ मतदान केंद्रों पर सुबह वीवीपैट या ईवीएम कनेक्शन संबंधी मामूली तकनीकी दिक्कतों के कारण मॉक पोल में थोड़ी देरी हुई, लेकिन अतिरिक्त इंजीनियरों ने इन्हें दूर कर दिया और आधिकारिक मतदान सुचारू रूप से शुरू हो गया।
दोपहर में गर्मी बढ़ने के साथ मतदान की गति कुछ धीमी हुई, लेकिन बाद में इसमें फिर तेजी आई।

