बिहार की कार्यवाहक DGP प्रीता वर्मा को एक्सटेंशन दिया गया है। राज्य सरकार ने उन्हें अगले आदेश तक DGP का अतिरिक्त प्रभार संभालने की अनुमति दी है। गृह विभाग ने 5 अक्टूबर को इससे जुड़ी अधिसूचना जारी की है। प्रीता वर्मा को 15 सितंबर 2026 को बिहार के DGP का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। अब सरकार ने उनके प्रभार की अवधि को आगे बढ़ा दिया है। यानी नया आदेश जारी होने तक वही बिहार पुलिस की कमान संभालती रहेंगी। प्रीता वर्मा 1991 बैच की IPS अधिकारी हैं। फिलहाल उनके पास गृह रक्षा वाहिनी और अग्निशमन सेवाओं के DG की जिम्मेदारी भी है। बिहार की पहली महिला IPS, जिन्होंने DGP की कमान संभाली प्रीता वर्मा बिहार पुलिस के इतिहास में DGP की जिम्मेदारी संभालने वाली पहली महिला IPS अधिकारी हैं। वे राज्य की वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारियों में शामिल हैं। इससे पहले वे DG ट्रेनिंग के पद पर भी रह चुकी हैं। केंद्र में प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने KVIC की CEO की जिम्मेदारी संभाली थी। राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित प्रीता वर्मा को 2023 में विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था। वरिष्ठता के लिहाज से भी उनका नाम बिहार के प्रमुख पुलिस अधिकारियों में शामिल रहा है। गृह विभाग की 5 अक्टूबर की अधिसूचना में साफ किया गया है कि 15 सितंबर को दिए गए DGP के अतिरिक्त प्रभार को अगले आदेश तक जारी रखा जाएगा। साल 2028 में रिटार्यमेंट, 12 लाख से ज्यादा की हैं मालकिन बता दें कि 2 साल बाद 2028 में प्रीता वर्मा रिटायर्ड हो जाएंगी। प्रीता वर्मा ने साल 2025 के लिए अपनी संपत्ति और देनदारियों का विवरण घोषित किया है। घोषणा के अनुसार उनके पास ₹35 हजार कैश और बैंक/वित्तीय संस्थानों में करीब ₹12.08 लाख कैश जमा हैं। उनके पास करीब 60 तोला सोने के गहने, जिनकी अनुमानित कीमत ₹35 लाख, करीब 3 किलो चांदी के जेवरात और अन्य सामान मौजूद हैं। इसकी कीमत करीब ₹1.80 लाख बताई गई है। LIC की कई पॉलिसियां और एक SBI फिक्स्ड डिपॉजिट भी दर्ज है। घोषणा में अचल संपत्ति, मकान/अपार्टमेंट और जमीन के कॉलम में कोई राशि दर्ज नहीं है। आयकर के रूप में ₹9,32,788 की राशि दर्ज है। बिहार की कार्यवाहक DGP प्रीता वर्मा को एक्सटेंशन दिया गया है। राज्य सरकार ने उन्हें अगले आदेश तक DGP का अतिरिक्त प्रभार संभालने की अनुमति दी है। गृह विभाग ने 5 अक्टूबर को इससे जुड़ी अधिसूचना जारी की है। प्रीता वर्मा को 15 सितंबर 2026 को बिहार के DGP का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। अब सरकार ने उनके प्रभार की अवधि को आगे बढ़ा दिया है। यानी नया आदेश जारी होने तक वही बिहार पुलिस की कमान संभालती रहेंगी। प्रीता वर्मा 1991 बैच की IPS अधिकारी हैं। फिलहाल उनके पास गृह रक्षा वाहिनी और अग्निशमन सेवाओं के DG की जिम्मेदारी भी है। बिहार की पहली महिला IPS, जिन्होंने DGP की कमान संभाली प्रीता वर्मा बिहार पुलिस के इतिहास में DGP की जिम्मेदारी संभालने वाली पहली महिला IPS अधिकारी हैं। वे राज्य की वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारियों में शामिल हैं। इससे पहले वे DG ट्रेनिंग के पद पर भी रह चुकी हैं। केंद्र में प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने KVIC की CEO की जिम्मेदारी संभाली थी। राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित प्रीता वर्मा को 2023 में विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था। वरिष्ठता के लिहाज से भी उनका नाम बिहार के प्रमुख पुलिस अधिकारियों में शामिल रहा है। गृह विभाग की 5 अक्टूबर की अधिसूचना में साफ किया गया है कि 15 सितंबर को दिए गए DGP के अतिरिक्त प्रभार को अगले आदेश तक जारी रखा जाएगा। साल 2028 में रिटार्यमेंट, 12 लाख से ज्यादा की हैं मालकिन बता दें कि 2 साल बाद 2028 में प्रीता वर्मा रिटायर्ड हो जाएंगी। प्रीता वर्मा ने साल 2025 के लिए अपनी संपत्ति और देनदारियों का विवरण घोषित किया है। घोषणा के अनुसार उनके पास ₹35 हजार कैश और बैंक/वित्तीय संस्थानों में करीब ₹12.08 लाख कैश जमा हैं। उनके पास करीब 60 तोला सोने के गहने, जिनकी अनुमानित कीमत ₹35 लाख, करीब 3 किलो चांदी के जेवरात और अन्य सामान मौजूद हैं। इसकी कीमत करीब ₹1.80 लाख बताई गई है। LIC की कई पॉलिसियां और एक SBI फिक्स्ड डिपॉजिट भी दर्ज है। घोषणा में अचल संपत्ति, मकान/अपार्टमेंट और जमीन के कॉलम में कोई राशि दर्ज नहीं है। आयकर के रूप में ₹9,32,788 की राशि दर्ज है।

