देश में चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची में गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए विपक्षी दलों के सांसदों ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपने राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत विपक्षी सांसद मंगलवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे संसद परिसर से निर्वाचन सदन (मुख्य चुनाव आयोग कार्यालय) तक पैदल मार्च निकालेंगे। इस विरोध प्रदर्शन में विभिन्न विपक्षी दलों के प्रमुख नेता और सांसद बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
विपक्ष के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत निकाले जा रहे इस मार्च में विभिन्न विपक्षी दलों के प्रमुख नेता और सांसद शामिल होंगे। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोमवार को कहा था कि विपक्ष को उम्मीद है कि मार्च शांतिपूर्ण रहेगा और पुलिस सांसदों को रोकने की कोशिश नहीं करेगी। विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर निर्वाचन आयोग तथा केंद्र सरकार से जवाब मांगा जाना जरूरी है। विपक्षी सांसद संसद परिसर में एकत्र होने के बाद निर्वाचन सदन की ओर कूच करेंगे। मार्च के दौरान वे बैनर और तख्तियां लेकर अपनी मांगें उठा सकते हैं। विपक्षी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर रोक लगाने और मतपत्र से चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं।
इसे भी पढ़ें: Bilateral Investment Treaty का नया ढांचा तैयार, जल्द मिलेगी कैबिनेट की मंजूरी: Nirmala Sitharaman
शांतिपूर्ण प्रदर्शन की उम्मीद, बैनर-तख्तियों के साथ जुटेंगे सांसद
संसद परिसर में एकत्र होने के बाद सभी विपक्षी सांसद बैनर और तख्तियां लेकर निर्वाचन सदन की ओर प्रस्थान करेंगे। प्रदर्शन के दौरान चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
इसे भी पढ़ें: TVK के INDIA गठबंधन में जुड़ने से तमिलनाडु में विपक्षी मोर्चा मजबूत होगा: मणिकम टैगोर
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोमवार को इस मार्च के संबंध में कहा कि विपक्ष को उम्मीद है कि यह प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहेगा और पुलिस सांसदों को रोकने की कोशिश नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार को मतदाता सूची तथा चुनावी प्रक्रिया से जुड़े गंभीर सवालों के जवाब देने ही होंगे।
विपक्ष का कहना है कि लोकतंत्र की रक्षा और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए यह राष्ट्रव्यापी अभियान बेहद आवश्यक है।

