प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी (ITLA) बनाने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी। उन्होंने कहा कि ITLA सड़क, रेलवे, बंदरगाह और शिपिंग, नागरिक उड्डयन, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय शिपिंग, शहरी आवागमन और लॉजिस्टिक्स को शामिल करते हुए एक लंबी अवधि की परिवहन योजना तैयार करेगा।
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सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का टेक्निकल मूल्यांकन
यह 500 करोड़ रुपये या उससे ज़्यादा लागत वाले सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का टेक्निकल मूल्यांकन भी करेगा। फाइनेंशियल मूल्यांकन मौजूदा फाइनेंशियल मूल्यांकन सिस्टम के ज़रिए ही किया जाता रहेगा। यह अथॉरिटी 500 करोड़ रुपये से ज़्यादा लागत वाले ट्रांसपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लागू होने की निगरानी करेगी और समस्याओं को सुलझाने के लिए एक कोऑर्डिनेटेड सिस्टम उपलब्ध कराएगी। यह इन प्रोजेक्ट्स के लागू होने के बाद उनके असर का मूल्यांकन भी करेगी।
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SME को बढ़ावा देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का फंड
कैबिनेट ने भविष्य की बड़ी कंपनियाँ (चैंपियन) बनाने के लिए छोटे और मध्यम उद्यमों (SME) में सीधे इक्विटी निवेश के मकसद से ‘SME ग्रोथ फंड’ बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये को भी मंज़ूरी दी। SME ग्रोथ फंड (SGF) भारत के छोटे और मध्यम उद्यमों (SME) के लिए ग्रोथ-ओरिएंटेड कैपिटल को बढ़ावा देगा और मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन-बेस्ड सेक्टर और स्ट्रैटेजिक वैल्यू चेन में बड़ी भारतीय कंपनियाँ (चैंपियन) तैयार करेगा। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कैबिनेट ने “भविष्य की बड़ी कंपनियाँ (चैंपियन) बनाने के लिए छोटे और मध्यम उद्यमों में सीधे इक्विटी निवेश के मकसद से SME ग्रोथ फंड बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता” को मंज़ूरी दी है। इस फंड की घोषणा केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई थी।

