खगड़िया में दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और विधि-व्यवस्था का विस्तृत प्लान तैयार किया है। सोमवार को जिलाधिकारी विक्रम विरकर और पुलिस अधीक्षक पुष्कर आनंद ने अधिकारियों के साथ बैठक कर पूजा पंडालों, प्रतिमा विसर्जन, यातायात और भीड़ नियंत्रण को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। जिले में इस बार कुल 97 लाइसेंसी दुर्गा पूजा प्रतिमाएं स्थापित होंगी। इनमें गोगरी अनुमंडल में 51 और खगड़िया अनुमंडल में 46 प्रतिमाएं शामिल हैं। 8 अक्टूबर तक लेना होगा पूजा का लाइसेंस प्रशासन ने सभी पूजा समितियों को 8 अक्टूबर तक लाइसेंस लेने का निर्देश दिया है। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अनुमंडल और जिला स्तर पर क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) गठित की जाएगी। वहीं जिला नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहेगा। इसका नंबर 06244-222384 है। पंडालों में बिजली और आग से सुरक्षा की होगी जांच पूजा पंडालों में विद्युत कनेक्शन, भवन निर्माण और अग्निशमन से जुड़े सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य किया गया है। पूजा समितियों को आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है। संबंधित विभाग पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच और निगरानी करेंगे, ताकि किसी तरह की लापरवाही से हादसा न हो। विसर्जन घाटों पर पुलिस और गोताखोरों की तैनाती प्रतिमा विसर्जन के दौरान घाटों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। पुलिस बल के साथ गोताखोरों की तैनाती की जाएगी। भीड़ और यातायात को नियंत्रित करने के लिए भी आवश्यक व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन ने विसर्जन के दौरान डीजे पर पूरी तरह प्रतिबंध रखने का निर्देश दिया है। 24 घंटे उपलब्ध रहेगी इमरजेंसी मेडिकल सेवा दुर्गा पूजा के दौरान किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। जिला मुख्यालय और अनुमंडल स्तर पर 24 घंटे आकस्मिक चिकित्सा सेवा उपलब्ध रहेगी। सिविल सर्जन को आवश्यक चिकित्सकीय व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। रावण वध कार्यक्रम में भीड़ नियंत्रण पर फोकस पिछले साल जिले में पांच स्थानों पर रावण वध कार्यक्रम हुए थे। इस बार भी आयोजन स्थलों के चयन, भीड़ नियंत्रण और विधि-व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाएगी। इन स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही अवैध शराब के खिलाफ जांच और छापेमारी तेज करने को कहा गया है। खगड़िया में दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और विधि-व्यवस्था का विस्तृत प्लान तैयार किया है। सोमवार को जिलाधिकारी विक्रम विरकर और पुलिस अधीक्षक पुष्कर आनंद ने अधिकारियों के साथ बैठक कर पूजा पंडालों, प्रतिमा विसर्जन, यातायात और भीड़ नियंत्रण को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। जिले में इस बार कुल 97 लाइसेंसी दुर्गा पूजा प्रतिमाएं स्थापित होंगी। इनमें गोगरी अनुमंडल में 51 और खगड़िया अनुमंडल में 46 प्रतिमाएं शामिल हैं। 8 अक्टूबर तक लेना होगा पूजा का लाइसेंस प्रशासन ने सभी पूजा समितियों को 8 अक्टूबर तक लाइसेंस लेने का निर्देश दिया है। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अनुमंडल और जिला स्तर पर क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) गठित की जाएगी। वहीं जिला नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहेगा। इसका नंबर 06244-222384 है। पंडालों में बिजली और आग से सुरक्षा की होगी जांच पूजा पंडालों में विद्युत कनेक्शन, भवन निर्माण और अग्निशमन से जुड़े सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य किया गया है। पूजा समितियों को आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है। संबंधित विभाग पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच और निगरानी करेंगे, ताकि किसी तरह की लापरवाही से हादसा न हो। विसर्जन घाटों पर पुलिस और गोताखोरों की तैनाती प्रतिमा विसर्जन के दौरान घाटों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। पुलिस बल के साथ गोताखोरों की तैनाती की जाएगी। भीड़ और यातायात को नियंत्रित करने के लिए भी आवश्यक व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन ने विसर्जन के दौरान डीजे पर पूरी तरह प्रतिबंध रखने का निर्देश दिया है। 24 घंटे उपलब्ध रहेगी इमरजेंसी मेडिकल सेवा दुर्गा पूजा के दौरान किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। जिला मुख्यालय और अनुमंडल स्तर पर 24 घंटे आकस्मिक चिकित्सा सेवा उपलब्ध रहेगी। सिविल सर्जन को आवश्यक चिकित्सकीय व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। रावण वध कार्यक्रम में भीड़ नियंत्रण पर फोकस पिछले साल जिले में पांच स्थानों पर रावण वध कार्यक्रम हुए थे। इस बार भी आयोजन स्थलों के चयन, भीड़ नियंत्रण और विधि-व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाएगी। इन स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही अवैध शराब के खिलाफ जांच और छापेमारी तेज करने को कहा गया है।

