‘3 डिसमिल जमीन के लिए उमड़ा जनसैलाब’:नवादा कलेक्ट्रेट में अफरा-तफरी, दूर-दराज के प्रखंडों से कागजात जमा कराने पहुंचीं महिलाएं

‘3 डिसमिल जमीन के लिए उमड़ा जनसैलाब’:नवादा कलेक्ट्रेट में अफरा-तफरी, दूर-दराज के प्रखंडों से कागजात जमा कराने पहुंचीं महिलाएं

नवादा समाहरणालय परिसर में सोमवार को तीन डिसमिल जमीन पाने की उम्मीद में बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंच गईं। जिले के अलग-अलग प्रखंडों से आई महिलाओं की भीड़ देखते ही देखते इतनी बढ़ गई कि पूरे परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। कागजात जमा कराने के लिए महिलाओं की लंबी कतार लग गई। भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिसकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। भूमिहीन परिवारों को जमीन देने की चल रही प्रक्रिया बताया जा रहा है कि भूमिहीन और आवासहीन गरीब परिवारों को घर बनाने के लिए आवासीय भूमि उपलब्ध कराने की सरकारी योजना के तहत प्रक्रिया चल रही है। इसी के तहत पात्र परिवारों को करीब तीन डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने का प्रावधान है। योजना का लाभ लेने के लिए जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में लोग अपने दावे से जुड़े दस्तावेज जमा कराने जिला मुख्यालय पहुंचे। दूर-दराज से पहुंचीं महिलाएं, कागज जमा कराने की चिंता समाहरणालय पहुंची महिलाओं का कहना था कि वे काफी दूर-दराज के इलाकों से आई हैं। उनकी कोशिश है कि जरूरी कागजात समय पर जमा हो जाएं, ताकि जमीन मिलने की प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो। सुबह से ही महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ती गई और कुछ ही देर में परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई। कतार से लेकर परिसर तक हर तरफ भीड़ लंबी कतार और बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से समाहरणालय परिसर में गहमागहमी का माहौल रहा। भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए पुलिसकर्मियों को लगातार प्रयास करना पड़ा। कई लोगों को अपनी बारी के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। तीन डिसमिल जमीन की उम्मीद में बढ़ी सक्रियता तीन डिसमिल जमीन को लेकर सिर्फ जिला मुख्यालय ही नहीं, बल्कि जिले के अलग-अलग प्रखंडों में भी गरीब और भूमिहीन परिवारों की सक्रियता बढ़ी है। लोग आवेदन और दस्तावेज जमा कर इस उम्मीद में हैं कि उन्हें घर बनाने के लिए सरकारी स्तर पर जमीन उपलब्ध हो सकेगी। जांच के बाद तय होगी पात्र लाभुकों की संख्या अब जमा किए गए दस्तावेजों की जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि कितने परिवार योजना के लिए पात्र पाए जाते हैं और वास्तव में कितने भूमिहीन परिवारों को तीन डिसमिल जमीन का लाभ मिल पाता है। नवादा समाहरणालय परिसर में सोमवार को तीन डिसमिल जमीन पाने की उम्मीद में बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंच गईं। जिले के अलग-अलग प्रखंडों से आई महिलाओं की भीड़ देखते ही देखते इतनी बढ़ गई कि पूरे परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। कागजात जमा कराने के लिए महिलाओं की लंबी कतार लग गई। भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिसकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। भूमिहीन परिवारों को जमीन देने की चल रही प्रक्रिया बताया जा रहा है कि भूमिहीन और आवासहीन गरीब परिवारों को घर बनाने के लिए आवासीय भूमि उपलब्ध कराने की सरकारी योजना के तहत प्रक्रिया चल रही है। इसी के तहत पात्र परिवारों को करीब तीन डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने का प्रावधान है। योजना का लाभ लेने के लिए जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में लोग अपने दावे से जुड़े दस्तावेज जमा कराने जिला मुख्यालय पहुंचे। दूर-दराज से पहुंचीं महिलाएं, कागज जमा कराने की चिंता समाहरणालय पहुंची महिलाओं का कहना था कि वे काफी दूर-दराज के इलाकों से आई हैं। उनकी कोशिश है कि जरूरी कागजात समय पर जमा हो जाएं, ताकि जमीन मिलने की प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो। सुबह से ही महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ती गई और कुछ ही देर में परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई। कतार से लेकर परिसर तक हर तरफ भीड़ लंबी कतार और बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से समाहरणालय परिसर में गहमागहमी का माहौल रहा। भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए पुलिसकर्मियों को लगातार प्रयास करना पड़ा। कई लोगों को अपनी बारी के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। तीन डिसमिल जमीन की उम्मीद में बढ़ी सक्रियता तीन डिसमिल जमीन को लेकर सिर्फ जिला मुख्यालय ही नहीं, बल्कि जिले के अलग-अलग प्रखंडों में भी गरीब और भूमिहीन परिवारों की सक्रियता बढ़ी है। लोग आवेदन और दस्तावेज जमा कर इस उम्मीद में हैं कि उन्हें घर बनाने के लिए सरकारी स्तर पर जमीन उपलब्ध हो सकेगी। जांच के बाद तय होगी पात्र लाभुकों की संख्या अब जमा किए गए दस्तावेजों की जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि कितने परिवार योजना के लिए पात्र पाए जाते हैं और वास्तव में कितने भूमिहीन परिवारों को तीन डिसमिल जमीन का लाभ मिल पाता है।  

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