समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वनस्पति राज में मंदिर में चोरी करवाने वाले उन भाजपाई चढ़ावा चोरों की झूठी बातों का भरोसा अब कोई नहीं कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि अन्याय, अत्याचार और भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा के चलते प्रदेश की जनता चुनाव का इंतजार कर रही है और चुनाव घोषित होते ही भाजपा हार जाएगी। उन्होंने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार के पैसों को सोने की सिल्ली में ढलवाया जा रहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि जिन लोगों ने अपने ऊपर से मुकदमे हटवाए, पूज्य शंकराचार्य तक पर प्रहार करवाए और भद्दे आरोप लगवाए, संविधान का विरोध करने के लिए बाबासाहेब की मूर्तियों तक को तुड़वा रहे हों, अल्पसंख्यकों के खिलाफ नाइंसाफी की हर हद पार कर गए हों और ‘हाथरस की बेटी’ के साथ अंतिम संस्कार तक का न्याय न किया हो, उनकी बातों पर अब भरोसा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों को ‘हाता नहीं भाता’, इन्होंने एक युवा विधवा को जेल में तड़पाया और प्रोफेसर, पत्रकार व ईमानदार अधिकारी तक को अभद्र शब्दों से संबोधित किया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉरिडोर, पुल, एक्सप्रेस-वे और मंदिर के नाम पर पैसे खाने वाले, अपने सत्ता-सजातीयों को हर अपराध के बाद बचाने वाले और जनता के टैक्स के 2.5 करोड़ रुपये हर दिन अपनी नकली छवि बनाने पर लुटाने वाले भाजपाइयों पर जनता का भरोसा खत्म हो चुका है। उन्होंने विपक्ष पर झूठे मुकदमे लगवाने, विरोधियों के फेक एनकाउंटर करवाने, बुलडोजर से घर गिरवाने और स्कूल बंद करवाने का भी आरोप लगाया। साथ ही कहा कि उनके अपने विधायक तक विरोध कर रहे हैं और भ्रष्टाचार के पैसे सोने की सिल्ली में ढलवाए जा रहे हैं। अखिलेश ने कमरतोड़ महंगाई, प्रशासनिक अक्षमता, बिजली-पानी-सड़क जैसी बुनियादी जरूरतों की कमी, किसानों को फसल का सही दाम न मिलना, खाद-सिंचाई-बिजली की समस्या, छुट्टा पशुओं से खेती का नुकसान और व्यापार-कारोबार को दूसरे राज्यों के ठेकेदारों को नीलाम करने का जिक्र किया। उन्होंने जीएसटी की मार, हस्तशिल्पकारों पर विदेशी डील का असर, नौकरियों में आरक्षण का हक मारने, यश भारती सम्मान बंद करने और सरकारी संपत्ति बेचने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा शासनकाल महिलाओं के खिलाफ अपराध व हिंसा में नंबर वन रहा, हिरासत में मौतों का रिकॉर्ड बना, ‘क्राइम के खिलाफ जीरो टॉलरेंस’ का दावा जीरो हो गया और ‘हथेली गरम, पुलिस नरम’ का फॉर्मूला चल पड़ा। आईपीएस फरार होने, थानों पर छापे पड़ने, ‘कोडीन भाई’ और ‘वनस्पतिगंज’ जैसी चर्चा, भूमाफियाओं-जमाखोरों-मिलावटखोरों के बोलबाले और पीडीए समाज के लोगों के साथ कथित दुर्व्यवहार का भी उन्होंने उल्लेख किया। अखिलेश यादव ने शिक्षक, शिक्षार्थी, आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पुरानी पेंशन की मांग करने वाले, भर्ती प्रक्रिया में फंसे अभ्यर्थी, वकील, बीएलओ, प्रधान और अन्य वर्गों की उपेक्षा का जिक्र करते हुए कहा कि डबल इंजन की आपसी टकराहट में उत्तर प्रदेश पिस रहा है। बाढ़, अधिकारियों में घूसखोरी की होड़ और अपराध-अराजकता व बजट की लूट चरम पर होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे भाजपाइयों पर अब प्रदेश की जनता को कोई भरोसा नहीं है।

